पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का कहना है कि चुनाव आयोग का कर्तव्य है कि वह देश में निष्पक्ष चुनाव कराए, लेकिन वह एक तरह से भाजपा के अंग के रूप में काम कर रहा है। यदि भाजपा के अलावा कोई दूसरे दल का नेता धर्म के आधार पर भाषण देता है तो आयोग तुरंत नोटिस देता है, लेकिन भाजपा के नेताओं को नहीं। इसी प्रकार जब आयोग से डिजfटल फॉर्मेट में वोटर लिस्ट का डाटा मांगा जा रहा है, लेकिन वे दे नहीं रहे हैं। वोटर लिस्ट में कई गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, लेकिन आयोग की कोई जबावदेही नहीं है और भाजपा इस पर मौन है।
यह बात रविवार को ग्वालियर में दिग्विजय सिंह ने मीडिया से कही। उनसे पूछा गया कि अगला चुनाव क्या ईवीएम के मुद्दे पर लड़ा जाएगा। इस पर उनका कहना था कि अभी हम वोटर लिस्ट पर ध्यान दे रहे हैं। वो लिस्ट चाहिए, जो डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक फार्म में हो। हर वोटर लिस्ट को स्कैन करके देश की प्रत्येक लोकसभा और विधानसभा का सर्वे कर सकें। यह काम एक महीने में किया जा सकता है। कनार्टक का उदारहण सामने है, जहां एक विधानसभा के लिए सात फीट का ढेर तैयार हुआ तब जाकर हम यह काम कर सके। देश में चुनाव आयोग निष्पक्ष ढंग से काम करे, इसकी लड़ाई है।
दिग्विजय सिंह ने ग्वालियर में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि चुनाव आयोग को फर्जी वोटर का मामला गंभीरता से संज्ञान में लेना चाहिए, और यह एक गंभीर मामला है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूरे प्रमाणों के साथ मामला उठाया है, जिस पर आज देश के लोग भी चुनाव आयोग की भूमिका पर सही निर्णय चाहते हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में भी 50 लाख फर्जी वोटर चिन्हित किए गए थे। विधिवत तौर पर इससे चुनाव आयोग की निष्पक्ष भूमिका पर संदेह उठता है। कांग्रेस व विपक्ष के लीडर राहुल गांधी ने ऐसे अकाट्य तथ्य सामने रखे है कि सभी राजनीतिक दल भी हैरान हैं। एक व्यक्ति का नाम अनेक स्थानों की मतदाता सूची में है और एक-एक कमरे में 80-80 मतदाता भर दिए हैं। मरने वाले के नाम जिंदा की सूची में हैं और जीवित मतदाता के मृतक में नाम हैं। आखिर चुनाव आयोग कर क्या रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में 2018 में कमलनाथ जब प्रदेश अध्यक्ष थे, तब उन्होंने इस पर काम कराया था, जिसमें 50 लाख फर्जी वोटर चिन्हित किए गए थे। दिग्विजय सिंह ने बताया कि कल इंडिया गठबंधन के सभी सांसद इसी मुद्दे को लेकर संसद भवन से चुनाव आयोग तक मार्च निकाल रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में चुनाव आयोग एक पक्षीय कार्रवाई कर रहा है, जो स्वस्थ लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। इस मौके पर पूर्व मंत्री बालेन्दु शुक्ला भी उपस्थित थे।






