अग्नि आलोक
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*28 जुलाई की ताजा खबर: US में बोइंग के विमान में लगी आग, खजाना खोजने निकले चीन-रूस, भारी दबाव में फूट पड़ा चुनाव आयोग,’अफीम’ बेच रहे कोचिंग माफिया…,कैलाश विजयवर्गीय की लंच पॉलिटिक्स,पहाड़ से लेकर मैदान तक…अगले तीन दिन भारी; मूसलाधार बारिश*

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आज के बड़े इवेंट
> थाईलैंड और कंबोडिया के बीच आ मलेशिया में होगी शांति वार्ता
आज लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर 16 घंटे की बहस
ईडी ने गूगल और मेटा को समन भेजा है, जिस पर आज पेशी होगी
राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि केस में आज हाथरस में होगी सुनवाई
आज से मध्य प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र की शुरुआत
राजधानी दिल्ली के मंत्रियों की संख्या सीमा को चुनौती देने वाली याचिका पर आज HC में सुनवाई
RTI एक्ट में बदलाव और डाटा संरक्षण कानून को लेकर आज पत्रकार संगठनों से IT मंत्रालय की बैठक

पहाड़ से लेकर मैदान तक…अगले तीन दिन भारी; मूसलाधार बारिश के आसार, नदियां भी दिखा सकती हैं रौद्र रूप

मौसम विभाग ने 28 जुलाई को पूर्वोत्तर में मूसलाधार बारिश के जारी रहने की संभावना जताई है। जबकि 29-31 जुलाई के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र यानी जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश का एक नया चरण शुरू होने का अनुमान है।महाराष्ट्र से लेकर राजस्थान और उत्तराखंड तक पिछले 24 घंटों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश ने कहर बरपाया। मुंबई में रविवार को भारी बारिश के चलते कई हिस्से जलमग्न दिखे। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, पश्चिम उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, मिजोरम, त्रिपुरा और मेघालय में भी 7 से11 सेमी तक भारी बारिश हुई।

उधर ओडिशा के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं तो केरल में भारी बारिश और तेज हवाएं जारी रहने के कारण कई नदियों और बांधों का जल स्तर बढ़ गया, पेड़ उखड़ने से घरों को नुकसान पहुंचा और राज्य के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। मौसम विभाग ने 28 जुलाई को पूर्वोत्तर में मूसलाधार बारिश के जारी रहने की संभावना जताई है। जबकि 29-31 जुलाई के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र यानी जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश का एक नया चरण शुरू होने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश में 29 जुलाई तक चार जिलों चंबा, कांगड़ा, मंडी और कुल्लू के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने मुंबई के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। पिछले 24 घंटों में भी मुंबई में भारी बारिश हुई। मुंबई शहर में 6.80 मिमी, पूर्वी उपनगर में 11.53 मिमी और पश्चिमी उपनगर में 7.42 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई।

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पश्चिमी यूपी में बारिश दिखाएगी अपना असर
उत्तर प्रदेश दोबारा सक्रिय हुआ मानसून आज पश्चिमी यूपी में अपना असर दिखाएगा। मौसम विभाग की ओर से सोमवार के लिए उत्तराखंड से सटे चार जिलों सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर और बिजनौर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पश्चिमी यूपी के 10 अन्य जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट हैा साथ ही 23 जिलों में गरज चमक के साथ वज्रपात की आशंका जताई गई है।


 

मध्य प्रदेश में बारिश का स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव
मध्य प्रदेश में बारिश का स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने से लगातार पानी गिर रहा है। कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मौसम विभाग के अनुसार, लो प्रेशर एरिया, दो मानसून ट्रफ और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से मध्यप्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम बना है। जिसका असर अगले 4 दिन और रहेगा यानी जुलाई की विदाई तेज बारिश के साथ होगी। वहीं, अगस्त की शुरुआत में भी बारिश का दौर जारी रहेगा।

राजस्थान : कुशलगढ़ में सबसे अधिक 136 मिमी बारिश दर्ज
जयपुर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि राजस्थान के उत्तर-मध्य भागों पर कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण राज्य में व्यापक स्तर पर वर्षा हो रही है। निम्न दबाव के प्रभाव के कारण, कोटा, उदयपुर, जयपुर, भरतपुर और जोधपुर सहित कई जिलों में पिछले 24 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। बांसवाड़ा के कुशलगढ़ में सबसे अधिक 136 मिमी बारिश दर्ज की गई। रविवार को पाली, चित्तौड़गढ़ और बारां समेत कई इलाकों में बारिश हुई। करीब दो घंटे तक हुई भारी बारिश से पाली के सादड़ी इलाके में सड़कें पानी में डूब गई।

नदियां खतरे के निशान से ऊपर
अधिकारियों ने रविवार को बताया कि ओडिशा के बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों में उफनती नदियों का पानी निचले इलाकों में घुस गया है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। सुवर्णरेखा, बैतरणी और जलका नदियां खतरे के निशान पर या उससे ऊपर बह रही हैं। बैतरणी नदी रविवार सुबह दो बजे 19.09 मीटर पर बह रही थी, जो खतरे के स्तर 18.33 मीटर को पार कर गई। बंगाल के कई जिलों में लगातार बारिश जारी है। कोलकाता में 24 घंटे से हो रही बारिश के कारण कई सड़कें जलमग्न हो गई। 


वायनाड में डैम का गेट खोलने से बाढ़ का खतरा

केरल के वायनाड जिले में भारी बारिश के मद्देनजर, बाणासुर सागर बांध के गेट रविवार सुबह खोल दिए गए, ताकि करीब 100 क्यूसेक (घन फीट प्रति सेकंड) पानी छोड़ा जा सके। इसके मद्देनजर नदी के किनारे और अन्य निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। पत्तनमथिट्टा जिले में मूझियार जलाशय के सभी तीन द्वार पानी छोड़ने के लिए खोल दिए गए, इसका जल स्तर 190 मीटर के रेड अलर्ट निशान से ऊपर चला गया। तेज हवाओं और समुद्र में उथल-पुथल के कारण 30 जुलाई तक केरल-कर्नाटक-लक्षद्वीप तटों पर मछली पकड़ने से मना किया गया है।

हिमाचल: चंबा के पांगी में टूटा अस्थायी पुल, महिला बही 
चंबा जिले की पांगी घाटी के कढू नाला में अस्थायी पुल टूटने से उससे गुजर रहे तीन लोग पानी में बह गए। दो लोग किसी तरह किनारे तक पहुंच गए, लेकिन एक महिला अब तक लापता है। पुलिस ने सर्च अभियान चलाया, लेकिन रविवार शाम होने तक महिला का कोई सुराग नहीं लग पाया है।

अमेरिका में बोइंग के विमान में लगी आग, उड़ान भरते समय हादसा

अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट में सवार यात्रियों को भयावह स्थिति का सामना करना पड़ा, जब डेनवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान के मुख्य लैंडिंग गियर में आग लग गई। घटना उस समय हुई, जब विमान मियामी के लिए उड़ान भर रहा था। इसके बाद रनवे पर आपातकालीन निकासी की गई, जिसमें कम से कम एक व्यक्ति घायल हो गया।

 अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट में सवार यात्रियों को भयावह स्थिति का सामना करना पड़ा, जब डेनवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान के मुख्य लैंडिंग गियर में आग लग गई। घटना उस समय हुई, जब विमान मियामी के लिए उड़ान भर रहा था। इसके बाद रनवे पर आपातकालीन निकासी की गई, जिसमें कम से कम एक व्यक्ति घायल हो गया। घटना का भयावह वीडियो सामने आया है, जिसमें अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला है। यात्रियों को आग और धुएं से घिरे विमान से एक इमरजेंसी स्लाइड के जरिए निकाला गया।

अमेरिका के संघीय विमानन प्रशासन (FAA) ने बताया कि डेनवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अमेरिकन एयरलाइंस की उड़ान संख्या 3023 के लैंडिंग गियर में खराबी हो गई, जब वह स्थानीय समयानुसार दोपहर लगभग 2.45 बजे मियामी के लिए उड़ान भर रही थी। लाइव एटीसी के कॉकपिट ऑडियो में एक एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को पायलट से यह कहते हुए सुना जा सकता है- ‘उड़ान संख्या 2023, बहुत धुआं है।’

रनवे पर ही था विमान, तभी लगी आग

डेनवर फायर डिपार्टमेंट के अनुसार, बोइंग 737 MAX8 के मुख्य पहियों के पास आग लग गई, जबकि विमान अभी भी रनवे पर ही था। विमान में 173 यात्री और चालक दल के 6 सदस्य शामिल थे, जिन्हें आपातकालीन निकास का इस्तेमाल करते हुए फ्लाइट से सुरक्षित बाहर निकाला गया।

दुनिया के सबसे खतरनाक क्षेत्र में खजाना खोजने निकले चीन-रूस

चीन और रूस का दावा है कि इस मिशन से समुद्रों की पारिस्थितिकी को समझने में मदद करेगी, जिससे जलवायु मॉडलिंग, समुद्री संसाधनों के संरक्षण और भविष्य की प्राकृतिक आपदाओं को लेकर पूर्वानुमान किया जा सकता है। 

चीन और रूस करीब पांच सालों के बाद फिर से खजाना खोजने साथ मिलकर निकले हैं। दोनों देशों ने एक नई संयुक्त महासागरीय अनुसंधान यात्रा (oceanographic expedition) की शुरुआत की है। रिपोर्ट के मुताबिक इस रिसर्च मिशन का मकसद समुद्र में लगातार होने वाले डेवलपमेंट, जलवायु परिवर्तन और गहरे समुद्री इकोसिस्टम पर इसके प्रभावों को समझना है। इस महत्वाकांक्षी अभियान को रूस के व्लादिवोस्तोक बंदरगाह से रवाना किया गया है, जहां से अनुसंधान पोत एकेडमिक एम.ए. लावरेंटयेव यात्रा निकला है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस जहाज पर चीन और रूस के 25 वैज्ञानिकों की टीम है और ये टीम करीब 45 दिनों तक लगातार मिशन पर रहेगी।

साउथ चायना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के अधीन आने वाले चीन के प्रथम समुद्र विज्ञान संस्थान (FIO) ने कहा है कि दोनों देशों के बीच शुरू किया गया नौवां अभियान है और कोविड महामारी के बाद ऐसा पहला मिशन है, जो गहरे समुद्र के वातावरण पर बदलती जलवायु के प्रभावों पर केंद्रित है। अभियान का मुख्य केंद्र बेरिंग सागर और उत्तर-पश्चिमी प्रशांत महासागर होगा, जहां वैज्ञानिक पर्यावरण को लेकर सर्वेक्षण करेंगे। वैज्ञानिक यह जानने की कोशिश करेंगे कि पिछले 1.26 लाख वर्षों में इन क्षेत्रों ने जलवायु परिवर्तनों की वजह से क्या बदलाव हुए हैं। कई एक्सपर्ट्स ये भी कह रहे हैं कि इस मिशन का असली मकसद इस क्षेत्र में दुर्लभ प्राकृतिक संसाधनों की खोज करना है।

चीन और रूस कर रहे दुर्लभ खनिज धातुओं की खोज?
चीन और रूस का दावा है कि इस मिशन से समुद्रों की पारिस्थितिकी को समझने में मदद करेगी, जिससे जलवायु मॉडलिंग, समुद्री संसाधनों के संरक्षण और भविष्य की प्राकृतिक आपदाओं को लेकर पूर्वानुमान किया जा सकता है। चीन की ओशियानोग्राफी इंस्टीट्यूट ने कहा है कि यह मिशन भविष्य में वैश्विक समुद्री रणनीति में एशिया की भूमिका को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। आपको बता दें कि पिछले कुछ साल से चीन और रूस मिलकर ऐसे मिशन को शुरू कर रहे हैं, ताकि पश्चिमी देशों की आपत्तियों का साथ मिलकर मुकाबला किया जा सके। साल 2009 में चीन के चिंगदाओ शहर में चीन-रूस समुद्री विज्ञान संगोष्ठी का आयोजन किया गया था। जिसमें 25 संस्थानों के 120 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने भाग लिया था। 2017 में FIO और POI ने मिलकर समुद्र विज्ञान और जलवायु पर संयुक्त अनुसंधान केंद्र की स्थापना की थी।

लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस रिसर्च के पीछे सिर्फ वैज्ञानिक खोज नहीं, बल्कि रणनीतिक महत्व भी है। साल 2023 में चीन और रूस ने उत्तरी समुद्री मार्ग पर सहयोग के लिए एक विशेष उप-समिति का गठन किया था। यह समुद्री मार्ग रूस के आर्कटिक तट से होकर स्कैंडिनेविया से लेकर अलास्का तक 5,600 किलोमीटर तक फैला हुआ है। इस मार्ग की भौगोलिक स्थिति उसे भविष्य के वैश्विक व्यापार का केंद्र बना सकती है, खासकर तब, जब जलवायु परिवर्तन की वजह से बर्फ की परतें पतली हो रही हैं। इसके अलावा दोनों ही देश मिलकर इस मार्ग में ज्यादा से ज्यादा जहाज चलाने और चीन-रूस के बीच होने वाले कारोबार को पश्चिमी देशों के प्रेशर से आजाद करवाने चाहते हैं।

कलिनिनग्राद पर हमला होते ही शुरू हो जाएगा परमाणु युद्ध?

कलिनिनग्राद, रूस का एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक तौर पर काफी अहम हिस्सा है। ये मुख्य रूस से कटा हुआ है और पोलैंड और लिथुआनिया के बीच बाल्टिक सागर के किनारे स्थित है। यह क्षेत्र रूस की पश्चिमी सैन्य रणनीति का प्रमुख आधार रहा है और रूस ने यहां पर लंबी दूरी की मिसाइलें तैनात हैं। 

रूस ने नाटो देशों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसके रणनीतिक रूप से अहम कलिनिनग्राद क्षेत्र पर कोई भी हमला हुआ तो इसका फौरन और विनाशक जवाब दिया जाएगा। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी और रूसी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव निकोलाई पत्रुशेव ने कहा कि कलिनिनग्राद रूस का अभिन्न हिस्सा है और उस पर किसी भी हमले की स्थिति में सभी सैन्य साधनों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिनमें परमाणु प्रतिरोध नीति भी शामिल है। उन्होंने चेतावनी देते हुए साफ शब्दों में कहा है कि रूस के पास हमले को रोकने और दुश्मनों के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए जो भी साधन हैं, उन साधनों का इस्तेमाल किया जाएगा। वो अपने किसी भी साधन का इस्तेमाल करने से नहीं हिचकेगा।

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी स्पूतनिक को दिए गये इंटरव्यू में निकोलाई पत्रुशेव ने अमेरिका को सख्त शब्दों में चेतावनी दी है। माना जा रहा है कि बहुत जल्द यूक्रेन, कलिनिनग्राद पर हमले शुरू कर सकता है। पिछले दिनों डोनाल्ड ट्रंप ने भी यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमीर जेलेंस्की को रूस के अंदरूनी हिस्सों में हमला करने की खुली छुट दे दी थी। माना जा रहा है कि अगर यूक्रेन, रूस के अंदरूनी हिस्सों में, जिसमें राजधानी मॉस्को भी शामिल है, हां हमले करता है तो युद्ध अचानक से विनाशकारी स्थिति में पहुंच सकती है।

क्या कलिनिनग्राद पर हमला करेगा यूक्रेन?
पत्रुशेव ने स्पूतनिक को दिए गये इंटरव्यू में कहा है कि “हम लंबे समय से पश्चिमी देशों की कलिनिनग्राद को लेकर बनाई गई योजनाओं से परिचित हैं। मैं उन्हें बस एक ही बात कह सकता हूं, कि यह क्षेत्र रूस का हिस्सा है और उस पर हमला हमारी संप्रभुता पर हमला माना जाएगा, जिसका जवाब हमारी सैन्य नीति और परमाणु सिद्धांतों के मुताबिक तत्काल और निर्णायक तरीके से दिया जाएगा।” दरअसल, अमेरिका के सीनियर सैन्य अधिकारी जनरल क्रिस्टोफर टी. डोनाह्यू ने अपने एक बयान में दावा किया था, कि नाटो के पास कलिनिनग्राद को सैन्य रूप से ‘निष्क्रिय’ करने की पूरी क्षमता है और इसके लिए प्लान भी तैयार किया गया है। जनरल डोनाह्यू वर्तमान में यूरोप और अफ्रीका में अमेरिकी सेना के कमांडिंग जनरल हैं। उनका यह बयान रूस के लिए एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखा गया है, जिसने मॉस्को की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

आपको बता दें कि कलिनिनग्राद, रूस का एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक तौर पर काफी अहम हिस्सा है। ये मुख्य रूस से कटा हुआ है और पोलैंड और लिथुआनिया के बीच बाल्टिक सागर के किनारे स्थित है। यह क्षेत्र रूस की पश्चिमी सैन्य रणनीति का प्रमुख आधार रहा है और रूस ने यहां पर लंबी दूरी की मिसाइलें, नौसेना और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर रखे हैं। कलिनिनग्राद, नाटो देशों की सीमाओं के काफी करीब रहा है, इसलिए नाटो देश इसे खतरे के रूप में देखते हैं। लेकिए एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर नाटो ने इस क्षेत्र को छूने की भी कोशिश भी, तो ये कोशिश एक बड़े टकराव की आग को भड़का सकती है।

हरिद्वार के मनसा देवी से पहले भारत में इन मंदिरों और समारोहों में हुई है बड़ी भगदड़, सैकड़ों लोगों की गई जान

हाल के वर्षों में भारत में मंदिरों और धार्मिक समारोहों में भगदड़ की कई दुखद घटनाएं हुई हैं। ताजा घटना हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में हुई, जहां भगदड़ में 6 श्रद्धालुओं की जान चली गई। उत्तराखंड के हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर क्षेत्र में रविवार को भगदड़ मचने से 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।यह पहली बार नहीं है जब भारत में मंदिरों और अन्य धार्मिक समारोहों में भगदड़ में लोग मारे गए हों। पिछले कुछ वर्षों में देश में हुई कुछ प्रमुख भगदड़ की घटनाओं की सूची इस प्रकार है-

  • 4 जून, 2025 : आईपीएल में आरसीबी की जीत का जश्न मनाने के लिए भीड़ एकत्र हुई, जिसमें चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास भगदड़ मचने से कम से कम 11 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।
  • 3 मई, 2025 : गोवा के शिरगाओ गांव में श्री लैराई देवी मंदिर के वार्षिक उत्सव के दौरान तड़के मची भगदड़ में छह लोगों की मौत हो गई और लगभग 100 लोग घायल हो गए।
  • 15 फरवरी, 2025 : नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में महिलाओं और बच्चों समेत 18 लोगों की मौत हो गई। ये लोग महाकुंभ के लिए प्रयागराज जाने वाली ट्रेन का इंतजार कर रहे थे।
  • 29 जनवरी, 2025 : ‘अमृत स्नान’ में भाग लेने के लिए लाखों लोगों की भीड़ जुटने के बाद महाकुंभ के संगम क्षेत्र में मची भगदड़ में 30 लोगों की मौत हो गई और 60 अन्य घायल हो गए।
  • आठ जनवरी, 2025 : तिरुमाला हिल्स स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में वैकुंठ द्वार दर्शनम के टिकट के लिए सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच हुई धक्का-मुक्की में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए।
  • दो जुलाई, 2024 : उत्तर प्रदेश के हाथरस में स्वयंभू बाबा भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि द्वारा आयोजित सत्संग में भगदड़ मचने से महिलाओं और बच्चों सहित 100 से 120 लोगों की मौत हो गई।
  • 31 मार्च, 2023 : इंदौर शहर के एक मंदिर में रामनवमी के अवसर पर आयोजित हवन कार्यक्रम के दौरान एक प्राचीन ‘बावड़ी’ के ऊपर बनी स्लैब के ढह जाने से 36 लोगों की मौत हो गई।
  • 1 जनवरी, 2022 : जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में 12 लोगों की मौत हो गई और एक दर्जन से अधिक घायल हो गए।
  • 14 जुलाई, 2015 : आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में ‘पुष्करम’ उत्सव के पहले दिन गोदावरी नदी के तट पर एक प्रमुख स्नान स्थल पर भगदड़ मचने से 27 तीर्थयात्रियों की मृत्यु हो गई और 20 अन्य घायल हो गए।
  • 3 अक्टूबर, 2014 : दशहरा समारोह समाप्त होने के तुरंत बाद पटना के गांधी मैदान में मची भगदड़ में 32 लोग मारे गए और 26 अन्य घायल हो गए।
  • 13 अक्टूबर, 2013 : मध्य प्रदेश के दतिया जिले में रतनगढ़ मंदिर के पास नवरात्रि उत्सव के दौरान मची भगदड़ में 115 लोग मारे गए और 100 से अधिक घायल हो गए।

 भारी दबाव में फूट पड़ा चुनाव आयोग… SIR पर दिया नया अपडेट

बिहार में एसआईआर को लेकर भारी बवाल मचा हुआ है। नेता तो नेता आम जनता भी परेशान दिख रही है। वहीं बढ़ते दबाव के बीच अब चुनाव आयोग सामने आया है और सबकुछ क्लियर कर दिया है। चुनाव आयोग ने अफवाह फैलाने वाले लोगों की क्लास भी लगा दी है।

बिहार की मतदाता सूची संसोधन मामले में लगातार बनते दबाव के बाद आखिरकार चुनाव आयोग फूट ही पड़ा। चुनाव आयोग ने जहां अफवाह फैलाने वालों की क्लास लगा दी है तो वहीं कई कन्फ्यूजन को क्लियर भी कर दिया है। इसके साथ ही एक नया अपडेट भी दिया है। चुनाव आयोग ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कुछ लोग बिहार की मतदाता सूची संसोधन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान (SIR) के बारे में गलत जानकारी फैला रहे हैं। लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने साफ-साफ कहा कि हाल ही में जो लिस्ट आई है, वह सिर्फ एक ड्राफ्ट लिस्ट है। यह बात सबको बताई गई थी। लेकिन कुछ लोग ऐसा दिखा रहे हैं कि यह लिस्ट फाइनल है।

चुनाव आयोग का नया अपडेट
चुनाव आयोग ने कहा है कि निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के आदेश सहित उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना बिहार की मसौदा मतदाता सूची से कोई भी नाम नहीं हटाया जा सकता। ईआरओ के किसी भी निर्णय से असंतुष्ट कोई भी मतदाता जिला मजिस्ट्रेट और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है।

चुनाव आयोग बोला- इतना बड़ा बखेड़ा क्यों खड़ा किया जा रहा
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग ने कहा कि हम यह समझने में असमर्थ है कि जब 1 अगस्त से 1 सितंबर तक का पूरा एक महीना लोगों को किसी भी तरह की आपत्ति दर्ज कराने के लिए उपलब्ध कराया गया है तो वे अब इतना बड़ा बखेड़ा क्यों खड़ा कर रहे हैं? चुनाव आयोग ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि वे अपने 1.6 लाख BLA से 1 अगस्त से 1 सितंबर तक दावे और आपत्तियां मंगवा सकते हैं। हमने आप लोगों को हर तरह का मौका दिया है।

चुनाव आयोग ने कहा कि कुछ लोग यह दिखाने की कोशिश क्यों कर रहे हैं कि ड्राफ्ट लिस्ट फाइनल लिस्ट है, जबकि SIR के आदेशों के अनुसार ऐसा नहीं है। चुनाव आयोग का यह बयान बिहार में SIR के पहले चरण के खत्म होने पर आया है।

7.24 करोड़ मतदाताओं से फॉर्म मिले हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि 36 लाख लोग या तो कहीं और चले गए हैं या वे मिले ही नहीं। आयोग ने यह भी बताया कि बिहार के सात लाख मतदाता ऐसे पाए गए हैं जिनके नाम एक से ज्यादा जगहों पर दर्ज हैं। इसका मतलब है कि कुछ लोगों ने एक से ज्यादा बार वोटर आईडी कार्ड बनवा लिया है।

कृपया गलत जानकारी न फैलाएं: चुनाव आयोग
चुनाव आयोग चाहता है कि लोग गलत जानकारी न फैलाएं। उनका कहना है कि मतदाता सूची को ठीक करने के लिए अभी भी समय है। अगर किसी को कोई गलती दिखती है, तो उसे तुरंत बताना चाहिए। इससे चुनाव में गड़बड़ी होने से बचेगी। चुनाव आयोग का मकसद है कि हर सही मतदाता का नाम लिस्ट में हो और किसी भी गलत आदमी का नाम लिस्ट में न रहे। इसलिए, अगर आपको लगता है कि आपके वोटर लिस्ट में कोई गड़बड़ है, तो आप 1 सितंबर तक अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। चुनाव आयोग आपकी मदद के लिए हमेशा तैयार है।

अफीम’ बेच रहे कोचिंग माफिया… टॉप इकनॉमिस्‍ट ने UPSC क्रेज पर उठाए सवाल

संजीव सान्याल जाने-माने अर्थशास्त्री और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य हैं। उन्‍होंने भारत में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की संस्कृति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे टैलेंट का गलत इस्तेमाल बताया है। सान्याल के अनुसार, ‘कोचिंग क्लास माफिया’ इस कल्‍चर को बढ़ावा दे रहे हैं। उनका कहना है कि यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) परीक्षा में बैठने वाले 99.9% लोग असफल हो जाते हैं। यानी सफलता का रेट उद्यमियों की तुलना में भी कम है। उन्होंने इस परीक्षा को जीवन का मुख्य लक्ष्य मानने के तर्क पर भी सवाल उठाया। उनका मानना है कि कोचिंग उद्योग जानबूझकर युवाओं को ऐसे जोखिम भरे रास्ते पर धकेलता है जिसका पेऑफ यानी व्यावसायिक लाभ बेहद कम है। वह इसे ‘अफीम बेचने’ जैसा बताते हैं। यह लाखों युवाओं को एक ऐसे सपने में उलझाए रखता है जिसके पूरे होने की संभावना लगभग न के बराबर है। वहीं, इसमें कोचिंग संस्थान भारी मुनाफा कमाते हैं।

कैसे अर्थव्‍यवस्‍था को बड़ी चोट?

यह स्थिति भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ह्यूमन र‍िसोर्स यानी मानव पूंजी के अपव्यय का गंभीर मामला है। ऐसे समय में जब भारत को इनोवेशन, आंत्रेप्रेन्‍योरशिप और अलग-अलग सेक्‍टरों में विशेषज्ञता की जरूरत है, तब सबसे सक्षम युवा कई सालों तक एक ऐसी परीक्षा की तैयारी में लगे रहते हैं जो उन्हें मुश्किल से ही कोई नतीजा देती है। सफल होने वाले भी अक्सर अपने काम से पूरी तरह संतुष्ट नहीं होते। यह ‘आकांक्षा की गरीबी’ को दर्शाता है। यानी युवाओं की ऊर्जा को सही व्यावसायिक दिशा नहीं मिल पाती।

एलन मस्‍क बनने की दी सलाह

सान्याल ने सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) कुशल लोढ़ा के साथ एक पॉडकास्ट में कहा कि इतनी कम सफलता दर होने के बावजूद लोग इसे क्यों चुनते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि लोगों को एलन मस्क बनने की कोशिश करनी चाहिए। सान्याल ने साफ किया कि उन्हें सिविल सर्वेंट बनने की इच्छा रखने वाले लोगों से कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन, वे उन युवाओं के खिलाफ हैं जो सालों तक इस चक्र में फंसे रहते हैं। उन्होंने इसे मानव संसाधन की बर्बादी बताया है। मार्च 2024 के अंत में सान्याल ने यूपीएससी के प्रति क्रेज को लेकर चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि बहुत सारे युवा अपनी ऊर्जा यूपीएससी की परीक्षा पास करने में बर्बाद कर रहे हैं।

‘जाल’ में फंस रहे प्रतिभाशाली छात्र

अपने ताजा पॉडकास्ट में सान्याल ने तर्क दिया कि औसत के बजाय प्रतिभाशाली छात्र इस ‘जाल’ में फंस रहे हैं। परिवार प्रतिभाशाली छात्रों को ही दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहने और तैयारी करने के लिए भेजते हैं। इस तरह हम अपने सिस्टम से सर्वश्रेष्ठ लोगों को निकालकर ऐसी जगह लगा रहे हैं जहां 99.9% असफलता की दर है। सान्याल ने कोचिंग उद्योग पर भी निशाना साधा जो इस स्थिति का फायदा उठाता है। उन्होंने कहा कि यह उद्योग एक ‘कोचिंग क्लास माफिया’ चला जा रहा है। वो लोगों को ‘अफीम’ बेच रहा है। ये माफिया ऐसा ‘प्रोडक्‍ट’ बेच रहे हैं जो 99.9% समय विफल होने वाला है। सान्याल ने कहा कि सफल होने वाले 0.1% लोग भी जीवन में हमेशा रोमांचक काम नहीं करते हैं।

कैलाश विजयवर्गीय की लंच पॉलिटिक्स, आमंत्रण के बाद भी नहीं पहुंचे तीन दिग्गज नेता, सामने आई बड़ी वजह

मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर में लंच पॉलिटिक्स कर रहे हैं। उन्होंने कई नेताओं को रविवार को लंच पर बुलाया, इसके बावजूद तीन बड़े नेता नहीं पहुंचे। विधायक मालिनी गौड़, पूर्व मंत्री उषा ठाकुर और विधायक मनोज पटेल शामिल नहीं हुए

 नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रविवार को अपने निवास पर एक विशेष लंच पार्टी का आयोजन किया। बताया जा रहा है कि यह पार्टी शीर्ष संगठनात्मक आदेश पर रखी गई थी। इस भोज में शहर के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

इस लंच में इंदौर के सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, महेंद्र हडिया और मधु वर्मा जैसे दिग्गज नेता पहुंचे। लंच करीब डेढ़ घंटे तक चला, जिसमें एक साथ भोजन करते हुए सभी ने शहर की राजनीति और पार्टी के आने वाले कार्यों पर चर्चा की।

तीन नेता लंच में नहीं पहुंचे

हालांकि लंच में तीन प्रमुख नेताओं विधायक मालिनी गौड़, पूर्व मंत्री उषा ठाकुर और विधायक मनोज पटेल शामिल नहीं हुए। इसे लेकर जब नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा से सवाल किया गया तो उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी को न्यौता दिया गया था, और जो अनुपस्थित रहे उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से पूर्व सूचना दे दी थी। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इसे सामूहिक संवाद बताया और कहा कि इस तरह के आयोजन संगठन की जड़ों को और मजबूत करने में सहायक होते हैं।

Ramswaroop Mantri

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