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*अब जीएसटी की होंगी सिर्फ 2 स्लैब,जीएसटी रेट घटने से घर से दुकान तक आपको क‍ितना फायदा*

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जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठकबैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फैसलों को जानकारी दी. वित्त मंत्री ने आम जनता, किसानों और मजजूरों को सीधी राहत देने वाले कई फैसले किए. वहीं, लग्जरी गाड़ियों, यॉट्स और तंबाकू जैसे प्रोडक्ट्स पर ज्यादा टैक्स लगाने का ऐलान भी किया.जीएसटी काउंसिल ने कर संरचना को सरल बनाने की दिशा में एक अहम फैसला लिया है. काउंसिल ने मौजूदा 12% और 18% की दरों को हटाकर सिर्फ दो टैक्स स्लैब 5% और 18% को मंजूरी दे दी है. मनीकंट्रोल द्वारा यह जानकारी सूत्रों के हवाले से दी गई है. जीएसटी काउंसिल की यह दो दिवसीय बैठक 3 और 4 सितंबर को नई दिल्ली में हो रही है, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर रही हैं.

सरकार ने अपना वादा पूरा कर द‍िया. जीएसटी काउंस‍िल ने आम आदमी के इस्‍तेमाल में आने वाली लगभग सभी चीजों पर जीएसटी घटाने का ऐलान क‍िया है. ब्रेड रोटी, छेना पनीर समेत तमाम चीजों पर जीएसटी शून्‍य कर दी गई है. 33 जरूरी दवाइयों के दाम घटा द‍िए गए हैं. लाइफ इंश्‍योरेंस पर पूरी तरह जीएसटी छूट होगी. छोटी कारों और मोटरसाइकिलों (350 सीसी या उससे कम) पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% किया गया है यानी 22 सितंबर को जब आप दुकान में कोई चीज खरीदने जाएंगे तो आपको कम पैसे चुकाने होंगे. हम यहां आपको बता रहे हैं GST रेट घटने से क्‍या सस्‍ता, क्‍या महंगा होगा.

जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक (GST Council Meeting 56th) बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह केवल जीएसटी में सुधार नहीं है, बल्कि स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स और लोगों की जीवन को आसान बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है. रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले सामानों पर जीएसटी दरों में कटौती की गई है.

हेयर ऑयल, साबुन, साइकिल पर 5% GST
सीतारमण ने बताया कि जिन चीजों पर जीएसटी घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है, वे हैं हेयर ऑयल, टॉयलेट सोप, साबुन की टिकिया, शैंपू, टूथब्रश, टूथपेस्ट, साइकिल, टेबलवेयर, किचनवेयर और अन्य घरेलू सामान. दूध, ब्रेड, छेना और पनीर पर जीएसटी 5 फीसदी से घटाकर 0 कर दिया गया है. सभी भारतीय रोटियों पर जीएसटी 0 होगा यानी रोटी हो या पराठा या जो भी हो, उन सभी पर जीएसटी 0 होगा. खाद्य पदार्थ नमकीन, बुज्जिया, सॉस, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी, संरक्षित मांस, कॉर्नफ्लेक्स, मक्खन, घी, ये सभी 5 चीजें जीएसटी के दायरे में हैं. 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी जीएसटी में एयर कंडीशनिंग मशीनें, टीवी, डिशवॉशिंग मशीनें, छोटी कारें, मोटरसाइकिलें शामिल हैं.

33 जीवन रक्षक मेडिसिन GST से बाहर
सबसे बड़ी राहत स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली है. काउंसिल ने 33 जीवन रक्षक दवाइयों पर जीएसटी पूरी तरह हटा दिया है. इनमें कैंसर, रेयर डिजीज और गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 3 अहम दवाइयां भी शामिल हैं, जिन पर पहले 5% टैक्स लगता था. इसके अलावा कई अन्य दवाइयों और मेडिसिन्स पर टैक्स 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है.

किसानों और मजदूरों को राहत
बैठक में कृषि और श्रम प्रधान क्षेत्रों को बड़ी राहत मिली. ट्रैक्टर और कृषि मशीनरी जैसे जुताई, कटाई, थ्रेसिंग, चारा बनाने और कम्पोस्टिंग मशीनों पर जीएसटी घटाकर 12% से 5% कर दिया गया है. 12 बायोपेस्टीसाइड्स और प्राकृतिक मेंथॉल पर भी टैक्स 12% से घटाकर 5% कर दिया गया. इसके अलावा हैंडीक्राफ्ट, संगमरमर, ग्रेनाइट ब्लॉक और इंटरमीडिएट लेदर गुड्स जैसे श्रम-प्रधान उद्योगों को भी 5% की रियायती दर का फायदा मिलेगा.

निर्माण क्षेत्र को बड़ी राहत
निर्माण क्षेत्र के लिए भी एक अहम फैसला लिया गया है. सीमेंट पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है. सरकार का मानना है कि इससे निर्माण लागत घटेगी और रियल एस्टेट सेक्टर को रफ्तार मिलेगी.

लग्जरी गाड़ियों और यॉट्स पर 40% टैक्स
वित्त मंत्री ने साफ किया कि लग्जरी कैटेगरी के सामानों पर टैक्स में कोई ढील नहीं होगी. अब मिड-साइज और बड़ी कारें, 350 सीसी से ज्यादा इंजन वाली मोटरसाइकिलें, निजी इस्तेमाल के लिए विमान, हेलिकॉप्टर और मनोरंजन के लिए इस्तेमाल होने वाले यॉट्स और जहाजों पर 40% जीएसटी लागू होगा.

सिन गुड्स और सॉफ्ट ड्रिंक्स  महंगे
काउंसिल ने पहली बार सिन और सुपर लग्जरी गुड्स के लिए एक स्पेशल टैक्स रेट तय किया है. पान मसाला, सिगरेट, गुटखा, बीड़ी और अन्य तंबाकू प पर अब 40% टैक्स लगेगा. यही दर सभी तरह के शीतल पेय और गैर-मादक पेय पदार्थों पर भी लागू होगी. इनमें शुगर या स्वीटनर वाले ड्रिंक्स, फ्लेवर्ड और कैफीनयुक्त पेय, कार्बोनेटेड फ्रूट ड्रिंक और फ्रूट जूस के साथ कार्बोनेटेड बेवरेज शामिल हैं.

टैक्स स्ट्रक्चर हुआ सिंपल
निर्मला सीतारमण ने बताया कि अब ज्यादातर चीजें 18% और 5% की दरों के बीच रहेंगी. 40% टैक्स सिर्फ सिन गुड्स और सुपर लग्जरी प्रोडक्ट्स पर ही लागू होगा. उनका कहना है कि इन सुधारों से आम आदमी, किसानों और मजदूरों को राहत मिलेगी, जबकि गैर-जरूरी और हानिकारक चीजों पर सरकार ने हाई टैक्स बरकरार रखा है.

2500 से कम के कपड़े होंगे सस्ते

मनीकंट्रोल के अनुसार, बैठक में फैसला लिया गया है कि 2500 रुपये से कम के कपड़ों को 5 फीसदी के टैक्स में डाल दिया गया है. इससे पहले 1000 रुपये तक के कपड़े इस स्लैब में रहते थे, जबकि इससे ऊपर के कपड़ों को 12 फीसदी की टैक्स स्लैब में डाला गया था.

Ramswaroop Mantri

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