सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को बिहार एसआईआर को लेकर अहम सुनवाई हुई है। इस सुनवाई से ठीक पहले एक अहम जनहित याचिका ने कांग्रेस की मुसीबत बढ़ा दी है। याचिकाकर्ता सतीश कुमार अग्रवाल ने चुनाव आयोग के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने पर कांग्रेस की मान्यता रद्द करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल डाली है।
याचिकाकर्ता अग्रवाल का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद राहुल गांधी के आरोप बेहद गंभीर और गैर जिम्मेदाराना हैं। इन दोनों ने एक संवैधानिक संस्था की साख को ठेस पहुंचाने की कोशिश की है और इसके बाद न सिर्फ पार्टी की मान्यता रद्द हो बल्कि इनके दुष्प्रचार की जांच एसआईटी का गठन कर कराएं।
याचिकाकर्ता का दावा है कि कांग्रेस पार्टी ने संविधान के प्रति वफादारी की शपथ को तोड़ दिया है। याचिका में कुछ नियमों का हवाला देकर कहा गया है कि कांग्रेस ने अपनी स्थापना के समय भारत के संविधान के प्रति निष्ठा बनाए रखने की शपथ ली थी। हालांकि, कांग्रेस द्वारा ईसीआई के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान उसकी इस शपथ का उल्लंघन करता है और आयोग के कार्यों को गैरकानूनी तरीके से बाधित करने की कोशिश कर रहा है।
नियमों का हवाला देकर पीआईएल कहती हैं कि निर्वाचन आयोग को देशभर में मतदाता सूची तैयार करने और संशोधन करने का विशेष अधिकार मिला हुआ है, जो प्रतिनिधित्व जनता अधिनियम, 1951 और इसके तहत बनाए गए नियमों के मुताबिक है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मामले में त्वरित सुनवाई की मांग उठाई है। याचिकाकर्ता ने कांग्रेस के कुछ नेताओं के खिलाफ चलाए जा रहे ‘दुष्प्रचार’ की विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराई जाए और उन पर कानूनी कार्रवाई की जाए।





