आपको भारतीय सिनेमा की एक ऐसी फिल्म के बारे में बता रहे हैं, जिसे थिएटर्स में 550 बार री-रिलीज किया गया। सनी देओल ने इसके हिंदी रीमेक में काम किया था और वह भी ब्लॉकबस्टर रही थी। इसने बजट से 7 गुना अधिक कमाई की थी।
इस समय हर तरफ ‘सैयारा’ और ‘महावतार नरसिम्हा’ की चर्चा हो रही है, जो न सिर्फ रिकॉर्डतोड़ कमाई कर रही हैं, बल्कि अपने बजट से कई गुना अधिक कमा चुकी हैं। भारतीय सिनेमा के इतिहास में ऐसी कई फिल्में रही हैं, जिन्होंने अपने बजट से पांच गुना या दस गुना अधिक कमाई की और हर किसी के होश उड़ा दिए। वहीं, कुछ ऐसी फिल्में रहीं, जिन्हें वक्त के साथ ‘क्लासिक और कल्ट’ होने का दर्जा मिला। यहां आपको ऐसी ही एक फिल्म के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे 550 बार री-रिलीज किया गया। इस कारण इस फिल्म का नाम ‘लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज है। यही नहीं, इस फिल्म को हिंदी में भी बनाया गया। उसमें सनी देओल लीड रोल में थे, और तो और इसने बजट से 7 गुना अधिक यानी 700% अधिक कमाई की थी।

यह एक क्राइम ड्रामा थी, जिसमें कन्नड़ स्टार शिव राज कुमार और प्रेमा लीड रोल में थे। फिल्म में एक गैंगस्टर की जिंदगी की कहानी दिखाई गई थी, जो जुर्म और बुरे काम छोड़कर सामान्य जिंदगी जीने लगता है। यह फिल्म इतनी सुपरहिट रही कि इसे हिंदी के अलावा तेलुगू में भी रीमेक किया गया।
अंडरवर्ल्ड पर बनी कन्नड़ सिनेमा की पहली फिल्म
इस फिल्म का नाम है ‘ओम’, जो साल 1995 में रिलीज हुई थी। यह कन्नड़ सिनेमा की पहली फिल्म थी, जो अंडरवर्ल्ड की दुनिया पर बनी थी। यही नहीं, इसे कन्नड़ सिनेमा के इतिहास की सबसे ज्यादा स्क्रीन की जाने वाली फिल्म भी बताया जाता है। इसे हर दो हफ्ते में दोबारा रिलीज किया जाता था।
एक्टर शिव राजकुमार, pic: BCCL
बजट से 7 गुना अधिक कमाई, 550 बार री-रिलीज, लिम्का बुक में नाम
‘ओम’ का बजट 70-75 लाख रुपये बताया जाता है, पर रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसने तब 5 करोड़ रुपये कमाए थे। यानी इसने बजट से 700% अधिक (करीब 7 गुना अधिक) कमाई की थी। इस फिल्म को इस कदर पसंद किया गया कि हर दो हफ्ते बाद इसे थिएटर्स में फिर से रिलीज किया जाता है। ‘ओम’ को कुल 550 बार री-रिलीज किया गया, जिसके कारण इस फिल्म का नाम ‘लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स‘ में दर्ज है।
‘ओम’ फिल्म के रिकॉर्ड, इस शख्स से प्रेरित थी कहानी
भारतीय सिनेमा के इतिहास में यह कारनामा करने वाली एकमात्र फिल्म है। यही नहीं, ‘ओम’ बेंगलुरु के कपाली थिएटर में 30 बार रिलीज की जा चुकी है, जो एक रिकॉर्ड है। फिल्म में बेंगलुरु माफिया की कहानी दिखाई गई थी। डायरेक्टर उपेंद्र ने एक इंटरव्यू में बताया था कि फिल्म ‘ओम’ का कोर प्लॉट रियल लाइफ पर बेस्ड था। यह पुरषी नाम के शख्स की जिंदगी से प्रेरित थी, जो उनके भाई का दोस्त था।




