आज के बड़े इवेंट
> लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस चीफ खड़गे आज जाएंगे असम
पाकिस्तान ने की भारत से बातचीत की पेशकश
एससीओ में 10 सदस्य देश चीन, रूस, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और बेलारूस शामिल हैं। चीन वर्तमान में एससीओ की अध्यक्षता कर रहा है। पिछले साल इसकी अध्यक्षता पाकिस्तान ने की थी, जब एस. जयशंकर इस्लामाबाद गये थे।

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की विदेश मंत्रियों की बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने युद्धविराम का पालन करने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान अपने सभी पड़ोसियों, खासकर भारत के साथ शांति और स्थिरता चाहता है। उन्होंने ये बयान ऐसे समय दिया है जब भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद को तीन सबसे बड़ा खतरा बताया। भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में सभी देशों को बिना किसी भेदभाव के एकजुट होना होगा।
आपको बता दें कि चीन के तियानजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की बैठक हो रही है। जिसमें भाग लेने के लिए एस. जयशंकर भी गये हैं। बैठक के दौरान अपने संबोधन में इशाक डार ने पिछले तीन महीनों को दक्षिण एशिया में “बेहद परेशान करने वाले घटनाक्रम” बताया। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत ने पहलगाम हमले के लिए “बिना किसी विश्वसनीय जांच या सत्यापन योग्य सबूत दिए” पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि इससे दोनों परमाणु-सशस्त्र राष्ट्र एक बड़े संघर्ष के कगार पर आ गए हैं। भारत ने पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के पाकिस्तान स्थित आतंकियों को जिम्मेदार ठहराते हुए पीओके और पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों पर हमले किए थे।
भारत ने मई महीने में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इसके साथ ही भारत ने इस हमले में शामिल आतंकी संगठन और आतंकियों की जानकारी अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ शेयर की थी। इसके बाद दोनों देशों ने 10 मई को संघर्ष विराम पर सहमति जताई, जिससे चार दिन तक चले ड्रोन और मिसाइल हमलों का सिलसिला थमा। इशाक डार ने अपने भाषण में कहा कि पाकिस्तान संघर्ष विराम का पूरी तरह सम्मान करता है और सभी विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति से करना चाहता है, न कि टकराव या दबाव से। उन्होंने कहा, “आतंकवाद पूरी मानवता के लिए खतरा है और इसकी सभी रूपों में निंदा होनी चाहिए। हमें राजनीतिक लाभ के लिए आतंकवाद का इस्तेमाल बंद करना चाहिए और इसकी जड़ों तक पहुंचकर इसे मिटाना होगा।”
हालांकि भारत ने पाकिस्तान से किसी भी स्तर पर बातचीत को लेकर अपना रूख साफ कर रखा है। भारत ने साफ कर रखा है कि जब तक कि पाकिस्तान आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति के रूप में इस्तेमाल करता रहेगा, भारत किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा। भारत ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान से बातचीत का मुद्दा सिर्फ और सिर्फ आतंकवाद ही हो सकता है। जानकारी के लिए बता दें कि एससीओ में 10 सदस्य देश चीन, रूस, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और बेलारूस शामिल हैं। चीन वर्तमान में एससीओ की अध्यक्षता कर रहा है। पिछले साल इसकी अध्यक्षता पाकिस्तान ने की थी, जब एस. जयशंकर इस्लामाबाद गये थे और उससे पहले भारत ने इसकी अध्यक्षता की थी, जब तत्कालीन पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो भारत आए थे
भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की टल गई फांसी
यमन की जेल में बंद भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की फांसी की सजा टल गई है। प्रिया को 16 जुलाई को फांसी दी जानी थी, लेकिन फिलहाल सजा पर अमल को टाल दिया गया है। भारत सरकार के सूत्रों ने बताया है कि स्थानीय अधिकारियों ने यह फैसला लिया है। निमिषा प्रिया यमन के हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले सना की जेल में मौत की सजा का सामना कर रही हैं।
यमन की जेल में बंद भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की फांसी की सजा टल गई है। प्रिया को 16 जुलाई को फांसी दी जानी थी, लेकिन फिलहाल सजा पर अमल को टाल दिया गया है। भारत सरकार के सूत्रों ने बताया है कि स्थानीय अधिकारियों ने यह फैसला लिया है। निमिषा प्रिया यमन के हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले सना की जेल में मौत की सजा का सामना कर रही हैं। भारत सरकार इस मामले में निमिषा प्रिया के परिवार को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। इसने हाल के दिनों में प्रिया के परिवार को दूसरे पक्ष के साथ आपसी सहमति से समाधान निकालने के लिए और समय देने के लिए लगातार प्रयास किए हैं।
सूत्रों ने बताया कि इसमें शामिल संवेदनशीलता के बावजूद भारतीय अधिकारी स्थानीय जेल अधिकारियों और अभियोजक कार्यालय के साथ नियमित संपर्क में रहे हैं, जिसके कारण फांसी की सजा को फिलहाल के लिए रोकना संभव हो पाया है। सजा स्थगित होने के बाद प्रिया के परिवार के लिए पीड़ित परिवार के साथ आपसी समझौते के लिए समय मिल सकेगा।
आतंकवाद पर सख्त रूख अपनाना होगा..’, SCO की बैठक में विदेश मंत्री जयशंकर
चीन के तिआनजिन में एससीओ बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पहलगाम आतंकी हमले का मुद्दा उठाया और आतंकवाद पर सख्त रुख अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस हमले का मकसद जम्मू-कश्मीर की पर्यटन अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाना और धार्मिक तनाव फैलाना था। जयशंकर ने क्षेत्रीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को चीन के तिआनजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का मुद्दा उठाया और कहा कि सदस्य देशों को संगठन के मूल उद्देश्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहना चाहिए और आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतनी चाहिए। जून 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद जयशंकर की यह पहली चीन यात्रा है। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुआ आतंकी हमला जानबूझकर जम्मू-कश्मीर की पर्यटन अर्थव्यवस्था को कमजोर करने और धार्मिक तनाव पैदा करने के मकसद से किया गया था। इस हमले में 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी गई थी।
आतंकवाद के खिलाफ अपनाना ही होगा सख्त रुख: जयशंकर
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने इस हमले की कड़ी निंदा की थी। सुरक्षा परिषद ने यह भी कहा था कि इस निंदनीय आतंकी हमले के अपराधियों, साजिशकर्ताओं, फंडिंग करने वालों और समर्थकों को सजा दिलाई जानी चाहिए। जयशंकर ने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन की स्थापना आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ से मुकाबले के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने कहा कि ये तीनों समस्याएं अक्सर एक साथ देखने को मिलती हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा, एससीओ को अपनी स्थापना के मूल उद्देश्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने के लिए आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाना ही होगा।
शुभांशु शुक्ला की ISS से सफल वापसी पर देश में खुशी का माहौल; जानें क्या बोले पीएम मोदी और अन्य नेता
भारत ने चार दशक बाद मानव अंतरिक्ष उड़ान के क्षेत्र में वापसी की है। एक्सिओम-4 मिशन के तहत ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आईएसएस) से सफलतापूर्वक धरती पर लौट आए हैं। उनके लौटने से देश में खुशी का माहौल है। वहीं, ग्रुप कैप्टन शुक्ला और उनकी टीम को देशभर से शुभकामनाएं दी जा रही हैं। देश के राजनेताओं की ओर से भी इस मिशन की कामयाबी पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का धरती पर स्वागत: राष्ट्रपति मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का अंतरिक्ष यात्रा के बाद धरती पर स्वागत है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए एक्सिओम-4 मिशन में उनकी भूमिका ने भारत के अंतरिक्ष अन्वेषण के साथ-साथ विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। इस मिशन से जुड़े लोगों को मेरी बधाई।
एक अरब लोगों को शुभांशु शुक्ला ने प्रेरित किया: पीएम मोदी
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, ‘मैं पूरे देश की तरफ से ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का स्वागत करता हूं, जो अपने ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन से धरती पर लौटे हैं। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जाने वाले भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री के रूप में उन्होंने अपनी मेहनत, साहस और नए रास्ते खोलने की भावना से एक अरब लोगों के सपनों को प्रेरित किया है। यह हमारी अपनी मानव अंतरिक्ष उड़ान योजना ‘गगनयान’ की ओर एक और बड़ा कदम है।’
हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण: राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की एक्सिओम-4 मिशन के तहत सफल वापसी हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने न केवल अंतरिक्ष को छुआ है, बल्कि भारत की आकांक्षाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उनका अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक का सफर सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि भारत की बढ़ती अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं का भी बड़ा कदम है। उन्हें उनके भविष्य के प्रयासों में ढेर सारी सफलता की कामना करता हूं।
शुंभाशु शुक्ला ने लाखों लोगों को दिए सपनों के पंख: सिद्धारमैया
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, मैं शुभांशु शुक्ला को उनकी अंतरिक्ष की सफल यात्रा और धरती पर सुरक्षित वापसी पर हार्दिक बधाई देता हूं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर जाने वाले पहले भारतीय के रूप में इतिहास रचा है और पूरे देश को गौरवान्वित किया है। अपने दृढ़ संकल्प से उन्होंने लाखों लोगों के सपनों को पंख दिए हैं। उनकी यह यात्रा भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह देश के लिए गौरव का क्षण है। भारत ने अंतरिक्ष अन्वेषण में एक नया मील का पत्थर पार कर लिया है।
गगनयान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम: देवेंद्र फडणवीस
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक्स पर लिखा, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने इतिहास रचा। उन्हें उनके ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन के सफल समापन पर हार्दिक बधाई। आईएसएस पर जाने वाले भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री के रूप में उन्होंने पूरे देश को गौरवान्वित किया है और अपने साहस, समर्पण और अग्रणी भावना से अनगिनत सपनों को प्रज्वलित किया है। यह भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन ‘गगनयान’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है!
देश के प्रति आपकी सेवा से हर भारतीय गौरवान्वित: अतिशी
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री अतिशी ने एक्स पर लिखा, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का हार्दिक स्वागत है। देश के प्रति आपकी प्रतिबद्धता और सेवा हर भारतीय को गौरवान्वित करती है। आपके जज्बे को सलाम। जय हिंद।

‘तुम कांवड़ लेने मत जाना… ज्ञान का दीप जलाना’, छात्रों को यह गीत सुनाने वाले शिक्षक पर मुकदमा दर्ज
बरेली के शिक्षक रजनीश गंगवार को कॉलेज परिसर में प्रार्थना स्थल पर बच्चों के सामने ‘तुम कांवड़ लेने मत जाना… ज्ञान का दीप जलाना’ गीत गाना भारी पड़ गया। गीत गाते उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो हिंदूवादी संगठन के लोगों ने एतराज जताया। उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
यह है पूरा मामला
एमजीएम इंटर कॉलेज के अध्यापक रजनीश गंगवार का वीडियो वायरल होने के बाद से विवाद पनपा है। दरअसल, शिक्षक ने प्रार्थना स्थल पर बच्चों के सामने ‘तुम कांवड़ लेने मत जाना… ज्ञान का दीप जलाना’ गीत गाया था। कई लोग इसे धर्म विशेष की भावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं। हिंदूवादी संगठन के लोगों ने एतराज जताकर कार्रवाई की मांग की। वहीं कुछ लोगों ने शिक्षक की बात का समर्थन भी किया है। सोशल मीडिया पर लोग इस गीत के साथ तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं।
शिक्षक बोले- पढ़ाई के प्रति जागरूक के लिए गाया गीत
इस मामले में शिक्षक रजनीश गंगवार ने खुद को बेकसूर बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने छात्रों को पढ़ाई के प्रति जागरूक करने के लिए यह गीत गाया था, किसी धर्म के विरुद्ध कोई बात नहीं कही है। वह शिक्षक हैं। छोटे बच्चों को समझना उनका दायित्व है। वहीं डीआईओएस डॉ. अजीत कुमार सिंह ने बताया कि वीडियो के बारे में जांच कराई गई। इसमें शिक्षक से भी स्पष्टीकरण लिया गया है। शिक्षक की मंशा खराब नहीं है। वीडियो पहले का है, किसी ने तूल देने के लिए जानबूझकर सावन के दिनों में इसे वायरल किया है।
सीओ बहेड़ी अरूण कुमार सिंह ने बताया कि रजनीश गंगवार द्वारा कॉलेज परिसर में छात्र-छात्राओं को इकट्ठा कर कविता पाठ के माध्यम से कांवड़ यात्रा के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस मामले में तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। विधिक कार्रवाई की जा रही है।

यमन में भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की सजा टली; हत्या के मामले में दी जानी थी फांसी
केरल की रहने वाली भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को यमन में होने वाली फांसी की सजा टल गई है। निमिषा प्रिया को 16 जुलाई को अपने बिजनेस पार्टनर तलाल अब्दो महदी की हत्या के मामले में फांसी की सजा दी जानी थी। केरल के प्रभावशाली सुन्नी मुस्लिम नेता कंथापुरम ए पी अबूबकर मुसलियार और भारत सरकार के हस्तक्षेप से हो रही बातचीत के बाद यमन के स्थानीय अधिकारियों ने निमिषा की सजा स्थगित कर दी है।
बताया जा रहा है कि भारत सरकार ने हाल के दिनों में निमिषा प्रिया के परिवार को दूसरे पक्ष के साथ आपसी सहमति से समाधान निकालने के लिए और समय देने के लिए लगातार प्रयास किए। भारतीय अधिकारी यमन के जेल अधिकारियों और अभियोजक कार्यालय के साथ नियमित संपर्क में रहे हैं।
निमिषा प्रिया पर आरोप है कि उन्होंने साल 2017 में अपने यमनी बिजनेस पार्टनर तालाल अब्दो महदी की हत्या की थी। इस मामले में उन्हें 2020 में मौत की सजा सुनाई गई थी और उनकी अंतिम अपील 2023 में खारिज हो गई। 16 जुलाई 2025 को उन्हें फांसी देने की तारीख तय की गई थी। फिलहाल निमिषा यमन की राजधानी सना की जेल में बंद हैं।
सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने कहा था- यमन से चल रही बातचीत
पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में भी निमिषा की फांसी को सजा रुकवाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई थी। सुप्रीम कोर्ट में सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल (एजीआई) ने कहा कि भारत सरकार प्रिया की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि बातचीत जारी रहने तक प्रिया के मामले को देख रहे सरकारी वकील सहित यमन के अधिकारियों के साथ फांसी के आदेश को निलंबित करने के लिए बातचीत चल रही है।
सुन्नी मुस्लिम नेता ने भी किए प्रयास
मामले में सरकार के साथ ही केरल के प्रभावशाली सुन्नी मुस्लिम नेता कंथापुरम ए पी अबूबकर मुसलियार ने भी यमन में बातचीत की पहल की। मुसलियार के जरिये यमन के एक प्रमुख सूफी विद्वान शेख हबीब उमर बिन हफीज के प्रतिनिधि और मृतक तालाल अब्दो महदी के परिवार के बीच बातचीत हुई। इस बीच मुसलियार ने यमन सरकार से अनुरोध किया था कि जब तक ये बातचीत चल रही है, तब तक निमिषा प्रिया की फांसी को टाल दिया जाए।

गिप्पी ग्रेवाल से लेकर एपी ढिल्लों तक, राहुल फाजिलपुरिया से पहले इन गायकों पर भी हुए हमले
बीती रात हरियाणवी सिंगर और रैपर राहुल फाजिलपुरिया पर हमलावरों ने हमला कर दिया। अज्ञात हमलावरों ने उनकी कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। सिंगर ने भागकर कैसे भी अपनी जान बचाई। राहुल पर हमला करने वाले कौन थे और हमले की वजह क्या थी, इस पर पुलिस अभी जांच कर रही है। राहुल फाजिलपुरिया से पहले भी कई सिंगर्स पर हमले हुए हैं। सिद्धू मूसेवाला की तो मौत भी गोली मारकर हमले में कर दी गई थी। जानते हैं और किन-किन सिंगर पर हुए हमले।

एपी ढिल्लों
पिछले साल सितंबर में मशहूर पंजाबी रैपर-सिंगर एपी ढिल्लों के कनाडा स्थित घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग हुई थी। हालांकि, एपी ढिल्लों उस हमले में सुरक्षित थे। बाद में इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग ने ली थी।

प्रेम ढिल्लों
इसी साल फरवरी में पंजाबी सिंगर प्रेम ढिल्लों के कनाडा स्थित घर पर भी गोलीबारी की गई थी। हालांकि, इस फायरिंग में किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था। बाद में इस हमले की जिम्मेदारी जयपाल भुल्लर गैंग के जेंटा खरड़ ने ली थी। हमले के बाद प्रेम ढिल्लों को धमकी भी मिली थी।

अल्फाज
तकरीबन तीन साल पहले 2022 में पंजाबी सिंगर अल्फाज पर हमला हुआ था। यह घटना मोहाली में एक ढाबे पर हुई, जहां पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद हो रहा था। विवाद के दौरान एक व्यक्ति ने अल्फाज को कथित तौर पर अपनी गाड़ी से टक्कर मार दी, जिससे वह घायल हो गए थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।

गिप्पी ग्रेवाल
साल 2023 में सिंगर-एक्टर गिप्पी ग्रेवाल पर भी जानलेवा हमला हुआ था। गिप्पी ग्रेवाल की कार पर कई राउंड फायरिंग हुई थी। इस हमले में गिप्पी बाल-बाल बच गए थे, लेकिन उनकी कार को गोलियां लगीं थीं। बाद में इस हमले की जिम्मेदारी भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली थी।

गैरी संधू
पंजाबी गायक गैरी संधू पर ऑस्ट्रेलिया में एक शो के दौरान हमला हुआ था। एक प्रशंसक ने मंच पर चढ़कर उनका गला पकड़ने की कोशिश की थी, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों और पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था। यह घटना तब हुई जब गैरी संधू एक शो में परफॉर्म कर रहे थे और उन्होंने कथित तौर पर भीड़ की तरफ उंगली दिखाई, जिसके बाद एक प्रशंसक ने उन पर हमला कर दिया था।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के परपोते से तेजस्वी ने मांगी माफी
पूर्वी चंपारण में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी के साथ हुए दुव्यवहार को लेकर सियासत शुरू हो गई है। अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी ने इस मुद्दों को उठाया है। तेजस्वी यादव ने पूरे बिहारवासियों की तरफ से तुषार गांधी से माफी मांगी है। कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी और उनके विचारों एवं दर्शन का अनुयायी होने एवं देश की आजादी में उनके योगदान, समर्पण, त्याग व बलिदान के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करते हुए मैं समस्त बिहारवासियों की ओर से तुषार गांधी जी से हाथ जोड़कर माफ़ी मांगता हूं। आशा है वो हमें माफ कर देंगे।
राजद ने भाजपा पर लगाया आरोप
वहीं राष्ट्रीय जनता दल ने भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा आरोप लगाया। कहा कि इस घटना के बाद भाजपा के नेता का हाथ है। वीडियो में वह तुषार गांधी का अपमान करते हुए स्पष्ट दिख रहे हैं। उन्हें कार्यक्रम से निकलने कह रहे हैं। उनके साथ अभद्रता कर रहे हैं। राजद ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कर्मभूमि चंपारण में एक कार्यक्रम के दौरान उनके परपोते तुषार गांधी जी के साथ स्वयं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जाति का बताकर एक भाजपाई नेता ने अपमान किया। बापू के परपोते के साथ ऐसा व्यवहार खेदजनक है।
जानिए, तुषार गांधी ने क्या कहा
बताया जा रहा है कि तुषार गांधी 12 जुलाई से चंपारण सत्याग्रह की याद में पश्चिम चंपारण से पदयात्रा पर निकले हैं। रविवार को वे अपनी यात्रा के क्रम में तुरकौलिया के ऐतिहासिक नीम के पेड़ के पास पहुंचे थे, जहां महात्मा गांधी ने कभी किसानों के हक में आवाज बुलंद की थी।लेकिन कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही स्थानीय मुखिया विनय साह द्वारा उन्हें कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया। इस घटना को लेकर तुषार गांधी ने गहरा आक्रोश जताया और कहा, “चंपारण में लोकतंत्र की हत्या हुई है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह न सिर्फ उनका, बल्कि महात्मा गांधी की विरासत और विचारों का अपमान है।
अमेरिका ने ताइवान के पास तैनात किया फाइटर जेट
F-15EX लड़ाकू विमान दुनिया का सबसे भारी और सबसे ताकतवर नॉन-स्टील्थ फाइटर माना जाता है, जो बड़ी रेंज, भारी हथियार ले जाने की क्षमता और आधुनिक सेंसर से लैस है। इसकी तैनाती की जरूरत इसलिए पड़ी है, क्योंकि अमेरिका के F-22 रैप्टर प्रोग्राम पूरी तरह से कामयाब नहीं हो सका।
क्या चीन, ताइवान पर हमले की कोशिश कर रहा है? ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि अमेरिका ने पहली बार अपना अत्याधुनिक F-15EX ‘Eagle II’ एयरक्राफ्ट को ताइवान के पास तैनात कर दिया है। अमेरिका ने F-15EX ‘Eagle II’ लड़ाकू विमान को ताइवान के पास जापान के ओकिनावा द्वीप स्थित कडेना एयरबेस पर तैनात किया है। ये लड़ाकू विमान फिलहाल 85वीं टेस्ट और इवैल्यूएशन स्क्वाड्रन के तहत भेजे गए हैं, जो वहां स्थानीय यूनिट्स के साथ इंटीग्रेशन और ट्रेनिंग का काम करेंगे। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया है, जो इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के लगातार बढ़ते खतरों के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन और स्थायी तैनाती का हिस्सा बताया है।

आपको बता दें कि F-15EX दुनिया का सबसे भारी और सबसे ताकतवर नॉन-स्टील्थ फाइटर माना जाता है, जो बड़ी रेंज, भारी हथियार ले जाने की क्षमता और आधुनिक सेंसर से लैस है। इसकी तैनाती की जरूरत इसलिए पड़ी है, क्योंकि अमेरिका के F-22 रैप्टर प्रोग्राम पूरी तरह से कामयाब नहीं हो सका। इसके अलावा अमेरिका F-35A स्टील्थ फाइटर जेट के प्रोडक्शन को नहीं बढ़ा पाने की समस्या से भी जूझ रहा है। ऐसे में अमेरिकी वायुसेना को पुराने F-15C/D जेट्स के रिप्लेसमेंट के तौर पर फिर से F-15 लड़ाकू विमानों को खरीदना पड़ा है। इससे यूएस एयरफोर्स को अपने पुराने जेट्स को आराम से हटाने और अपनी ताकत को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
हो गया साफ… रोहित-विराट खेलेंगे 2027 का वर्ल्ड कप?
रोहित शर्मा और विराट कोहली के एक दिवसीय क्रिकेट भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। टी20 (2024 में वर्ल्ड कप जीतने के बाद) से और इंग्लैंड दौरे से पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद, इस जोड़ी ने वनडे भविष्य पर बहस छेड़ दी है। बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने लंदन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि दोनों वनडे के लिए उपलब्ध हैं।

रोहित शर्मा और विराट कोहली के एक दिवसीय क्रिकेट भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। टी20 (2024 में वर्ल्ड कप जीतने के बाद) से और इंग्लैंड दौरे से पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद, इस जोड़ी ने वनडे भविष्य पर बहस छेड़ दी है। बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने लंदन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि दोनों वनडे के लिए उपलब्ध हैं।
रोहित-विराट के भविष्य पर बड़ा बयान
रोहित ने अपनी टेस्ट रिटायरमेंट नोट में कहा था कि वह वनडे में खेलना जारी रखेंगे। विराट ने भी हाल ही में कहा कि वह 2027 वर्ल्ड कप तक वनडे क्रिकेट खेलना चाहते हैं, जो साउथ अफ्रीका में होगा। रोहित शर्मा और विराट कोहली के वनडे भविष्य को लेकर कई बातें हो रही हैं। दोनों खिलाड़ियों ने पहले ही टी20आई से संन्यास ले लिया है। उन्होंने 2024 में वर्ल्ड कप जीतने के बाद यह फैसला लिया था। इसके साथ ही, इंग्लैंड दौरे से पहले टेस्ट क्रिकेट से भी संन्यास ले लिया था। अब उनके वनडे भविष्य को लेकर चर्चा हो रही है।
बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने लंदन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि रोहित और विराट दोनों वनडे खेलने के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रोहित ने अपनी टेस्ट रिटायरमेंट के समय कहा था कि वह वनडे में खेलना जारी रखेंगे। विराट ने भी कहा है कि वह 2027 वर्ल्ड कप तक वनडे क्रिकेट खेलना चाहते हैं। यह वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका में होगा।
राजीव शुक्ला ने इस मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, ‘मैं एक बार में सब कुछ साफ कर देना चाहता हूं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हम सबको भी रोहित और विराट की कमी होती है । लेकिन रोहित और विराट ने खुद ये फैसला लिया है।’ इसका मतलब है कि हम सभी को रोहित और विराट की कमी महसूस होती है। लेकिन यह फैसला रोहित और विराट ने खुद लिया है।
किसी खिलाड़ी को संन्यास के लिए नहीं कहते
शुक्ला ने BCCI की नीति के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, ‘बीसीसीआई की ये पॉलिसी है कि हम कभी किसी की यह नीति है कि हम कभी भी किसी खिलाड़ी को यह नहीं कहते कि कब और किस फॉर्मेट से संन्यास लेना चाहिए। यह खिलाड़ी पर निर्भर करता है। टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला इन दोनों खिलाड़ियों का खुद का था।’
उन्होंने आगे कहा, ‘हमें उनकी कमी हमेशा खलेगी। वे महान बल्लेबाज हैं। हमारे लिए अच्छी बात यह है कि वे एक दिवसीय क्रिकेट के लिए उपलब्ध हैं।’ अभी भारतीय पुरुष टीम इंग्लैंड के दौरे पर है। यहां वे पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेल रहे हैं।
नॉन वेज मिल्क क्या है जिसे लेकर भारत-अमेरिका में खिंची तलवार
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में डेयरी और कृषि क्षेत्र में सहमति बनाने की कोशिश जारी है। भारत डेयरी उत्पादों के आयात पर सख्त प्रमाणन चाहता है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि दूध पशु-आधारित उत्पादों से नहीं आता है। धार्मिक भावनाओं के कारण भारत इसे एक अहम मुद्दा मानता है।
भारत और अमेरिका के बीच एक ट्रेड डील अटकी हुई है। इसकी वजह है ‘नॉन-वेज मिल्क’। अमेरिका चाहता है कि भारत अपने डेयरी सेक्टर को उनके लिए खोले, लेकिन भारत ऐसा नहीं करना चाहता। भारत का कहना है कि उनकी कुछ सांस्कृतिक चिंताएं हैं, इसलिए वह अमेरिका की यह मांग नहीं मान सकता। दरअसल, अमेरिका भारत के साथ एग्रीकल्चर और डेयरी सेक्टर में कारोबार करना चाहता है। भारत में एग्री और डेयरी प्रोडक्ट्स की बहुत डिमांड है। इसलिए अमेरिका को लगता है कि भारत में इन चीजों का बहुत बड़ा बाजार है।
लेकिन भारत, अमेरिका के डेयरी प्रोडक्ट्स के लिए अपना बाजार नहीं खोलना चाहता। इसकी एक बड़ी वजह ‘नॉन-वेज मिल्क’ भी है। भारत ने साफ कह दिया है कि वह अपने सांस्कृतिक चिंताओं के चलते अमेरिका की यह डिमांड नहीं मानेगा। मतलब भारत अपनी संस्कृति को लेकर चिंतित है और वह नहीं चाहता कि अमेरिका के डेयरी प्रोडक्ट्स उसकी संस्कृति को प्रभावित करें।
क्या होता है नॉन वेज मिल्क?
अमेरिका में गायों को ऐसे प्रोड्कट्स खिलाए जाते हैं जिनमें मांस होता है। द सिएटल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक गायों को सूअर, मछली, मुर्गे, घोड़े और यहां तक कि बिल्ली या कुत्ते के अंग भी खिलाए जा सकते हैं। उन्हें प्रोटीन के लिए जानवरों का खून और मोटा होने के लिए चर्बी भी दी जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक पशु आहार अक्सर एनिमल पार्ट्स का मिश्रण होता है। मतलब गायों को जो खाना दिया जाता है, उसमें अक्सर जानवरों के अवशेष मिले होते हैं। अखबार के अनुसार, गायों को अभी भी ऐसा खाना देने की अनुमति है। इस खाने में सूअर, मछली, मुर्गे, घोड़े और यहां तक कि बिल्ली या कुत्ते के पार्ट्स भी शामिल हो सकते हैं।
यह जानकारी उन लोगों के लिए चौंकाने वाली हो सकती है जो डेयरी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। बहुत से लोग यह नहीं जानते कि जिन जानवरों से दूध मिलता है, उन्हें मांस भी खिलाया जा सकता है। इससे डेयरी प्रोडक्ट्स को ‘नॉन-वेज मिल्क’ कहा जा सकता है।
व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है। दोनों देश इन क्षेत्रों में एक समझौता करने की कोशिश कर रहे हैं। भारत अपने किसानों के हितों को सुरक्षित रखना चाहता है। साथ ही, ‘नॉन-वेज मिल्क’ को लेकर उसकी सांस्कृतिक भावनाएं भी हैं। अमेरिका चाहता है कि भारत अपने डेयरी बाजार को खोले, लेकिन भारत चाहता है कि यह सुनिश्चित हो कि आयातित दूध उन गायों से आए जिन्हें मांस या खून जैसे पशु-आधारित उत्पाद नहीं खिलाए गए हों। भारत के लिए यह एक ‘नॉन-नेगोशिएबल रेड लाइन’ है। वह अपने उपभोक्ताओं की रक्षा करना चाहता है।
भारत अपने रुख पर कायम
बहरहाल, भारत अपने रुख पर कायम है। वह अपने छोटे डेयरी किसानों की रक्षा करना चाहता है। इस वजह से दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते में दिक्कत आ रही है। दोनों देशों का लक्ष्य है कि 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचाया जाए। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इंस्टीट्यूट (GTRI) के अजय श्रीवास्तव ने बताया, ‘कल्पना कीजिए कि आप उस गाय के दूध से बना मक्खन खा रहे हैं जिसे दूसरे गाय का मांस और खून खिलाया गया था। भारत शायद इसे कभी भी अनुमति नहीं देगा।” भारत में डेयरी उत्पाद सिर्फ खाने के लिए ही नहीं, बल्कि धार्मिक अनुष्ठानों में भी इस्तेमाल होते हैं।
भारत में बड़ी संख्या में शाकाहारी लोग हैं। वे मानते हैं कि जिन गायों को पशु-आधारित उत्पाद खिलाए जाते हैं, उनसे प्राप्त दूध का सेवन धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ है। अभी, भारत पनीर पर 30%, मक्खन पर 40% और दूध पाउडर पर 60% का उच्च शुल्क लगाता है।
पहाड़ से मैदान तक पानी ही पानी; राजस्थान सहित मध्य और पूर्वी भारत में दो-तीन दिन बारिश का अलर्ट
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश पश्चिमी हिमालयी राज्यों से लेकर देश के मैदानी इलाकों में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन का कहर जारी है। मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर हैं। अलग-अलग हिस्सों में गांव, घर और खेत जलमग्न हैं। भूस्खलन के चलते, विशेषरूप से पहाड़ी राज्यों में मलबा आने से सैकड़ों सड़कों पर यातायात ठप है। फिलहाल मानसूनी बारिश से राहत भी मिलने वाली नहीं है, क्योंकि राजस्थान, समेत मध्य और पूर्वी भारत में अगले दो से तीन दिन भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

बीते 24 घंटे में इन इन राज्यों में हुई बारिश
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक बीते 24 घंटे के दौरान देश के लगभग हर हिस्से में बारिश हुई है। पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, केरल, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, असम में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा (7-20 सेमी) दर्ज की गई है। तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, पंजाब, गोवा, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में अलग-अलग स्थानों पर भी 7-11 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
हिमाचल में आज और कल यलो अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में बुधवार और बृहस्पतिवार को भी बारिश का यलो अलर्ट जारी हुआ है। 20 जुलाई तक मौसम खराब बना रह सकता है। मंगलवार शाम तक प्रदेश में 199 सड़कें, 68 बिजली ट्रांसफार्मर और 171 जल आपूर्ति योजनाएं ठप रहीं। आपदा की मार झेल रहा जिला मंडी सबसे अधिक प्रभावित है। चंबा के 50 गांवों में बिजली सप्लाई बंद हो गई है। कुल्लू में भूस्खलन से 35 सड़कें बंद होने से आवाजाही ठप है। मंगलवार को राजधानी शिमला में दोपहर बाद हल्की बारिश हुई। कांगड़ा में बादल छाए रहे। मैदानी जिलों में उमस भरी गर्मी से लोगों के खूब पसीने छूट रहे हैं।
राजस्थान के कई इलाकों में अगले दो से तीन दिन भारी बारिश की संभावना
राजस्थान के विभिन्न जिलों में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। सबसे अधिक 183.0 मिमी बारिश भीलवाड़ा के बिजोलिया में दर्ज की गई है। उत्तर पश्चिम रेलवे के पाली मारवाड़-बोमाडाडा रेलवे खंड पर पटरियों पर जलभराव के कारण साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस ट्रेन रद्द करनी पड़ी है। अगले दो से तीन दिन कोटा, अजमेर और जोधपुर मंडलों में अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
रांची समेत झारखंड के 10 जिलों में यलो अलर्ट
झारखंड की राजधानी रांची समेत प्रदेश के 10 जिलों में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। भारी बारिश के कारण 19 जिलों में आकस्मिक बाढ़ को लेकर बुधवार शाम 5:30 बजे तक के लिए चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों में गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, लातेहार, खूंटी, देवघर, गिरिडीह, जामतारा, बोकारो, धनबाद और दुमका शामिल हैं। आईएमडी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के गंगा किनारे वाले क्षेत्रों में एक अवदाब बना हुआ है, जो धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर की तरफ बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से राज्य में जोरदार बारिश हो रही है।
दिल्ली-एनसीआर में आज भी बारिश की संभावना
मानसून इस बार दिल्ली-एनसीआर पर खूब मेहरबान दिख रहा है। सप्ताहांत पर लगातार हुई बारिश के बाद मंगलवार को राजधानी के कुछ इलाकों में बारिश हुई। सुबह से ही आसमान में बादल और सूरज के बीच लुकाछिपी का खेल जारी रहा। दिन में धूप खिली। लेकिन, बादलों का आना-जाना लगा रहा। ऐसे में थोड़ी देर के लिए रिमझिम बारिश हुई। इस दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से 1.3 डिग्री सेल्सियस कम के साथ 33.9 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.7 डिग्री सेल्सियस कम के साथ 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते 24 घंटे में हवा में नमी का न्यूनतम स्तर 65 फीसदी रहा। वहीं, मौसम विभाग ने बुधवार के लिए भी हल्की वर्षा होने की संभावना जताई है। इस दौरान आसमान में पर बादल छाए रहेंगे।
उत्तराखंड में मुश्किलें बरकरार
उत्तराखंड में बारिश के बाद मलबा आने से सड़कों के बंद होने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को प्रदेश में एक राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 73 सड़कें बंद हो गईं। हालांकि, शाम तक इनमें से 17 सड़कों पर यातायात बहाल हो गया। सड़कों के बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ ही चारधाम पर आने वाले तीर्थ यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक बागेश्वर जिले में कमेड़ी देवी-विजयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 99 में दीवार क्षतिग्रस्त होने की वजह से बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हैं। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में बृहस्पतिवार को गरज और बिजली की चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है और आईएमडी ने यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
20 जून से 14 जुलाई तक 105 लोगों की गई जान
इस मानसून सीजन में 20 जून से 14 जुलाई तक राज्य में बादल फटने, बाढ़, भूस्खलन सहित अन्य कारणों से 105 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 184 लोग घायल हुए हैं। अभी भी 35 लोग लापता हैं। 44 लोगों की सड़क हादसे में मौत हुई है। मानसून सीजन में अब तक करीब 1235 कच्चे-पक्के मकानों, दुकानों को क्षति पहुंची है। 798 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 953 पालतु पशुओं की मौत हुई है। नुकसान का कुल आंकड़ा 786 करोड़ रुपये पहुंच चुका है।

व्हाइट हाउस की सुरक्षा में सेंध; लगाया गया लॉकडाउन; खामेनेई ने हाल ही में दी थी मार डालने की धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास और अमेरिका की सबसे सुरक्षित बिल्डिंग व्हाइट हाउस की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है। यहां मंगलवार को नॉर्थ लॉन में सेफ्टी फेंस के ऊपर से किसी ने अपना मोबाइल फोन फेंक दिया। जैसे ही सुरक्षाकर्मियों को इसकी जानकारी हुई वहां खलबली मच गई। आनन-फानन में सीक्रेट सर्विस ने व्हाइट हाउस परिसर को पूरी तरह से बंद कर दिया और पेन्सिल्वेनिया एवेन्यू में अस्थायी रूप से लॉकडाउन लगा दिया गया। इस दौरान करीब एक घंटे तक हड़बड़ी मची रही। ये घटना सुबह करीब 11 बजे के आस-पास हुई। ईरानी धमकियों के बीच व्हाइट हाउस की सुरक्षा में सेंध का मामला सामने आया है। यहां मंगलवार दोपहर नॉर्थ लॉन में किसी ने अपना मोबाइल फोन फेंक दिया। जिसके कारण वहां हड़बड़ी मच गई।
मंगलवार दोपहर जब ये वाकया हुआ उस वक्त कई पत्रकार एजुकेशन सेक्रेटरी लिंडा मैकमोहन के साथ बातचीत करने के लिए इंतजार कर रहे थे। जिसके बाद सबको तुरंत जेम्स एस. ब्रैडी ब्रीफिंग रूम में ले जाया गया। वहां उन्हें करीब एक घंटे तक बंद रखा गया। इसके बाद जब फोन की जांच कर ली गई और उसमें कुछ भी नहीं मिला तो करीब 11:56 बजे सुरक्षा उपाय हटा लिए गए। व्हाइट हाउस ने अभी तक सुरक्षा उल्लंघन के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
पहले भी सुरक्षा में लग चुकी है सेंध
गौरतलब है कि ये कोई पहली बार नहीं है जब व्हाइट हाउस की सुरक्षा में सेंध का मामला सामने आया हो। इससे पहले, मार्च में, एक बच्चा व्हाइट हाउस में घुस गया था, बाद में जिसे सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स ने उसके परिजनों को सौंप दिया था। उससे पहले, आठ जनवरी को व्हाइट हाउस के एक गेट से एक वाहन टकरा गया था। हालांकि, हादसे में कोई नुकसान नहीं हुआ था। बाद में चालक को हिरासत में लिया गया था।
वहीं, उससे पहले 17 दिसंबर को, सुरक्षा कारणों से सड़क को रोकने वाली एक आधिकारिक एसयूवी में 46 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी बेज फोर्ड सेडान से टक्कर मार दी थी। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है।हालांकि सुरक्षा के नजरिए से यह घटना काफी बड़ी थी, लेकिन बाइडन और उनकी पत्नी जिल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था। यूएस सीक्रेट सर्विस ने बाद में बताया था कि यह एक दुर्घटना थी और किसी भी तरह का हमला नहीं था। अधिकारियों ने शख्स पर शराब के नशे में गाड़ी चलाने और लापरवाही से ड्राइविंग करने के आरोप लगाए थे।
ईरान ने दी है ट्रंप को मारने की धमकी
व्हाइट हाउस की सुरक्षा में ताजा चूक हैरान और परेशान करने वाली है। ये घटना तब हुई है जब हाल ही में ईरान के सर्वोच्च लीडर अयातुल्ला खामेनेई के पूर्व सलाहकार ने ट्रंप को मार डालने की धमकी दी थी। ईरानी टीवी पर बोलते हुए जवाद लारीजानी ने कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति को अपने कामों का अंजाम भुगतना होगा। उन्होंने कुछ ऐसे काम किए हैं, जिसके कारण अब वे मार-ए-लागो में अपने आवास में धूप भी नहीं सेंक पाएंगे। जब वे पेट के बल सूर्य की ओर लेटे होंगे तभी एक छोटा सा ड्रोन आएगा और उनको निशाना बना सकता है। यह बहुत आसान है। उन्होंने कहा कि एक छोटे से ड्रोन से धूप का मजा लेते राष्ट्रपति को निशाना बनाना बहुत आसान होगा।

‘जवाबदेही एक रणनीतिक आवश्यकता’, संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के विरुद्ध अपराधों पर यूएन की बैठक में भारत
भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के विरुद्ध अपराधों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। भारत ने इसे ‘रणनीतिक आवश्यकता’ बताया, जिससे दुनियाभर में शांति कायम रखने की कोशिशों को मजबूती मिले। जवाबदेही की आवश्यता पर जोर देते हुए, राजदूत पी. हरीश ने कहा, ‘इसलिए, जवाबदेही एक रणनीतिक आवश्यकता है। कानून के हिसाब से भी, और इसीलिए कि इससे शांति सैनिकों को सुरक्षा मिलती है और वे अपना काम अच्छे से कर पाते हैं। यह हम सबकी जिम्मेदारी है।’
न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) को ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स (जीओएफ) की एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में शांति सैनिकों के विरुद्ध अपराधों के लिए जवाबदेही को बढ़ावा देने की आवश्यता पर जोर दिया गया। बैठक में बोलते हुए, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत पी. हरीश ने कहा कि शांति सैनिकों को खतरनाक क्षेत्रों में बहुत मुश्किल हालात में काम करना पड़ता है। लेकिन अधिकांशत: शांति सैनिकों पर हमला करने वालों को कोई सजा नहीं मिलती है। इससे हमलावरों का हौसला बढ़ता है और शांति की कोशिशों को नुकसान पहुंचता है।
चर्चा में रहीं ये 5 बड़ी खबरें
- खाटू श्यामजी में श्रद्धालुओं पर फिर कहर! जड़े थप्पड़
- हंगामेदार होगा मॉनसून सत्र… सरकार को घेरने की तैयारी
- राहुल गांधी के साथ कोर्ट में ‘जज साब’ ने ली सेल्फी, क्या है सच?
- चीन ने पाकिस्तान को भेजा HQ-16 एयर डिफेंस सिस्टम
- टेक्सास की बाढ़ में मरने वालों की संख्या 132 हुई, 101 लापता
कल की 5 बड़ी खबरें
- समोसे, जलेबी पर चेतावनी प्रदर्शित करने के दावे ‘भ्रामक और गलत
- पश्चिमी यूपी में RSS ने नियुक्त किए नए प्रचारक, रणनीति समझिए
- कोविड काल में धर्मांतरण खेल, छांगुर बाबा की कोठी में लगे 2 साल
- वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर सामने आया BJP का यह सहयोगी दल
- लव जिहाद का चौंकाने वाला मामला! राज बनकर प्रेमजाल में फंसाया




