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*मध्य प्रदेश समाचार:प्रदेश के 26 जिलों में हुई बारिश,टनल प्रोजेक्ट बना मौत का रास्ता,आपातकाल में मीसाबंदियों का संघर्ष स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों जैसा… CM मोहन यादव*

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश में आपातकाल लागू किए जाने की 50वीं बरसी पर तत्कालीन सरकार की नीतियों पर हमला बोला, साथ ही उन्होंने कहा कि गणतंत्र की रक्षा के लिए जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित सभी देशभक्तों ने आपातकाल के संघर्ष में जो कुर्बानी दी, वह सदा ये लिए स्मरणीय है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उस संघर्ष और कुर्बानी का ही प्रतिफल है कि आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र सुरक्षित है. उन्होंने कहा कि भारत में संघ परिवार ने लोकतंत्र की पुनर्स्थापित करने का काम किया था. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, हमारे मार्गदर्शक लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और श्रद्धेय मोरारजी देसाई सहित विपक्ष के सभी नेताओं ने एक स्वर में आपातकाल का विरोध करते हुए लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया.

मीसाबंदियों को लोकतंत्र सेनानी का नाम दिया गया

उन्होंने कहा कि यह स्वाधीनता संग्राम में क्रांतिकारियों के संघर्ष और बलिदान की याद दिलाता है. इसीलिए सभी मीसाबंदियों को लोकतंत्र सेनानी नाम मिला है. उन्होंने कहा कि एशिया में लोकतंत्र कहीं बचा है तो उसमें जनता पार्टी सहित विपक्षी नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है. उल्लेखनीय है कि 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लागू किया गया था. इसे लोकतंत्र के लिए काला दिन माना जाता है.

‘मोनालिसा’ की पड़ोसन लापता, मां बोली- शादीशुदा युवक उसे उठा ले गया

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में रहने वाली वायरल गर्ल मोनालिसा की नाबालिग पड़ोसन एक महीने से लापता है. एक महीने पहले दी गई शिकायत के बाद भी अब तक युवती का कुछ पता नहीं चल पाया है. युवती की मां ने खरगोन के एसपी से मिलकर अपनी बच्ची को ढूंढने की गुहार लगाई है. युवती माला बेचने के लिए दूसरे राज्य गई थी, लेकिन वह अब तक लौट के नहीं आई. पुलिस ने युवती की तलाश तेज कर दी है.

खरगोन जिले के महेश्वर थाना क्षेत्र में रहने वाली प्रयागराज कुंभ की वायरल गर्ल ‘मोनालिसा’ की पड़ोसन के गायब होने की घटना सामने आई है. पीड़ित परिवार ने एक महीने पहले अपनी बेटे की गुमशुदगी की शिकायत महेश्वर थाने में दर्ज कराई थी. बावजूद इसके पुलिस अभी तक युवती को नहीं खोज पाई. इतना समय बीत जाने के बाद भी जब युवती नहीं मिली, तो पीड़ित मां ने खरगोन में एसपी धर्मराज मीना से मिलकर बेटी को जल्द से जल्द खोजने की गुहार लगाई.

पीड़ित मां ने बताया कि उसकी 15 साल की बेटी माला बेचने के लिए एक महीने पहले महाराष्ट्र गई थी और अब तक लौट के नहीं आई. उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है. मां का आरोप है कि एक 25 साल का शादीशुदा युवक उसकी बेटी को कहीं बहला फुसलाकर उठा ले गया है. परिवार बीते एक महीने से पुलिस से बेटी को खोज कर लाने की गुहार लगा रहा है, लेकिन अब तक पुलिस को मामले में कोई सफलता हाथ नहीं लगी.

एसपी ने दिया नाबालिग को ढूंढने आश्वासन

परिजनों ने नाबालिग के महाराष्ट्र के एदलाबाद में होने का शक भी जाहिर किया है. जानकारी देते हुए एसपी धर्मराज मीना ने बताया कि पारदी समाज की एक महिला ने नाबालिग बेटी के लापता होने का आवेदन दिया है. नाबालिग को महेश्वर थाने की पुलिस टीम महाराष्ट्र ढूंढने जाएगी. इसके अलावा साइबर टीम की भी मदद ली जा रही है. पीड़ित महिला को एसपी मीना ने जल्द नाबालिग को ढूंढने का भरोसा दिलाया है.

मध्य प्रदेश:प्रदेश के 26 जिलों में हुई बारिश

बुधवार को प्रदेश के 26 जिलों में बारिश हुई। सतना में सबसे ज्यादा 2.2 इंच पानी गिरा। भोपाल में एक जर्जर मकान का हिस्सा अचानक गिर गया। मलबे में दबने से एक युवक की मौत हो गई। टीकमगढ़ जिले में बिजली गिरने से 16 बकरियों की मौत हो गई। 

अलग-अलग स्थानों पर बनी पांच मौसम प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। बुधवार को प्रदेश के 26 जिलों में बारिश हुई। सतना में सबसे ज्यादा 2.2 इंच पानी गिरा। छतरपुर के खजुराहो में 1.7 इंच, भोपाल में 1.4 इंच, खरगोन में 1 इंच, छतरपुर के नौगांव और सीधी में आधा इंच बारिश हुई। भोपाल के टीटी नगर इलाके में पुराने एमएलए क्वार्टर्स में बने एक जर्जर मकान का हिस्सा अचानक गिर गया। मलबे में दबने से एक युवक की मौत हो गई। भोपाल में सुबह से ही रुक-रुककर बारिश हो रही है। टीकमगढ़ जिले के पलेरा थाना क्षेत्र के लारौन गांव में बुधवार दोपहर खेत में बिजली गिरने से 16 बकरियों की मौत हो गई। 

इन जिलों बारिश का दौर जारी
बुधवार को प्रदेश दतिया, बैतूल, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, उमरिया, सीहोर, कटनी, टीकमगढ़, श्योपुर, शाजापुर, धार, डिंडौरी में भी बारिश का दौर जारी रहा। मौसम विभाग ने रात में भी कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है।

अगले चार दिन के लिए अलर्ट 
मध्यप्रदेश के ऊपर से दो टर्फ गुजर रही है। इसके अलावा साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी एक्टिव है। इस वजह से पूरे प्रदेश में बारिश का दौर चल रहा है। मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि सिस्टम की वजह से प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है। अगले चार दिन तक कई संभागों में तेज बारिश हो सकती है।

प्रदेश में अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम

26 जून: भोपाल, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, दमोह, जबलपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट है। अन्य जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा।

27 जूनः सागर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सीधी, सिंगरौली में भारी बारिश हो सकती है। बाकी जिलों में भी बारिश होने की संभावना है।

28 जून: ग्वालियर, शिवपुरी, सीहोर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, छिंदवाड़ा, रीवा और सीधी में भारी बारिश होने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत अन्य जिलों में भी बारिश का दौर बना रहेगा।

सरकारी शिक्षिका शराब के नशे में पहुंची स्कूल, जमकर किया हंगामा, बच्चे डरे

धार जिले के एक सरकारी स्कूल में शराबी शिक्षिका का हंगामा करते वीडियो सामने आया है। यह मामला मनावर तहसील के ग्राम सिंघाना प्राथमिक विद्यालय का है, जहां पदस्थ शिक्षिका कविता कोचे के खिलाफ गंभीर आरोपों की शिकायत सामने आई है।

धार जिले के एक सरकारी स्कूल में शराबी शिक्षिका का हंगामा करते वीडियो सामने आया है। यह मामला मनावर तहसील के ग्राम सिंघाना प्राथमिक विद्यालय का है, जहां पदस्थ शिक्षिका कविता कोचे के खिलाफ गंभीर आरोपों की शिकायत सामने आई है। विद्यालय के प्राचार्य और अन्य शिक्षकों द्वारा संयुक्त रूप से दी गई लिखित शिकायत में उल्लेख किया गया है कि कोचे मैडम द्वारा आए दिन शराब के नशे में विद्यालय आकर स्टाफ और विद्यार्थियों के सामने अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है, जिससे विद्यालय का वातावरण प्रभावित हो रहा है।

शिक्षकों का कहना है कि कोचे मैडम का यह व्यवहार न केवल स्कूल के अनुशासन को ठेस पहुंचा रहा है, बल्कि बच्चों के मानसिक विकास और अनुशासन पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। विद्यालय स्टाफ के अनुसार यह स्थिति पिछले कई दिनों से लगातार बनी हुई है। कई बार मौखिक समझाइश देने के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। इस गंभीर मामले को लेकर अब प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की जा रही है।

गौरतलब है कि क्षेत्र में लगातार धार जिले के आदिवासी अंचलों से सरकारी स्कूल की दुर्दशा की बातें सामने आती रहती हैं। कई स्कूलों के ताले नहीं खुलते और कई शिक्षक नदारद रहते हैं। हालांकि, शराबी शिक्षका का वीडियो वायरल होने के बाद असिस्टेंट कमिश्नर नरोत्तम वरवड़े ने कोचे को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं। 

कतर मे फंसी उज्जैन की बहू मनीषा, सीएम यादव ने गृहमंत्री शाह से की बात

ईरान-इजरायल युद्ध के बीच कतर की राजधानी दोहा में उज्जैन की बहू मनीषा फंसी हुई हैं। मनीषा कतर एयरवेज में सीनियर केबिन क्रू के पद पर कार्यरत हैं। मनीषा का परिवार पहले से ही ईरान-इजरायल युद्ध की स्थिति को लेकर चिंतित था, लेकिन जब देर रात मनीषा से बात हुई तो वे और भी घबरा गए,क्योंकि दोहा में हालात काफी बिगड़ चुके हैं। मनीषा ने बताया कि ईरान ने जिस बेस पर मिसाइल दागी थी, वह इलाका उनके पास ही था। इस स्थिति से घबराई मनीषा की सुरक्षित वापसी के लिए परिवार ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ने इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत की और परिवार को भरोसा दिलाया कि घबराएं नहीं, मनीषा सुरक्षित उज्जैन लौट आएंगी।

तीन वर्षों से दोहा में रह रही हैं मनीषा
मनीषा भटनागर उज्जैन के नानाखेड़ा स्थित अभिषेक नगर की रहने वाली हैं। वे पिछले तीन वर्षों से दोहा में रह रही हैं। उनके पति रजत भटनागर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। सोमवार रात मिसाइल हमले के बाद मनीषा ने जब रजत से बात की तो वह बेहद घबराई हुई थीं। उन्होंने बताया कि कतर के पास मिसाइल हमले की आवाजें साफ सुनाई दे रही थीं और दोहा में तनाव और दहशत का माहौल बन गया था।

कई बार की कॉल, फिर भी संपर्क नहीं हो सका
रजत भटनागर ने बताया कि मनीषा से संपर्क के कई प्रयास किए गए, लेकिन कुछ समय तक बात नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भारतीय दूतावास, कतर दूतावास, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को ईमेल भेजकर मनीषा की स्थिति और जानकारी साझा की है। 

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा- उज्जैन निवासी रजत भटनागर की पत्नी श्रीमती मनीषा भटनागर दोहा, कतर में फंसी हुई हैं। इस प्रकरण में मैंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सहयोग के लिए अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे केंद्र सरकार के साथ समन्वय बनाए रखें और मनीषा की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करें। उज्जैन जिला प्रशासन ने भी परिवार से संपर्क किया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

सरकार नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने मनीषा की सकुशल वापसी की उम्मीद जताई और कहा कि सरकार इसके लिए हर संभव प्रयास कर रही है। यह घटना न केवल मनीषा के परिवार को, बल्कि पूरे देश को मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव की गंभीरता से अवगत कराती है। हालांकि, भारत सरकार, मध्य प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन के त्वरित प्रयासों के कारण स्थिति नियंत्रण में है और मनीषा की जल्द वापसी की उम्मीद की जा रही है।

टनल का हिस्सा ढह गया

सुरंग ढहने से गई दो मजदूरों की जान, टनल प्रोजेक्ट बना मौत का रास्ता

Indore News: महू के पास इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाईवे पर निर्माणाधीन सुरंग का एक हिस्सा गिरने से दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा बुधवार सुबह करीब 4 बजे चोरल क्षेत्र में हुआ। 

इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाईवे पर महू के पास चोरल इलाके में निर्माणाधीन टनल का एक हिस्सा बुधवार सुबह करीब 4 बजे भरभराकर गिर गया। हादसे में दो मजदूरों की मौत हो गई। मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच में बारिश को इस दुर्घटना की वजह बताया है। मृतकों में झारखंड निवासी विकास राय (29) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सिंगरौली निवासी लालजी कौल (26) ने इंदौर के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

हादसा टनल नंबर-3 में, काम कर रही है हैदराबाद की कंपनी
सिमरोल थाना प्रभारी अमित कुमार के अनुसार, यह हादसा इंदौर से करीब 35 किलोमीटर दूर टनल नंबर 3 में हुआ, जिसका निर्माण कार्य हैदराबाद की मेघा इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा किया जा रहा है। बुधवार तड़के सुरंग का करीब 18 मीटर ऊंचा और 16 मीटर चौड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। विकास राय झारखंड के गिरिडीह जिले के झोंका वर्मासिया गांव का रहने वाला था। वहीं, गंभीर रूप से घायल लालजी कौल को पहले जीवन ज्योति हॉस्पिटल और फिर एमवाय अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

पत्थर गिरने से मजदूर गाड़ी में चिपक गया, प्रत्यक्षदर्शी का बयान
मृतक विकास के जीजा और प्रत्यक्षदर्शी सुदामा सिंह ने बताया कि हादसा रात 3:30 से 4:00 बजे के बीच हुआ, जब टनल के ऊपर से अचानक पत्थर और मिट्टी गिरने लगी। सुदामा के अनुसार, एक युवक जो गाड़ी पर खड़ा होकर काम कर रहा था, पत्थर गिरने से गाड़ी में ही चिपक गया और वहीं उसकी जान चली गई। उन्होंने बताया कि वे महज आठ दिन पहले ही यहां काम पर आए थे, और मृतक विकास उनका साला था।

एनएचएआई और प्रशासन मौके पर, टनल निर्माण से यात्रा होगी सुगम
घटना के बाद महू एसडीएम राकेश परमार और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के अधिकारी सुबह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि टनल के एक छोर पर रात से मजदूर काम कर रहे थे। मलबा हटाने के लिए दो पोकलेन मशीनें लगाई गई हैं, और उसे डंपरों के जरिए हटाया जा रहा है। इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाईवे पर चोरल नदी के पास दो सुरंगों का निर्माण चल रहा है, जिनकी लंबाई क्रमशः 500 मीटर और 300 मीटर है। इनके पूरा होने के बाद इंदौर-खंडवा यात्रा का समय ढाई घंटे तक घट जाएगा और सड़क हादसों में भी कमी आएगी।

ऐसे निकला फ्लैग मार्च

मोहर्रम के लिए सुरक्षा सख्त, पुलिस ने शहर में निकला फ्लैग मार्च, 200 से अधिक जवान हुए शामिल

मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से उज्जैन पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। यह मार्च नगर के प्रमुख बाजारों, संवेदनशील स्थलों और संभावित जुलूस मार्गों से होकर गुजरा।

आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए उज्जैन पुलिस ने शहर में फ्लैग मार्च निकाला। यह फ्लैग मार्च पुलिस अधीक्षक उज्जैन के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

आने वाले मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से उज्जैन पुलिस ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला गया। इस फ्लैग मार्च में 200 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवानों ने भाग लिया, जिसमें QRF, BTDS, SAF, होमगार्ड, महिला बल व स्थानीय थानों की टीमें सम्मिलित रहीं। फ्लैग मार्च संवेदनशील इलाकों, प्रमुख बाजारों और संभावित जुलूस मार्गों से होकर गुजरा। इसका उद्देश्य आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना सुदृढ़ करना और असामाजिक तत्वों को स्पष्ट संदेश देना था कि उज्जैन पुलिस हर स्थिति में पूरी तरह सजग और तत्पर है। फ्लैग मार्च नगर के प्रमुख बाजारों, संवेदनशील स्थलों, संभावित जुलूस मार्गों जैसे रामघाट, बेगमबाग, फव्वारा चौक, नयापुरा, मालीपुरा, खाराकुआं सहित अन्य चिन्हित क्षेत्रों में प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराता हुआ गुजरा।

इलाज में लापरवाही से महिला की मौत, पुलिस ने डॉक्टर पर दर्ज किया केस

मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. जुगतावत के द्वारा गठित टीम की जांच के बाद आरोपी डॉक्टर के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। जांच रिपोर्ट में महिला के इलाज में लापरवाही बरतने की बात कही गई है।

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में इलाज में लापरवाही के चलते एक डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज होने का बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक निजी अस्पताल में प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर पर आरोप है कि बीते दिनों एक महिला के इलाज के दौरान उन्होंने गंभीर लापरवाही बरती थी। इस लापरवाही के कारण पहले महिला के दोनों पैर काटने पड़े, लेकिन इसके बाद भी उसकी जान नहीं बच सकी। महिला की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ कर डॉक्टर पर केस दर्ज करने की मांग की थी। मंगलवार देर शाम पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग से मिली जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया है।

पैर काटने के बाद भी नहीं बची महिला
खंडवा जिले के ग्राम रोशनाई निवासी ज्योति ओसवाल को 21 मई को शहर के संत रिचर्ड पामपुरी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उन्हें किडनी संबंधी समस्या थी, जिसके इलाज के लिए अस्पताल के कंसल्टेंट डॉ. वाजिद शेख ने उनके पति मुकेश को ऑपरेशन की सलाह दी। ऑपरेशन के बाद ज्योति के दोनों पैर सुन्न पड़ गए, डॉक्टर ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए इंदौर के अरविंदो हॉस्पिटल रेफर कर दिया। 23 मई को इंदौर पहुंचे परिजनों को डॉक्टर ने बताया गया कि महिला के शरीर में इंफेक्शन फैल गया है, उनके दोनों पैर काटने पड़ेंगे। परिजनों ने महिला की जान बचाने के लिए सहमति दे दी। लेकिन इसके बाद भी ज्योति की हालत में सुधार नहीं हुआ। 16 जून को उसकी मौत हो गई।

इंदौर में भी आपातकाल 21 महीने देखी शासन की क्रूरता

इंदौर में भी आपातकाल का खासा असर था। सड़कें जल्दी वीरान हो जाया करती थीं। सरकारी महकमे के पास अधिक शक्तियां थी और वे अपनी मनमानी पर उतारू थे। समाचार पत्रों में हर खबर पर सेंसर की कैंची चलती थी।

देश के लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून का दिन एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है। इस दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आंतरिक स्थिति गड़बड़ होने का हवाला देकर देश में आपातकाल लागू कर दिया था। 50 वर्ष पूर्ण होने पर भी इस काले काल खंड की चर्चा होती रहती है। 25 जून 1975 को लागू हुआ आपातकाल 21 मार्च 1977 तक करीब 21 माह रहा था। इस दौरान लोगों ने शासन का क्रूर चेहरा देखा था, जिसमें जनता नहीं शासन और उसके आका सर्वशक्तिमान बन बैठे थे। लोक पीछ छूट गया था और तंत्र सर्वोपरि हो गया था।

आज तक क्यों होती है चर्चा?
आपातकाल को अब पांच दशक से भी अधिक हो गए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी नीत मौजूदा केंद्र सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर 25 जून को ”संविधान हत्या दिवस” घोषित कर दिया है। यह आपातकाल के दौरान शासन की ज्यादतियों की पुनः याद दिलाने और सबक लेने के लिए मनाया जाता है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने ऐसे कानूनी प्रावधान किए हैं, जिनके कारण देश में इस तरह से लोकतंत्र का कभी हनन नहीं हो सकेगा। आपातकाल के दौरान हुई ज्यादतियों का खौफ आज भी मीसाबंदियो में है।

(सामाचार पत्रों को खबरें प्रकाशन के लिए संबंध में आदेश दिए जाते थे)

इंदौर में सेंसर होती थी खबरें, सड़कें रहती थी वीरान
इंदौर में भी आपातकाल का खासा असर था। सड़कें जल्दी वीरान हो जाया करती थीं। सरकारी महकमे के पास अधिक शक्तियां थी और वे अपनी मनमानी पर उतारू थे। समाचार पत्रों में हर खबर पर सेंसर की कैंची चलती थी। तरह-तरह की आचार संहिता थी, जिसका पालन करना होता था। सिनेमागृह के रात्रिकालीन शो बंद हो गए थे। कानून का रुख सख्त हो गया था। देखा जाए तो आपातकाल नागरिक स्वतंत्रता का हनन करने वाला था। उस दौर की कड़वी यादें आज भी ताजा हैं। आपातकाल लागू होते ही इंदौर से कई लोगों खासकर विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया था। मीसा कानून के तहत गिरफ्तारियों का यह सिलसिला कई माह तक जारी रहा।

19 महीने जेल में रहे अनेक लोग
इंदौर के अहिल्यापुरा निवासी ओमप्रकाश वर्मा भी अपने चार और साथियों के साथ मीसा में गिरफ्तार हुए थे। वर्मा और उनके मित्र करीब 19 माह जेल में बंद रहे थे। ओमप्रकाश वर्मा आपातकाल की बात करने पर उसे दौर में खो जाते हैं। वर्मा ने कहा कि बात 11 अगस्त 1975 की थी, मेरे घर पुलिस का वाहन आया और उसमें मुझे बैठा कर ले गया। मेरे चार और साथी गणेश अग्रवाल, रमेश मनवानी, अजय राठौर और अरविंद जैन को भी घर से गिरफ्तार किया गया। हमने पूछा कि हमारा जुर्म क्या है? तो हमसे कहा गया कि आप आंदोलन कर रेल की पटरियां उखाड़ रहे थे, जबकि वास्तविकता यह थी कि हम सभी साथी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े थे और संघ की गतिविधियों में सक्रिय रहते थे, इस वजह से हमें गिरफ्तार किया गया था।

गिरफ्तारी के वक्त वर्मा 18 साल के थे
ओमप्रकाश वर्मा की उम्र उस वक्त मात्र 18 वर्ष थी। इंदौर में गिरफ्तार हुए लोगों में सबसे कम उम्र के वर्मा ही थे। आठ दिन तक सभी साथियों को विभिन्न थानों में पूछताछ के लिए ले जाया जाता था और कार्यकर्ताओं के नाम पूछे जाते थे, ताकि उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सके। जेल में बिताए 18-19 माह को वर्मा जीवन के सबसे बुरे दिन बताते हैं। जेल में रहने के बाद वर्मा और उनके साथी सभी एकसाथ रिहा हुए थे। आपातकाल हटने के बाद मार्च 1977 में चुनाव हुए और हमने जनता पार्टी का कार्य किया। जनता पार्टी की विजय हुई। अब उस दौर को स्मरण करते ही आज भी भय लगता है। आपातकाल कांग्रेस के माथे पर एक स्थाई कलंक लगा गया है और लोकतंत्र के प्रहरियों को सजग कर गया कि देश में लोकतंत्र ही चलेगा, तानाशाही नहीं।

Ramswaroop Mantri

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