आज के बड़े इवेंट
> ओडिशा की छात्रा के आत्मदाह मामले में आज कांग्रेस सहित 8 विपक्षी दलों ने प्रदेशव्यापी बंद बुलाया है
> लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का आज रायबरेली दौरा था, जिसे रद्द कर दिया गया है
अमेरिका में सामान चुराने वाली अवलानी कौन?
अमेरिका में एक भारतीय महिला पर्यटक अवलानी पर एक स्टोर से चोरी का आरोप लगा है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर मौजूद है। वीडियो में वह पुलिस से सामान के पैसे देने की गुहार लगा रही है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे अपराधों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
अमेरिका के एक स्टोर में हाल में चौंकाने वाली घटना हुई है। एक भारतीय महिला पर्यटक पर लगभग $1,000 (करीब 1.1 लाख रुपये) की चोरी का आरोप लगा है। इस महिला की पहचान अवलानी के रूप में हुई है। घटना के बाद उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। इसने इंटरनेट पर बड़ी बहस छेड़ दी है। महिला का हवाला देकर कई लोगों ने भारतीयों को निशाना बनाया। इसका भारतीय समुदाय ने विरोध किया। महिला की गिरफ्तारी का वीडियो @BodyCamEdition नाम के एक YouTube चैनल पर शेयर किया गया। यह चैनल कानून प्रवर्तन से जुड़े वीडियो अपलोड करने के लिए जाना जाता है।
वीडियो में अवलानी पुलिस अधिकारियों से सामान के पैसे देने की गुहार लगाती हुई दिखाई दे रही हैं। वह पूछती है, ‘मैं इसके लिए भुगतान क्यों नहीं कर सकती?’ एक अधिकारी जवाब देता है, ‘हम इससे बहुत आगे निकल चुके हैं। आपने एक गंभीर अपराध किया है।’ जब अवलानी जोर देती है, ‘लेकिन मैं इसके लिए अगर भुगतान कर रही हूं तो इसमें क्या नुकसान है?’ इस पर अधिकारी समझाता है, ‘अगर आप स्टोर से नहीं जातीं तो यह ठीक होता। आपके पास भुगतान करने का अवसर होता। लेकिन, आपने उस समय स्टोर छोड़ दिया, ऐसे में आपने इसके लिए भुगतान न करने का फैसला किया और हम वापस नहीं जा सकते।’
वीडियो में अमेरिकी पुलिसकर्मी अवलानी से यह भी पूछता है कि क्या उसे भारत में चोरी करने की इजाजत है। ऐसा तब होता है जब अवलानी बार-बार यह कहती है कि उसने कुछ गलत नहीं किया है और वह मुसीबत नहीं चाहती है।
इंडिगो फ्लाइट का इंजन फेल, इमरजेंसी लैंडिंग
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से बड़ृी खबर सामने आई है। बुधवार को दिल्ली से गोवा जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट को मुंबई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने PTI को बताया कि विमान का इंजन फेल हो गया था। इसी वजह से फ्लाइट को मुंबई में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से बड़ृी खबर सामने आई है। बुधवार को दिल्ली से गोवा जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट को मुंबई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने PTI को बताया कि विमान का इंजन फेल हो गया था। इसी वजह से फ्लाइट को मुंबई में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।
पटना एयरपोर्ट पर उतरते ही इंडिगो के विमान ने फिर भरी उड़ान
उधर, दिल्ली से 173 यात्रियों को लेकर आ रहे विमान के पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के तुरंत बाद फिर से उड़ान भरने के चलते यात्रियों में घबराहट फैल गई। हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि घटना मंगलवार रात नौ बजे हुई। इंडिगो की उड़ान 6ई 2482 रनवे पर उतरी, लेकिन पायलट को एहसास हुआ कि विमान की गति धीमी करने के लिए रनवे पर पर्याप्त स्थान नहीं है, जिसके बाद विमान ने फिर से उड़ान भर ली। अधिकारियों ने बताया कि कुछ देर आसमान में चक्कर लगाने के बाद पायलट ने विमान को सुरक्षित उतार लिया। उन्होंने बताया कि घटना के समय पटना हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन और यात्रियों की आवाजाही सुचारू रही।
आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में एक तालाब में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, घटना बुधवार शाम गन्नावरम मंडल में हुई। बच्चे तालाब से कमल का फूल तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान गहरे पानी में गिरने से डूब गए। दोनों बच्चों के शव बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस ने बताया कि दोनों की पहचान चैतन्य (12) और सतीश (15) के रूप में हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
ओवैसी बोले- पहलगाम आतंकी हमले का बदला लें, ऑपरेशन सिंदूर जारी रहना चाहिए
एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को कहा कि पहलगाम आतंकी हमले का ‘बदला’ लिया जाना चाहिए और ऑपरेशन सिंदूर जारी रहना चाहिए। बुधवार रात तेलंगाना के बोधन कस्बे में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पहलगाम आतंकी हमला प्रधानमंत्री मोदी सरकार की सुरक्षा चूक का एक उदाहरण है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा की उस कथित टिप्पणी पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा था कि पहलगाम आतंकी हमले में ‘सुरक्षा चूक’ की जिम्मेदारी वह लेते हैं। सिन्हा घटना के लगभग तीन महीने बाद जिम्मेदारी ले रहे हैं। ओवैसी ने कहा कि अगर वे इसके लिए जिम्मेदार हैं, तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव बोले- भारत और स्पेन ‘जुड़वां भाई’ जैसे
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को कहा कि भारत और स्पेन दो प्राचीन सभ्यताओं के वाहक हैं और दोनों देशों ने नैतिक मूल्यों के आधार पर अपनी सदियों पुरानी संस्कृति को आगे बढ़ाया है। स्पेन की यात्रा पर आए यादव ने मध्य प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में यूरोपीय देश से निवेश की भी मांग की। उन्होंने कहा कि दोनों देश जुड़वा भाई जैसे हैं। अब हम विकास के मामले में साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे। भोपाल में जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, स्पेन की राजधानी मैड्रिड में ‘इन्वेस्ट इन एमपी बिजनेस फोरम मीट’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘स्पेन की संस्कृति और तकनीक, दोनों में एक अलग पहचान है।’ यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश भारत का सबसे तेजी से विकसित हो रहा राज्य है और वहां निवेश करना निस्संदेह एक लाभदायक सौदा है।
मेघालय: अखबार में ब्रेड और केक लपेटने पर मशहूर बेकरी बंद
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने मेघालय की एक प्रसिद्ध बेकरी आरबी स्टोर को बंद कर दिया है। आरोप है कि बेकरी ने ब्रेड और केक जैसी खाने की चीजों को लपेटने के लिए अखबार का इस्तेमाल किया, जो नियमों के खिलाफ है। अधिकारियों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। आरबी स्टोर शिलांग के पुलिस बाजार इलाके में है और यह बेकरी 1950 से चल रही है। सिर्फ यही नहीं, एफएसएसएआई ने साफ-सफाई और नियमों के उल्लंघन के कारण चार और रेस्टोरेंट और फास्ट फूड दुकानों को भी बंद करने का आदेश दिया है। इनमें अरुण होटल, मां काली होटल और दो फास्ट फूड आउटलेट शामिल हैं।
जवाबदेही मांगना देश-विरोधी नहीं, कांग्रेस सांसद का किरेन रिजिजू पर पलटवार
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, तो उसे ‘देश-विरोधी बयानबाजी’ नहीं कहा जाना चाहिए। टैगोर ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संसद में विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए। यह बयान तब आया जब किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने विदेश नीति पर प्रधानमंत्री की आलोचना करके ‘पाकिस्तान जैसी भाषा’ बोली है और इससे देश को नुकसान होता है। कांग्रेस सांसद टैगोर ने कहा कि रिजिजू का विपक्ष के नेता पर हमला करना गलत है और यह दिखाता है कि मोदी सरकार डरी हुई है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा, ‘जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर चीन के नेताओं से मिलते हैं, तो वो जो कहते हैं या नहीं कहते, वो विपक्ष को दिए गए भाषणों से ज्यादा अहम होता है। राहुल गांधी उस परिवार से आते हैं जिसने पाकिस्तान का विभाजन किया और बांग्लादेश बनवाया- जो भारत की विदेश नीति की एक बड़ी जीत थी।’
बारिश, बाढ़ और भूस्खलन… झमाझम बारिश से आफत में आई जान
दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश में सक्रिय है और इसके प्रभाव से झमाझम बारिश हो रही है। बुधवार को भी उत्तराखंड समेत पश्चिमी हिमालयी राज्यों से लेकर अरुणाचल प्रदेश, गुजरात से लेकर ओडिशा और कश्मीर से केरल तक अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार वर्षा हुई। राष्ट्रीय राजधानी में भी बौछारें पड़ी और खराब मौसम के कारण इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से पांच उड़ानों को जयपुर और अमृतसर डायवर्ट करना पड़ा। मौसम विभाग ने पूर्वी और उससे सटे मध्य भारत में अगले दो दिन और दक्षिण भारत में 6-7 दिन भारी बारिश की संभावना जताई है।उत्तर-पश्चिम भारत, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं और निम्न दबाव के क्षेत्र भी बने हैं। मौसम संबंधी इन प्रणालियों के प्रभाव से देशभर में बारिश हो रही है जिसके अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं और निम्न दबाव के क्षेत्र भी बने हैं। मौसम संबंधी इन प्रणालियों के प्रभाव से देशभर में बारिश हो रही है जिसके अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है। बुधवार को उत्तराखंड, कोंकण और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्र में कई स्थानों पर अत्यधिक वर्षा है जिसकी मात्रा 21 सेंटीमीटर तक मापी गई। झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, मेघालय में 7-20 सेमी, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, केरल, कर्नाटक और तटीय आंध्र प्रदेश में भी अलग-अलग स्थानों पर 7-11 सेमी वर्षा दर्ज की गई।
जम्मू-कश्मीर में भी कई मार्ग बंद
जम्मूू-कश्मीर में कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। राजोरी में पस्सियां गिरने से कई मार्ग बंद हो गए। रास्तों को बहाल करने के लिए प्रशासनिक अमला जुटा हुआ है। श्रीनगर समेत कश्मीर में अन्य कई जिलों का दिन-रात का पारा लगभग बराबर हो गया है। जम्मू में भी बारिश से गर्मी से राहत मिली है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार 23 जुलाई तक कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। इससे बाढ़, भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने का खतरा रहेगा। धुंध के कारण कटड़ा-सांझीछत चॉपर सेवा दिनभर बाधित रही। हालांकि, मूसलाधार बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कमी नहीं आई और पैदल मार्ग से बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री माता वैष्णो देवी के दरबार में पहुंचे।
दिल्ली : दोपहर बाद बारिश
दिल्ली-एनसीआर के कई क्षेत्रों में दोपहर बाद बारिश हुई। इससे दिल्ली में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई और यह 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री रहा। खराब मौसम का असर विमान सेवाओं पर पड़ा। पांच उड़ानें दिल्ली हवाईअड्डे पर नहीं उतर सकीं। इनमें से चार को जयपुर और एक को अमृतसर भेजना पड़ा। जयपुर भेजी गई उड़ानों एअर इंडिया और इंडिगो की दो-दो उड़ानें थीं, जबकि अमृतसर भेजी गई उड़ान एअर इंडिया की थी।
असम : भूस्खलन से दो की मौत
असम के दीमा हसाओ जिले में एक राजमार्ग निर्माण स्थल पर भूस्खलन में दो लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। मलबे में 10 लोगों के दबे होने की आशंका है जिन्हें निकालने के लिए बचाव अभियान चल रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार रात से हो रही भारी बारिश के कारण माहुर पुलिस थाना क्षेत्र के हंगरम गांव में पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा निर्माण स्थल पर गिर गया। एक महिला समेत पांच घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हिमाचल के सांगला के गंगारंग नाले में बाढ़
हिमाचल प्रदेश में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण किन्नौर जिले की सांगला वैली के गंगारंग नाले में सुबह चार बजे अचानक बाढ़ आने से मलबा बगीचों में घुस गया। जलापूर्ति लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और एक सिंचाई कूहल को भी नुकसान पहुंचा। बृहस्पतिवार को प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
बारिश, बाढ़ व भूस्खलन से राज्य में अभी भी 257 सड़कें बंद हैं और 151 बिजली ट्रांसफार्मर और 171 पेयजल योजनाएं भी ठप पड़ी हैं। सिरमौर जिले के शिलाई में भारी भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 707 (हटकोटी से पनौता) पर यातायात ठप हो गया है। दोनों तरफ वाहनों की लाइन लग गई है, जिला प्रशासन की तरफ से मलबा हटाने के साथ ही रास्ते में फंसे लोगों को राहत पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
आठ बिलियन डॉलर का केस, शेयरधारक जुकरबर्ग की गवाही चाहते हैं; पेश हो सकते हैं मेटा CEO

मार्क जुकरबर्ग इस सप्ताह शुरू होने वाले एक असामान्य $8 बिलियन के मुकदमे में एक प्रमुख गवाह के रूप में पेश हो सकते हैं, जिसमें मेटा के सीईओ पर फेसबुक को एक अवैध उद्यम के रूप में संचालित करने का आरोप है, जिसने उपयोगकर्ताओं के डेटा को उनकी सहमति के बिना एकत्र करने की अनुमति दी। फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप की मूल कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स
के शेयरधारकों ने जुकरबर्ग और कंपनी के अन्य वर्तमान और पूर्व नेताओं पर मुकदमा दायर किया, जिसमें कहा गया कि उन्होंने उपयोगकर्ताओं के डेटा की सुरक्षा के लिए फेसबुक और संघीय व्यापार आयोग के बीच 2012 के समझौते का लगातार उल्लंघन किया है। यह मामला 2018 का है, जब यह सामने आया कि लाखों फेसबुक उपयोगकर्ताओं के डेटा को कैम्ब्रिज एनालिटिका द्वारा एक्सेस किया गया था, जो अब एक बंद हो चुकी राजनीतिक परामर्श फर्म है, जिसने 2016 में डोनाल्ड ट्रम्प के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के सफल अभियान के लिए काम किया था। शेयरधारक चाहते हैं कि जुकरबर्ग और अन्य प्रतिवादी कंपनी को कैम्ब्रिज एनालिटिका घोटाले के सामने आने के बाद मेटा द्वारा चुकाए गए $8 बिलियन से अधिक के जुर्माने और अन्य लागतों की प्रतिपूर्ति करें
म्यूचुअल फंड में सोने-चांदी की वैल्यू घरेलू कीमतों के आधार पर तय हो, बाजार नियामक सेबी का प्रस्ताव
बाजार नियामक सेबी फिजिकल गोल्ड और सिल्वर को होल्ड करने वाले म्यूचुअल फंडों की एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) के जरिए की जाने वाली वैल्यूएशन पद्धति की समीक्षा पर विचार कर रही है। इसका उद्देश्य मौजूदा घरेलू बाजार कीमतों के साथ बेहतर तालमेल और मूल्य निर्धारण में अधिक स्थिरता सुनिश्चित करना है।
घरेलू कमोडिटी एक्सचेंज के आधार पर तय हो कीमतें
बुधवार को जारी अपने परामर्श पत्र में सेबी ने प्रस्ताव दिया है कि एसेट मैनेजमेंट कंपनियां (AMCs) अब सोना और चांदी का मूल्यांकन घरेलू कमोडिटी एक्सचेंजों द्वारा प्रकाशित स्पॉट प्राइस के आधार पर करें। इससे मौजूदा व्यवस्था लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) की AM फिक्सिंग प्राइस का उपयोग की जगह ली जाएगी।
प्रक्रिया पारदर्शी करने पर विचार
सेबी ने यह भी कहा है कि वह एक समान घरेलू बेंचमार्क की पहचान करने और स्पॉट प्राइस निर्धारण के लिए अपनाए जाने वाले पोलिंग मैकेनिज्म को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने पर भी विचार कर रहा है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बन सके।
वर्तमान में LBMA के तहत तय होती है कीमतें
फिलहाल, गोल्ड ETF स्कीम के तहत रखे गए सोने का मूल्यांकन LBMA की AM फिक्सिंग प्राइस पर किया जाता है, जो प्रति ट्रॉय औंस 995.0 फाइननेस वाले सोने के लिए अमेरिकी डॉलर में होता है। इसी तरह, सिल्वर ETF स्कीम के तहत होल्ड चांदी का मूल्यांकन भी LBMA की AM फिक्सिंग प्राइस के आधार पर किया जाता है। यह 999.0 फाइननेस वाले सिल्वर के लिए निर्धारित होती है।
घरेलू बाजार करेगा प्रतिनिधित्व
सेबी ने प्रस्तावित किया कि मूल्यांकन के लिए प्रारंभिक बिंदु के रूप में एलबीएमए मूल्य का उपयोग करने के बजाय, यह अनिवार्य किया जा सकता है कि एएमसी सोने और चांदी के मूल्यांकन के लिए घरेलू कमोडिटी एक्सचेंजों द्वारा प्रकाशित हाजिर कीमतों का सीधे उपयोग करें। इससे प्रयासों के दोहराव को कम करने में मदद मिलेगी और घरेलू मांग और आपूर्ति परिदृश्य के अनुसार सोने और चांदी के बाजार मूल्यों का भी प्रतिनिधित्व होगा।
इस कदम से मूल्यांकन प्रक्रिया सरल होने की उम्मीद है, जिसमें वर्तमान में एलबीएमए कीमतों को अमेरिकी डॉलर में उपयोग करना, उन्हें भारतीय रुपये में परिवर्तित करना, सीमा शुल्क जोड़ना, अनुमानित प्रीमियम या छूट के माध्यम से घरेलू मांग या आपूर्ति के लिए समायोजन करना शामिल है। इसके अलावा, सेबी एक घरेलू बेंचमार्क की पहचान करना चाहता है जिसे सोने और चांदी के मूल्यांकन के लिए म्यूचुअल फंड उद्योग में समान रूप से अपनाया जाना चाहिए।

‘चाहो तो साथ आ जाओ…2029 तक विपक्ष में नहीं जाएंगे’, उद्धव ठाकरे को CM फडणवीस ने दिया खुला ऑफर
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में बड़ा बयान देते हुए कहा कि 2029 तक भाजपा या उनका गठबंधन विपक्ष में जाने वाला नहीं है। उन्होंने शिवसेना (उद्धव गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे को इशारों में सत्ता पक्ष में शामिल होने का ऑफर भी दिया। यह बयान उस वक्त आया है जब बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव नजदीक हैं और राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। भाजपा की यह रणनीति बीएमसी चुनाव से पहले शिवसेना (उद्धव गुट) की स्थिति को कमजोर करने का प्रयास भी हो सकती है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र विधानसभा में कहा कि साल 2029 तक भाजपा और उसका गठबंधन विपक्ष में नहीं जाएगा। उन्होंने इशारों में कहा कि उद्धव ठाकरे चाहें तो सत्ता पक्ष में आने पर विचार कर सकते हैं। यह बयान उस वक्त आया है जब बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव नजदीक हैं और राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
विधान परिषद सत्र के दौरान बोलते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कम से कम 2029 तक हमारे विपक्ष में जाने की कोई संभावना नहीं है। यह बयान राजनीतिक आत्मविश्वास को दर्शाता है। भरी विधान परिषद में उन्होंने कि उद्धव जी चाहें तो इस तरफ आने के बारे में सोच सकते हैं। कम से कम 2029 तक तो हम विपक्ष में नहीं आएंगे। ऐसे में अब एक और संभावित गठबंधन की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह विचार एक अलग तरीके से किया जा सकता है, जिससे यह बयान और ज्यादा सियासी मायनों से भर गया है।
बीएमसी चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल
यह बयान ऐसे समय आया है जब मुंबई की बीएमसी चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। पिछली बार बीएमसी में शिवसेना और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर थी। बीएमसी फिलहाल उद्धव ठाकरे गुट के नियंत्रण में है। भाजपा चाहती है कि इस बार वह बीएमसी पर कब्जा करे और इसके लिए वह सभी राजनीतिक समीकरण साधने में जुट गई है।
उद्धव और राज की नजदीकी पर गठबंधन मुश्किल
हाल ही में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक मंच पर नजर आए थे। दोनों भाइयों ने 20 साल की दूरी खत्म कर महाराष्ट्र में हिंदी भाषा को अनिवार्य बनाने के फैसले का विरोध किया। हालांकि, राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस के उत्तर भारतीयों के खिलाफ रुख को लेकर उद्धव की शिवसेना सहज नहीं है। ऐसे में दोनों के बीच गठबंधन की संभावना अभी अधर में है। वहीं, भाजपा के लिए उद्धव के साथ आना आसान नहीं होगा क्योंकि एक ओर शिंदे गुट पहले से भाजपा के साथ है, दूसरी ओर उद्धव गुट की वापसी से सत्ता समीकरण में तनाव आ सकता है।
पंजाब में आया नया बेअदबी-रोधी विधेयक: आजीवन कारावास से भारी जुर्माने तक का प्रस्ताव, इनके मायने क्या?
पंजाब सरकार पवित्र ग्रंथों के खिलाफ अपराध रोकथाम विधेयक, 2025 के नाम का विधेयक लेकर आई है। बेअदबी से जुड़े इस विधेयक को सोमवार को मंत्रिमंडल से मंजूरी मिली। मंगलवार को इसे विधानसभा में पेश किया गया। सदन में हुई चर्चा के बाद इसे सर्वसम्मति से सेलेक्ट कमेटी के पास भेज दिया गया। यह समिति छह महीने में अपनी रिपोर्ट विधानसभा को सौंपेगी। बेअदबी होती क्या है? आप सरकार की तरफ से लाए गए विधेयक में क्या-क्या प्रावधान किए गए हैं? राज्य में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी से जुड़ा कोई कानून पहले से है या नहीं? इस विधेयक को अभी क्यों पेश किया गया? यह मुद्दा पंजाब में चुनाव पर किस तरह असर डालता है? आइये जानते हैं…
बेअदबी होती क्या है? आप सरकार की तरफ से लाए गए विधेयक में क्या-क्या प्रावधान किए गए हैं? राज्य में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी से जुड़ा कोई कानून पहले से है या नहीं? इस विधेयक को अभी क्यों पेश किया गया? यह मुद्दा पंजाब में चुनाव पर किस तरह असर डालता है?
पहले जानें- बेअदबी होती क्या है?
बेअदबी का सीधा शाब्दिक अर्थ है- किसी भी धार्मिक महत्व की चीज के साथ अदब से पेश न आना। यानी वह धार्मिक वस्तु जिस सम्मान की हकदार है, वह उसे न मिलना। हालांकि, पंजाब में बेअदबी सिर्फ इतने तक ही सीमित नहीं है। इसमें किसी धार्मिक स्थल, कलाकृति या प्रतीक को अपवित्र करना या ऐसा व्यवहार करना शामिल हो सकता है जिसे किसी विशेष धार्मिक समूह के लिए अपमानजनक माना जाता है। धार्मिक चीजों के अपमान का मुद्दा पंजाब में काफी संवेदनशील माना जाता है। इसके चलते सरकारें अलग-अलग समय पर कानूनों को और सख्त बनाती रही हैं।
नए बेअदबी-रोधी विधेयक में क्या प्रावधान हैं?
विधेयक में बेअदबी रोकने से जुड़े पिछले कानूनों के मुकाबले और सख्त प्रावधान किए गए हैं। सबसे पहले तो इस विधेयक में सभी धर्मों के धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को अपराध मानने का प्रावधान है। इसके तहत सिखों के पवित्र ग्रंथ- गुरु ग्रंथ साहिब, हिंदुओं की भगवत गीता, ईसाइयों की बाइबल और मुस्लिमों की कुरान शरीफ की बेअदबी को बराबर तौर पर अपराध माना जाएगा। यानी अगर कोई व्यक्ति इन ग्रंथों को नुकसान पहुंचाता है या इनका स्वरूप बिगाड़ने की कोशिश करता है, इन्हें जलाता है या फाड़ता है, आदि स्थिति में अपराधी को सख्त सजा का प्रावधान किया गया है।
गर बेअदबी के मामलों से सांप्रदायिक हिंसा, दंगे, मौतें या लोगों के घायल होने जैसी घटनाएं होती हैं तो दोषी को 20 साल तक की सजा हो सकती है, वहीं जुर्माने को बढ़ाकर 20 लाख तक किया जा सकता है। इसके अलावा दोषी कैद में रखे जाने के दौरान पैरोल का हकदार भी नहीं होगा। बेअदबी के लिए उकसाने वालों को भी सजा का प्रावधान रखा गया है। अगर कोई नाबालिग या दिव्यांग बेअदबी से जुड़े अपराध में शामिल पाया जाता है तो उसके अभिभावकों पर भी अभियोजन चलाया जाएगा। हालांकि, इन मामलों में स्थिति को भी देखा जाना तय किया गया है।
क्या भारत में नहीं हैं बेअदबी पर रोक से जुड़े कानून?
1860 में अंग्रेज शासकों ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) में एक प्रावधान जोड़ा था, जिसके तहत पवित्र स्थलों, समाधि स्थलों की बेअदबी को अपराध बना दिया गया था। इसके बाद अंग्रेजों ने आईपीसी में धारा 153ए जोड़ी, जिसके जरिए बेअदबी या ईशनिंदा के ऐसे मामले जिनसे सांप्रदायिक तनाव बढ़ता है, उनमें दोषियों को सजा का प्रावधान किया गया।
आईपीसी में ईशनिंदा को पूरी तरह अपराध मानने का प्रावधान 1927 में ब्रिटिश सरकार की तरफ से लाया गया, जब पंजाब में इसे लेकर सांप्रदायिक तनाव भड़का था। उस वक्त रंगीला रसूल नाम की एक पुस्तिका को लेकर मुस्लिम धर्म से जुड़े लोगों ने जबरदस्त बवाल किया। इस मामले में आरोपी को सजा तो नहीं हुई, लेकिन अंग्रेज सरकार ने एक जज के प्रस्ताव के आधार पर आईपीसी में धारा 295 में बदलाव किया और धारा 295ए जोड़कर ईशनिंदा को अपराध बना दिया। इस तरह धार्मिक मसलों पर सख्त प्रावधान लाने में पंजाब शुरुआती केंद्र बना।
हालिया वर्षों में कब-कब बेअदबी के मुद्दों पर बवाल हुए?
पंजाब में बेअदबी का मुद्दा लंबे समय से उठता रहा है। हालांकि, इससे जुड़े बड़े विवाद 2015 के बाद से शुरू हुए।
2015
- 2015 में पंजाब के फरीदकोट जिले के बुर्ज जवाहर सिंह वाला गांव में गुरु ग्रंथ साहिब के एक स्वरूप चोरी पर बवाल हुआ और प्रदर्शन भड़क गए।
- 25 सितंबर 2015 को बुर्ज जवाहर सिंह वाला गांव में ही सिखों और इस धर्म से जुड़े दो ग्रंथियों को लेकर भड़काऊ पोस्टर चिपके मिले। इन पोस्टरों में गुरु ग्रंथ साहिब को लेकर धमकियां दी गई थीं।
- 12 अक्तूबर 2015 को गुरु ग्रंथ साहिब के कुछ पन्ने बरगारी गांव के गुरुद्वारे के सामने और एक पास की गली में बिखरे मिले थे।

राहुल गांधी के वार पर सीएम सरमा का पलटवार, कहा- हमको जेल भेजने आए थे लेकिन भूल गए कि खुद जमानत पर हैं
असम की राजनीति में गर्मी बढ़ गई है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी के असम दौरे पर दिए गए कथित बयान को लेकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने तीखा पलटवार किया है। सरमा ने एक्स पर राहुल गांधी के बंद कमरे में बोले गए कथित बयान का जिक्र करते हुए कहा कि जो खुद देशभर में कई मामलों में जमानत पर हैं, वो दूसरों को जेल भेजने की बात कर रहे हैं। यह टिप्पणी कांग्रेस की असम में रणनीतिक बैठक के बाद सामने आई है।राहुल गांधी ने असम दौरे पर कांग्रेस नेताओं से कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा को जेल भेजा जाएगा। इस पर असम के सीएम सरमा ने पलटवार करते हुए कहा कि खुद राहुल गांधी देशभर में कई मामलों में जमानत पर हैं। उन्होंने राहुल को तंज कसते हुए असम की मेहमाननवाजी का आनंद लेने की सलाह दी।
राहुल गांधी असम दौरे पर थे, जहां उन्होंने कांग्रेस की राज्य स्तरीय राजनीतिक मामलों की समिति के साथ एक बंद बैठक की। इस बैठक में उन्होंने कथित रूप से कहा कि लिख कर ले लीजिए, हिमंत बिस्वा सरमा को जेल जरूर भेजा जाएगा। सरमा खुद को ‘राजा’ समझते हैं, लेकिन असम की जनता उन्हें भ्रष्टाचार के लिए जेल भेजेगी। राहुल ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार को घोटालों का जवाब देना होगा। वहीं, मुख्यमंत्री सरमा ने इस बयान को राहुल की दुर्भावना और राजनीतिक प्रतिशोध की भावना बताया। सात ही उन्होंने इसे राजनीतिक मंच का दुरुपयोग कहा।

सीएम हिमंत का पलटवार
हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी के बयान का जवाब एक्स पर एक पोस्ट के जरिए दिया। उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी बड़े आराम से भूल गए कि वे स्वयं देशभर में दर्ज कई आपराधिक मामलों में जमानत पर हैं। सरमा ने राहुल को तंज कसते हुए असम की मेहमाननवाजी का आनंद लीजिए। इसके साथ ही आगे उन्होंने कहा कि केवल मुझे जेल भेजने की बात कहने के लिए राहुल गांधी असम आए हैं।
कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग
इस बयानबाजी के बाद असम की राजनीति में गर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और भाजपा के मुख्यमंत्री सरमा के बीच यह तकरार सीधे तौर पर दोनों दलों की रणनीति और विचारधारा को सामने रखती है। कांग्रेस राज्य में भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार और तानाशाही के आरोप लगाती रही है, जबकि भाजपा कांग्रेस को परिवारवाद और कानूनी मामलों में घिरा हुआ बताती है।
क्या हैं राहुल गांधी के खिलाफ केस?
मुख्यमंत्री सरमा के बयान के मुताबिक, राहुल गांधी देश के कई हिस्सों में आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं और इन मामलों में उन्हें जमानत मिली हुई है। इसमें सबसे चर्चित मामला ‘मोदी सरनेम’ टिप्पणी वाला है, जिसमें मानहानि का आरोप लगा और उन्हें दो साल की सजा भी सुनाई गई थी, हालांकि बाद में सजा पर रोक लगी और उन्हें जमानत मिली। इतना ही नहीं राहुल गांधी पर और भी मामले दर्ज हैं।

‘उसका जुनून बेजोड़ है…’, मदन लाल ने की विराट कोहली से टेस्ट क्रिकेट में वापस आने की अपील
अपनी पीढ़ी के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक माने जाने वाले कोहली का टेस्ट करियर शानदार रहा है। मदन लाल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कोहली की वापसी एक झटका नहीं, बल्कि एक बड़ा बढ़ावा होगी।
भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर और 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य मदन लाल ने विराट कोहली से संन्यास को लेकर दोबारा विचार करने और टेस्ट क्रिकेट में वापसी की अपील की है। कोहली के इस प्रारूप को अलविदा कहने के फैसले ने कई प्रशंसकों और विशेषज्ञों को आश्चर्यचकित कर दिया था, लेकिन मदन लाल का मानना है कि पूर्व कप्तान के पास अभी भी बहुत कुछ देने को है।
मदन लाल ने कोहली की प्रतिबद्धता को सराहा
‘मदन लाल ने भारतीय क्रिकेट के प्रति कोहली की प्रतिबद्धता की प्रशंसा की और उन्हें टेस्ट टीम में वापस देखने की उम्मीद जताई। मदन लाल ने कहा, विराट कोहली का भारतीय क्रिकेट के लिए जुनून बेजोड़ है। यह मेरी इच्छा है कि वह संन्यास के फैसले को बदलें और टेस्ट क्रिकेट में वापसी करें। ऐसा करने में कोई बुराई नहीं है। अगर इस सीरीज में नहीं तो वह अगली सीरीज से वापसी कर सकते हैं।
अपनी पीढ़ी के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक माने जाने वाले कोहली का टेस्ट करियर शानदार रहा है। मदन लाल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कोहली की वापसी एक झटका नहीं, बल्कि एक बड़ा बढ़ावा होगी। उन्होंने उनके अनुभव और नेतृत्व की ओर इशारा किया। मदन लाल ने कहा, उनकी ऊर्जा, अनुभव और प्रभाव अमूल्य हैं। ये गुण युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करते हैं और टीम को दबाव में स्थिर रहने में मदद करते हैं। कोहली ने हालांकि, वापसी को लेकर सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा है, लेकिन मदन लाल की इस अपील से प्रशंसकों में कुछ उम्मीद जगी होगी।
सिर्फ वनडे में खेलते दिखेंगे कोहली
कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले लाल गेंद के प्रारूप को अलविदा कह दिया था। इससे पहले उन्होंने 2024 टी20 विश्व कप जीतने के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय से भी संन्यास ले लिया था। वह अब भारत के लिए सिर्फ वनडे क्रिकेट में खेलते नजर आएंगे। भारतीय टीम मौजूदा इंग्लैंड दौरे पर रोहित शर्मा और कोहली के बिना गई है। भारत इस सीरीज में फिलहाल 1-2 से पीछे चल रहा है।

पीएम धन-धान्य कृषि योजना को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी, हर साल खर्च होंगे 24000 करोड़ रुपये
कैबिनेट ने 36 योजनाओं को मिलाकर 24,000 करोड़ रुपये प्रति वर्ष के परिव्यय वाली प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े कई फैसले भी लिए गए हैं। आइए कैबिनेट के अहम निर्णयों पर एक नजर डालें।
केंद्रीय कैबिनेट ने 36 योजनाओं को मिलाकर 24,000 करोड़ रुपये प्रति वर्ष के परिव्यय वाली प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को मंजूरी दी। सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह एलान किया है। सरकार ने एनएलसीआईएल को नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश के लिए 7,000 करोड़ रुपये की भी मंजूरी दे दी है। इसके अलावे कैबिनेट ने एनटीपीसी को नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश के लिए 20,000 करोड़ रुपये की मंजूरी देने पर भी अपनी मुहर लगा दी है।
क्या है प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना?
मंत्रिमंडल ने बुधवार को छह साल की अवधि के लिए प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत हर वर्ष 24,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसमें 100 जिले शामिल होंगे। केंद्रीय बजट में घोषित यह कार्यक्रम 36 मौजूदा योजनाओं को एकीकृत करेगा और फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने मदद देगा।
भंडारण और सिंचाई सुविधाओं में होगा सुधार
केंद्रीय मंत्रिमंडल में लिए गए निर्णय के बारे में जानकारी साझा करते हुए, सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पीएम धन-धान्य कृषि योजना से फसल के बाद भंडारण में वृद्धि होगी, सिंचाई सुविधाओं में सुधार होगा और कृषि उत्पादकता में वृद्धि होगी। इस कार्यक्रम से 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलने की संभावना है।
एनएलसी इंडिया एनआईआरएल में कर सकेगा 7000 करोड़ रुपये का निवेश
सरकार ने बुधवार को एनएलसी इंडिया को अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई एनआईआरएल में 7,000 करोड़ रुपये निवेश करने की अनुमति दे दी। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की ओर से लिया गया। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने एनएलसी इंडिया लिमिटेड (एनएलसीआईएल) को नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यमों (सीपीएसई) पर लागू मौजूदा निवेश दिशानिर्देशों से विशेष छूट देने को मंजूरी दे दी है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, “इस रणनीतिक निर्णय से एनएलसीआईएल को अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एनएलसी इंडिया रिन्यूएबल्स लिमिटेड (एनआईआरएल) में 7,000 करोड़ रुपये का निवेश करने में मदद मिलेगी। इसके तहत एनआईआरएल विभिन्न परियोजनाओं में सीधे या संयुक्त उद्यम का गठन कर निवेश कर सकेगी।इसके लिए पूर्व अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी।”
एनटीपीसी को नवीकरणीय ऊर्जा में 20000 करोड़ रुपये के निवेश की मंजूरी
केंद्र सरकार ने बुधवार को सार्वजनिक क्षेत्र की एनटीपीसी को 2032 तक 60 गीगावाट क्षमता हासिल करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विस्तार पर 20,000 करोड़ रुपये तक निवेश करने की अनुमति दे दी है। सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) में लिए गए निर्णय के बारे में बताया। एनटीपीसी के लिए पहले स्वीकृत निर्धारित सीमा 7,500 करोड़ रुपये थी।
सरकार की ओर से बताया गया है कि एनटीपीसी और एनजीईएल को दी गई अनुमति देश में नवीकरणीय परियोजनाओं के त्वरित विकास में मदद करेगी। बयान में कहा गया है कि यह कदम बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और पूरे देश में चौबीसों घंटे विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराने में निवेश सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
शुभांशु शुक्ला की पृथ्वी पर वापसी से जुड़ा प्रस्ताव भी पारित
बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा पर भी एक प्रस्ताव पारित किया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह स्पेस की दिशा में हमारी बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा, “आईएसएस (अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन) से ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की वापसी पर मंत्रिमंडल ने एक बड़ा संकल्प पारित किया है। 15 जुलाई को भारत की अनंत आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अन्तरिक्ष यात्रा से सकुशल धरती पर लौटे हैं। ये समूचे देश के लिए गर्व, गौरव और उल्लास का अवसर है। आज मंत्रिमंडल, देश के साथ मिलकर, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के सफलतापूर्वक पृथ्वी पर लौटने का अभिनंदन करता है। उन्होंने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर 18 दिन का ऐतिहासिक मिशन पूरा किया।”

असम में BJP पर बरसे राहुल गांधी,देश में विचारधारा की लड़ाई चल रही, एक बांटती और दूसरी जोड़ती है
असम के छयगांव में राहुल गांधी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश में विचारधाराओं की लड़ाई चल रही है। इस दौरान उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर जमकर निशाना साधा। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से असम में कांग्रेस की भारी जीत का दावा किया।देश में विचारधाराओं की जंग लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने असम के छयगांव में एक जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक तरफ आरएसएस की विचारधारा है जो नफरत और हिंसा फैलाती है, और दूसरी तरफ कांग्रेस की विचारधारा है जो सत्य और अहिंसा पर आधारित है।
राहुल गांधी ने कहा कि असम की जनता सच्चाई जानती है और आने वाले चुनावों में कांग्रेस भारी जीत दर्ज करेगी। उन्होंने छयगांव की सभा में कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि एक नई टीम बनाई गई है, काम शुरू हो चुका है और जनता जल्द ही इसके नतीजे देखेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को पार्टी की रीढ़ बताते हुए उन्हें शेर और शेरनियां कहा।
विचारधाराओं की लड़ाई पर जोर
अपने भाषण में राहुल गांधी ने देश में जारी वैचारिक संघर्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि देश में एक विचारधारा विभाजन की है, वहीं दूसरी विचारधारा कांग्रेस की है, जो एकता और भाईचारे की बात करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सोच हर नागरिक को जोड़ने की है, जबकि आरएसएस और भाजपा की राजनीति समाज को बांटने की कोशिश करती है।
कार्यकर्ताओं को बताया पार्टी की ताकत
राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी कांग्रेस पार्टी के शेर और शेरनियां हैं। आप किसी से नहीं डरते। आप ही हमारी ताकत हैं। कांग्रेस की विचारधारा आपके डीएनए में है।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जनसंपर्क बढ़ाएं और जनता को बताएं कि कांग्रेस किस विचार और मुद्दों पर काम करती है।
असम को लेकर दिखाया आत्मविश्वास
राहुल ने असम में कांग्रेस की संभावनाओं को लेकर भरोसा जताया और कहा कि राज्य की जनता अब बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जमीन पर काम शुरू कर दिया है और नई टीम के जरिए लोगों से सीधा संवाद किया जा रहा है। राहुल गांधी का यह दौरा राज्य में चुनावी तैयारियों का हिस्सा माना जा रहा है।
संघ और भाजपा पर साधा निशाना
सभा के अंत में राहुल गांधी ने यह भी कहा कि भाजपा औरआरएसएस की राजनीति समाज में डर और बंटवारा पैदा करती है। इसके जवाब में कांग्रेस सत्य, न्याय और शांति के रास्ते पर चलती है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक मुकाबला नहीं, बल्कि देश की आत्मा को बचाने की लड़ाई है।
सीएम सरमा पर भी साधा निशाना
इस दौरान राहुल गांधी ने सीएम सरमा पर भी हमला बोलते हुए कहा कि हिमंत खुद को ‘राजा’ समझते हैं, लेकिन असम की जनता उन्हें भ्रष्टाचार के लिए जेल भेजेगी। सीएम डरे हुए हैं क्योंकि कांग्रेस के निडर कार्यकर्ता उन्हें कटघरे तक ले जाएंगे। राहुल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार को घोटालों का जवाब देना होगा। हालांकि इस बयान पर सीएम सरमा ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी भूल गए हैं कि वो खुद जमानत पर चल रहे हैं.
भाजपा ने कांग्रेस से लिया उधार का सीएम- खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने असम के कामरूप के चायगांव में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि असम हमेशा कांग्रेस का गढ़ रहा है। भाजपा 1940 के दशक से सरकार बनाने की कोशिश कर रही थी लेकिन सफल नहीं हो सकी, जब तक कि उन्होंने कांग्रेस से एक नेता ‘उधार’ लेकर उसे मुख्यमंत्री नहीं बना दिया। मौजूदा मुख्यमंत्री सबको डरा रहे हैं और राज्य को लूट रहे हैं। आप सभी को सतर्क रहना है और एकजुट होकर काम करना है।
जम्मू: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘अभी और भी समय है। 9 अगस्त तक अमरनाथ जी की यात्रा चलेगी और मैं उम्मीद करता हूं कि यात्रियों की संख्या बढ़ेगी। पहलगाम में हमले के बाद ऐसा लग रहा था कि शायद ही कोई अमरनाथ जी की यात्रा के लिए आएंगे लेकिन अभी तक 2.5 लाख तीर्थयात्री यहां आ चुके हैं…’
- चुनाव आयोग की पोल खुल चुकी है- सौरभ भारद्वाज
- बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान पर AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा, “हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली चुनावों में चुनाव आयोग की पोल खुल चुकी है। दिल्ली चुनाव से पहले हमने साबित कर दिया था कि चुनावों में धांधली कैसे की जाती है; असली मतदाताओं के नाम काटे गए और हज़ारों नए मतदाता जोड़े गए… जिस तरह से दिल्ली में चुनाव आयोग की पोल खुली, उससे उन्हें पता था कि यह काम नहीं करेगा। वे मतदाता सूची में हेराफेरी करने के तरीके ढूंढ रहे हैं। यह चुनाव कराने का तरीका नहीं है। इसका मतलब है कि आप तय करेंगे कि किसे वोट देना है और कौन जीतेगा।
- नीतीश कुमार पुरी तरह से निकम्मे: तेज प्रताप
- बिहार में जंगल राज के साथ गुंडा राज: कांग्रेसकांग्रेस नेता विक्रांत भूरिया ने कहा कि बिहार में ‘जंगल राज, गुंडा राज’ है। यह इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। राज्य में कानून और सरकार का कोई डर नहीं है। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने परिवार के सदस्यों से टेलीफोन पर बात की और आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी परिवार के समर्थन में खड़ी रहेगी। यह बहुत ही शर्मनाक घटना है।
- भुवनेश्वर में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया
- भुवनेश्वर पुलिस ने बालासोर आत्मदाह मामले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
- प्रशांत किशोर का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला
- जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव आयोग ने पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगर वे कह रहे हैं कि यहां नेपाली और बांग्लादेशी हैं, तो यह बेहद चिंता की बात है। क्या चुनाव आयोग यह मान रहा है कि लोकसभा चुनाव के लिए इस्तेमाल की गई मतदाता सूची में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी या अवैध लोग शामिल थे?
- अब बंगाली-हिंदी पर विवाद
- असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के बयान पर पश्चिम बंगाल की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि क्या बंगाली बोलना अपराध हो जाता है? चाहे कोई हिंदी बोले, असमिया बोले या बंगाली, सब मिलजुल कर रहते हैं। केंद्र सरकार की मदद से बीजेपी की राज्य सरकारें भाषा को लेकर ये बातें कह रही हैं। हम इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और जब भी कहीं अन्याय होता है, हमारी नेता ममता बनर्जी सबसे पहले आवाज उठाती हैं। इसीलिए 16 जुलाई को यहां रैली होगी, हमारे दूसरे जिलों में भी रैलियां होंगी और हमारी माननीय मुख्यमंत्री हमारी कोलकाता रैली का नेतृत्व करेंगी। हम दिल्ली में भी विरोध प्रदर्शन करेंगे।
पाकिस्तान में तीन फितना ख्वारिज दर्रार आतंकी ढेर; कंबोडिया में साइबर अपराध पर नकेल, 1000 गिरफ्तार
पाकिस्तान में सुरक्षाबलों ने प्रतिबंधित फितना ख्वारिज दर्रार के तीन मोस्ट वांटेड आतंकवादियों को मार गिराया। बुधवार रात खुफिया सूचना मिलने के बाद उत्तरी वजीरिस्तान की सीमा से लगे बन्नू जिले में सीटीडी और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। आतंकवाद निरोधी विभाग (CTD) के साथ कार्रवाई के दौरान सुरक्षाबलों ने मुदस्सिर उर्फ मुदस्सरी, तुराब उर्फ उमर खत्ताब उर्फ मलंग और मुहम्मद हुसैन उर्फ मुआज नाम के तीन वांटेड आतंकियों को ढेर कर दिया। तीनों आतंकवादी पुलिस अधिकारी कामरान, नुसरत, सिकंदर और एएसआई असगर समेत कई कानूनी अधिकारियों की हत्या के मामले में वांछित थे। अधिकारियों ने बताया कि हत्या के अलावा भी कई आपराधिक वारदातों में इनकी तलाश लंबे समय से की जा रही थी।

कंबोडिया में साइबर अपराध पर नकेल, 1000 गिरफ्तार
एशियाई देश कंबोडिया में साइबर अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है। प्रधानमंत्री हुन मानेट ने देश में आपराधिक साइबर कृत्यों पर नकेल कसने और कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। इसी का नतीजा है कि महज एक हफ्ते में 1,000 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। प्रधानमंत्री मानेट ने ‘सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को बरकरार रखने और संरक्षित करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि कंबोडिया में, विदेशी आपराधिक समूह ऑनलाइन घोटाले करने के लिए घुसपैठ कर चुके हैं। साइबर अपराध के अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोह प्रतिवर्ष अरबों डॉलर कमाते हैं। संयुक्त राष्ट्र और अन्य एजेंसियों का अनुमान है कि अधिकांश साइबर घोटालों के तार दक्षिण-पूर्व एशिया से जुड़े होते हैं। इन्हीं बातों के मद्देनजर देश की सरकार सख्त कदम उठा रही है। साइबर स्कैम और जुए के धंधों के लिए कुख्यात थाईलैंड की सीमा से सटे कंबोडियाई शहर पोइपेट में बुधवार को 45 महिलाओं समेत कम से कम 270 इंडोनेशियाई लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, उत्तरपूर्वी प्रांत क्राटी में पुलिस ने थाईलैंड, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, म्यांमार और वियतनाम के नागरिकों समेत 312 लोगों को गिरफ्तार किया।
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में खाड़ी देशों के नेताओं की मेजबानी की
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को व्हाइट हाउस में खाड़ी देशों के दो अरब नेताओं की मेजबानी की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब इस्राइल और सीरिया के बीच बढ़ती हिंसा ने मध्य पूर्व में शांति लाने के उनके वादे पर संदेह खड़ा कर दिया है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में बहरीन के क्राउन प्रिंस से मुलाकात की और बाद में कतर के प्रधानमंत्री के साथ रात्रिभोज भी करना है। राष्ट्रपति ट्रंप ने खाड़ी क्षेत्र को बहुत अहमियत दी है, क्योंकि यह इलाका बहुत अमीर है और उनके परिवार के व्यापारिक रिश्ते भी यहां कई देशों में हैं। अपने दूसरे कार्यकाल की पहली विदेश यात्रा में वे सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जा चुके हैं। हालांकि गाजा युद्ध जैसे गंभीर मुद्दों पर कोई खास हल नहीं निकला है, फिर भी ट्रंप का ध्यान अब आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और देशों के बीच अच्छे संबंध बनाने पर है। बहरीन के युवराज सलमान बिन हमद अल खलीफा से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने कहा, ‘उन्हें जो भी चाहिए था, हमने उनकी मदद की। और जब हमें कुछ चाहिए था, तो उन्होंने भी हमारी मदद की।’
इराक के तेल क्षेत्रों पर ड्रोन हमला, कई तेल संयंत्र बंद
इराक के उत्तर में मौजूद कुर्द क्षेत्र में बुधवार को ड्रोन हमले हुए। ये हमले तेल क्षेत्रों को निशाना बनाकर किए गए, जिससे कई तेल संयंत्रों को बंद करना पड़ा। यह हमला हाल के दिनों में हुए हमलों की कड़ी में एक और हमला है। अब तक किसी भी संगठन ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है। इससे इराक की केंद्र सरकार और कुर्द प्रशासन के बीच तनाव बढ़ गया है। कुर्द क्षेत्र के आतंकवाद-रोधी विभाग ने बताया कि जाखो जिले में दो ड्रोनों ने एक तेल क्षेत्र पर हमला किया। इसमें कुछ नुकसान हुआ, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ। तेल क्षेत्र का संचालन करने वाली नॉर्वे की कंपनी डीएनओ एएसए ने कहा कि तावके में एक छोटा भंडारण टैंक और पेशकबीर में कुछ उपकरणों को नुकसान हुआ है। तीन विस्फोटों के बाद कंपनी ने अपना काम अस्थायी रूप से रोक दिया है। हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। कुछ घंटे बाद दोहुक प्रांत के शेखान जिले में बाद्रे तेल क्षेत्र पर भी ड्रोन हमला हुआ। इसमें भी कोई घायल नहीं हुआ। वीडियो में बंजर पहाड़ियों से धुएं का गुबार उता दिखा।
चैरिटी के लिए अंगोला में बारूदी सुरंगों से होकर गुजरे प्रिंस हैरी
प्रिंस हैरी बुधवार को अपनी मां प्रिंसेस डायना की तरह एक सुरक्षा जैकेट पहनकर अंगोला में एक ऐसी जगह से होकर गुजरे, जहां जमीन में बारूदी सुरंगें थीं। उन्होंने ऐसा लोगों को यह बताने के लिए किया कि पुरानी लड़ाइयों में बची इन सुरंगों को हटाना कितना जरूरी है। प्रिंस हैरी, जो ‘ससेक्स के ड्यूक’ कहलाते हैं, उस समय हेलो ट्रस्ट नाम की संस्था के साथ अंगोला में थे। यही संस्था प्रिंसेस डायना के साथ भी काम कर चुकी है, जब उन्होंने जनवरी 1997 में अंगोला का दौरा किया था। डायना की उसी साल अगस्त में एक कार दुर्घटना में मौत हो गई थी। डायना की बारूदी सुरंगों के खिलाफ जागरूकता फैलाने वाली तस्वीरों ने दुनिया भर में इस खतरे के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू करने में मदद की थी। उसी साल एक अंतरराष्ट्रीय समझौता भी हुआ, जिसमें बारूदी सुरंगों पर रोक लगाने की बात तय की गई। हेलो ट्रस्ट के मुताबिक, प्रिंस हैरी दक्षिणी अंगोला के एक गांव कुइटो कुआनावाले के पास एक बारूदी सुरंग क्षेत्र में गए। इससे पहले भी, 2019 में, हैरी ने इसी तरह की यात्रा की थी, जिससे यह साबित होता है कि वे लगातार अपनी मां की राह पर चल रहे हैं।
बेल्जियम के टुमॉरोलैंड संगीत समारोह के मुख्य मंच में लगी आग
बेल्जियम में होने वाले टुमॉरोलैंड म्यूजिक फेस्टिवल के शुरू होने से दो दिन पहले, बुधवार को इसके मुख्य मंच में आग लग गई। आयोजकों ने बताया कि आग से मंच को काफी नुकसान पहुंचा है। इस हादसे में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। सोशल मीडिया और खबरों में आई तस्वीरों में दिखा कि आग की लपटें मंच को घेर रही थीं और धुआं आसमान में फैल रहा था। आग पास के जंगल तक भी पहुंच गई। यह फेस्टिवल ब्रुसेल्स के पास बूम शहर में होता है और शुक्रवार से शुरू होने वाला था। इसमें यूरोप के कई देशों से हजारों लोग शामिल होते हैं।
म्यांमार में भूकंप के झटके, रिएक्टर स्केल पर 3.7 मापी गई तीव्रता
म्यांमार में बृहस्पतिवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 3.7 मापी गई। एनसीएस के अनुसार, भूकंप जमीन से 83 किलोमीटर की गहराई पर आया। इतनी कम गहराई वाला भूकंप दोबारा झटकों की संभावना को बढ़ा देता है। इससे पहले बुधवार को भी इसी इलाके में 4.6 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके अलावा, 14 जुलाई को भी इसी क्षेत्र में 3.9 तीव्रता का भूकंप आया था। यह भूकंप भी जमीन से सिर्फ 10 किलोमीटर नीचे आया था।
NATO चीफ ने भारत को दी खुली धमकी
यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद ही पश्चिमी देशों ने रूस को व्यापारिक प्रतिबंधों में बांध दिया था। जिसके बाद भारत और चीन, रूस के सबसे बड़े तेल खरीददार बन गए। 2023 में, इन दोनों देशों ने रूस से समुद्री मार्ग से आने वाले क्रूड ऑयल के लगभग 85-90% हिस्से का आयात किया।
जनवरी में वाइट हाउस आने के बाद से डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत की परेशानियों को बढ़ा रहे हैं। यूक्रेन युद्ध खत्म करवाने में नाकाम रहने वाले डोनाल्ड ट्रंप अब हर हाल में रूस की इकोनॉमी का गला घोंटना चाहते हैं। इसके लिए वो भारत और चीन के खिलाफ भारी भरकम टैरिफ लाने की बात कर रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप के बाद नाटो के चीफ मार्क रूटे ने भी कहा है कि “अगर ब्राजील, चीन और भारत जैसे देश रूस के साथ व्यापार जारी रखते हैं, तो उन पर सेकेंड्री सेंक्शन बहुत भारी पड़ सकते हैं। इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि “यदि रूस अगले 50 दिनों में यूक्रेन में युद्ध खत्म करने के लिए राजी नहीं होता, तो अमेरिका उन देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाएगा, जो रूस से तेल, गैस, हथियार या कृषि उत्पाद खरीदते हैं।” इसे “सेकेंडरी टैरिफ” नाम दिया गया है, यानी यह सीधे रूस को नहीं, बल्कि रूस के व्यापारिक साझेदारों को चोट पहुंचाने की अमेरिका की रणनीति है।
यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से भारत लगातार भारी मात्रा में रूस से तेल खरीदता आ रहा है। पश्चिमी देश भारत के रूस से तेल खरीदने की आलोचना करते रहे हैं, लेकिन भारत आयात बढ़ाता रहा है। लेकिन ट्रंप प्रशासन के नये तेवर से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और अमेरिकी व्यापार संबंध, दोनों संकट में आ सकते हैं। सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से चीन, वियतनाम, तुर्की, ब्राजील और संयुक्त अरब अमीरात भी प्रभावित होंगे, जो रूस से अलग अलग सेक्टर में भारी भरकम कारोबार करते हैं।
यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद ही पश्चिमी देशों ने रूस को व्यापारिक प्रतिबंधों में बांध दिया था। जिसके बाद भारत और चीन, रूस के सबसे बड़े तेल खरीददार बन गए। 2023 में, इन दोनों देशों ने रूस से समुद्री मार्ग से आने वाले क्रूड ऑयल के लगभग 85-90% हिस्से का आयात किया। अकेले भारत हर दिन 1.6 से 1.7 मिलियन बैरल कच्चा तेल रूस से खरीदता है, जो भारत की कुल दैनिक जरूरत का लगभग 35 प्रतिशत है। रूस भारत को भारी भरकम डिस्काउंट पर तेल बेचता है, ऐसे में ट्रंप की धमकी भारत की ऊर्जा रणनीति पर सीधा हमला करती है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि “अगर 50 दिनों में कोई समझौता नहीं होता है, तो हम बहुत कड़े टैरिफ लगाएंगे, लगभग 100 प्रतिशत टैरिफ।” G-7 देशों ने पहले ही रूस तेल की कीमत पर 60 डॉलर प्रति डॉलर का कैप लगा रखा है। इसलिए भारत 60 डॉलर प्रति बैरल से कम कीमत पर रूसी तेल खरीदता है, जबकि इंटरनेशनल मार्केट करीब 70 डॉलर प्रति बैरल तेल बिक रहा है। (कीमत 66 से 72 के बीच) ऐसे में समझा जा सकता है कि भारत को कितना फायदा हो रहा है।
नाटो महासचिव मार्क रूटे ने ट्रंप के फैसले का समर्थन करते हुए कहा है कि भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों को अब रूस से संबंधों पर फिर से विचार करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर आप दिल्ली में रहते हैं, तो आपको सोचना चाहिए कि यह नीति आपको कितनी बुरी तरह से प्रभावित कर सकती है।” अमेरिका की कांग्रेस में भी इस नीति को लेकर सहमति बनती दिख रही है। सीनेटरों ने यहां तक कहा कि ट्रंप द्वारा दिए गए 50 दिनों की मोहलत का फायदा रूस उठा सकता है, ताकि वह युद्ध में और बढ़त बना सके। अमेरिका के कुछ सीनेटर ‘बंकर बस्टर’ बिल लाने की तैयारी में है, जिसमें रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत कर टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है।
पहलगाम के आतंकियों ने मनाया था जश्न
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए जघन्य आतंकी हमले में बड़ा खुलासा हुआ है। बैसरन वैली में धर्म पूछकर खून बहाने के बाद आतंकियों ने जश्न भी मनाया था। एनआईए की जांच में मुख्य गवाह ने चौंकानेवाला खुलासा किया है। उसने बताया है कि कैसे उसकी जान बची थी।

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के 80 दिन बाद एक बड़ा खुलासा सामने आया है। बैसरन वैली में 26 लोगों की हत्या करने के बाद आतंकवादियों ने हवाई फायरिंग करके जश्न मनाया था। यह चौंका देने वाला खुलासा एनआईए की जांच में हुआ है। पहलगाम हमले के मुख्य गवाह ने जांच एजेंसी को बताया है कि आतंकवादियों ने बैसरन वैली में खून बहाने के बाद हवा में चार राउंड फायरिंग करके जश्न मनाया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जम्मू कश्मीर पुलिस की मदद से एक स्थानीय शख्स को ट्रैक किया था। जिसका हमले के बाद आतंकवादियों से आमना-सामना हुआ था।
शिकंजे में हैं आतंकियों के मददगार
पहलगाम आतंकवादी हमले के एक मुख्य गवाह ने जांचकर्ताओं को बताया है कि उसने 22 अप्रैल को मैदानी इलाकों में 26 नागरिकों की हत्या के बाद बंदूकधारियों को जश्न में हवा में चार राउंड गोलियां चलाते देखा था। द इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि पिछले महीने एनआईए ने हमलावरों को कथित तौर पर पनाह देने के आरोप में दो स्थानीय लोगों परवेज अहमद जोथर और बशीर अहमद को गिरफ्तार किया था। एनआईए के एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने तीन हथियारबंद आतंकवादियों की पहचान उजागर की और पुष्टि की है कि वे लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े पाकिस्तानी नागरिक थे।
मौके से बरामद किए गए कारतूस
एनआईए की जांच जैसे आगे बढ़ी वैसे ही एक स्थानीय व्यक्ति मिला। जिसे अब जांच एजेंसी ने मुख्य गवाह बना लिया है। मुख्य गवाह ने एनआईए को अहम जानकारी दी है कि जब आतंकी नागरिकों की हत्या करने के बाद बैसरन से निकल रहे थे, तो बंदूकधारियों ने उसे रोक लिया। इसके बाद आतंकियों ने उसे कलमा पढ़ने के लिए कहा था। जब उसने अपने स्थानीय लहजे में बोलना शुरू किया, तो उन्होंने उसे छोड़ दिया। उन्होंने जश्न में गोलियां चलानी शुरू कर दीं। गवाह के अनुसार हवा में चार राउंड गोलियां चलाई गईं। गवाह के बयान के आधार पर जांच एजेंसियों ने खाली कारतूस भी बरामद किए हैं। गवाह ने बताया है कि उसने परवेज और बशीर को कथित तौर पर एक पहाड़ी के पास खड़े होकर हमलावरों के सामान की देखभाल करते देखा था।
आतंकियों ने मांगा था खाना
एक केंद्रीय खुफिया एजेंसी के सूत्र ने बताया कि परवेज ने दावा किया है कि घटना से एक दिन पहले, तीनों हमलावर दोपहर करीब साढ़े तीन बजे उसके घर आए और खाना मांगा। उनके पास हथियार थे। उसकी पत्नी ने उन्हें खाना परोसा और वे करीब चार घंटे तक बैसरन में सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटक स्थलों, रास्तों और समय-सारणी से जुड़े सवाल पूछते रहे। जाने से पहले, हमलावरों ने परवेज की पत्नी से कुछ मसाले और बिना पके चावल पैक करने को कहा और परिवार को 500 रुपये के पांच नोट दिए।
रूसी महिला के एक्स हसबैंड ने मांगी बेटियों की कस्टडी
कर्नाटक के गोकर्ण में जंगल के बीच एक गुफा में कुछ दिन पहले अपनी दो बेटियों के साथ रहती हुई मिली रूसी महिला नीना कुटिना के पूर्व पति और इजराइली नागरिक ड्रोर गोल्डस्टीन ने बेटियों की कस्टडी मांगी देने की मांग करते हुए दावा किया है कि वह उनका पिता है।

कर्नाटक के गोकर्ण में एक गुफा में अपनी दो बेटियों के साथ मिली रूसी महिला नीना कुटिना के पूर्व पति इजराइली नागरिक ड्रोर गोल्डस्टीन ने बेटियों की कस्टडी मांगी है। गोल्डस्टीन का कहना है कि वह बेटियों के पिता हैं और उन्हें हफ्ते में कुछ समय के लिए मिलना और उनकी देखभाल करना चाहता है। उसे चिंता है कि अगर बेटियां रूस चली गईं तो उनसे संपर्क बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा, इसलिए वह चाहते हैं कि वे भारत में ही रहें। 38 साल के ड्रोर गोल्डस्टीन ने बताया कि वह लगभग छह महीने गोवा में रहते हैं। उन्होंने पीटीआई से बात करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह और कुटिना (40 साल) कुछ सालों से अलग रह रहे थे। कुछ महीने पहले कुटिना बेटियों को लेकर गोवा से चली गई। इसके बाद से उनका संपर्क टूट गया था।
गोल्डस्टीन ने क्या बताया?
गोल्डस्टीन ने बताया कि उन्होंने गोकर्ण के एक बीच पर कुटिना को ढूंढ लिया था। लेकिन कुटिना ने उन्हें बच्चों के साथ रहने नहीं दिया। क्योंकि अब वे साथ नहीं हैं। गोल्डस्टीन के अनुसार, उनकी मुलाकात कुटिना से 2017 के आसपास गोवा में हुई थी। अलग होने से पहले वे दोनों भारत और यूक्रेन के बीच यात्रा करते रहे थे। गोल्डस्टीन ने बताया कि वह इस साल मार्च में भारत से चले गए थे। युद्ध के कारण वह पहले नहीं आ सके। उन्होंने कहा कि जब मैंने यह खबर सुनी तो मैंने उनसे मिलने के लिए तुरंत बेंगलुरु के लिए फ्लाइट बुक करवाई।
बच्चों की कस्टडी मांगी
गोल्डस्टीन का कहना है कि कुटिना अकेले ही बच्चों की परवरिश करना चाहती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुटिना ने शुरुआत में ही मुझसे कहा था कि अगर मैं उसी घर में नहीं रहूंगा, तो मुझे उनसे बिल्कुल भी संपर्क नहीं रखना चाहिए। गोल्डस्टीन ने बताया कि कुछ महीने पहले जब उनकी पत्नी और बच्चियां गोवा से चली गईं थीं, तो उन्होंने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लेकिन अब मैं ज्वाइंट कस्टडी के लिए प्रयास करना चाहता हूं।
हर महीने देता हूं पैसे-गोल्डस्टीन
गोल्डस्टीन ने यह भी बताया कि जब कुटिना ने उनकी पहली बेटी को जन्म दिया था, तब से वह उनकी मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं उन्हें हर महीने पैसे देता हूं और फिर उनके साथ छह महीने बिताने के लिए भारत आ जाता हूं। क्योंकि बाकी छह महीनों के लिए मेरे पास अन्य जिम्मेदारियां होती हैं। इसके अलावा वीजा भी सिर्फ छह महीने का ही होता है।
कहां मिली थी रूसी महिला?
गोल्डस्टीन ने बताया कि उनकी छोटी बेटी का जन्म भारत में हुआ था और कुटिना लगभग पांच सालों से यहां (भारत में) रह रही है। उन्होंने कहा कि जहां तक मैं समझता हूं, वह (अमा) भारत की नागरिक है और उसे निर्वासित नहीं किया जाना चाहिए। कुटिना 11 जुलाई को अपनी बेटियों प्रेमा (6 साल) और अमा (4 साल) के साथ कुमता तालुक की रामतीर्थ पहाड़ियों में एक गुफा में मिली थीं। पुलिस को वे तब मिलीं जब वे भूस्खलन के बाद इलाके का निरीक्षण कर रहे थे। (इनपुट एजेंसी)
चर्चा में रहीं ये 5 बड़ी खबरें
- भारत से 80 ATAGS तोप खरीदेगा आर्मेनिया
- सीरिया में इजरायल के 160 हवाई हमले
- निमिषा प्रिया को माफी नहीं… बड़ा झटका
- भारत-अमेरिका की डील में किसे होगा?
- बिहार में मर्डर करने वालों की खैर नहीं
कल की 5 बड़ी खबरें
- गालीबाज गर्ल महक-परी को जमानत
- ड्रूज… जिनके लिए जंग में कूदा इजरायल
- रघुराम राजन की भारत के लिए चेतावनी
- शुभांशु शुक्ला की इमोशनल तस्वीरें
- इकरा को ‘गेट आउट’ कहने वाले ADM कौन?





