रांची । झारखंड में अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में सूचीबद्ध करने की मांग को लेकर कुड़मी समाज का ‘रेल टेका, डहर छेका’ आंदोलन दूसरे दिन रविवार को समाप्त हो गया। सरकारी एजेंसी और मंत्रालय स्तर पर वार्ता और आश्वासन के बाद आंदोलन वापस लेने की घोषणा की गई। इस मामले में चक्रधरपुर मंडल में 2000 लोगों पर तीन जगहों पर लाइन जाम करने के मामले में केस दर्ज किया गया है।
आरपीएफ ने केस सीनी, गम्हरिया में लाइन जाम करने और कांड्रा में ट्रेन परिचालन प्रभावित करने का प्रयास करने के आरोप में किया है। दूसरी ओर खड़गपुर मंडल के गालूडीह में भी चार-पांच सौ पर केस दर्ज हुआ है। आरोपियों में नवीन महतो, प्रकाश महतो, सूरज महतो, रवि महतो, बृजेश महतो, गीता महतो आस्तिक महतो समेत अन्य को नामजद आरोपी बनाया गया है।
कोल्हान में कुड़मी समाज का रेल रोको आंदोलन 24 घंटे बाद रविवार सुबह खत्म हो गया। चक्रधरपुर मंडल के सीनी व गम्हरिया स्टेशनों केबीच मुडाटांड़ रेल फाटक पर जमे कुछ आंदोलनकारियों को आरपीएफ ने रविवार सुबह 6.50 बजे बलपूर्वक खदेड़कर लाइन को क्लीयर कराया। इसके बाद 7.25 बजे ट्रैक की जांच पूरी हुई और 7.40 बजे पहली मालगाड़ी को रवाना किया गया।
चक्रधरपुर मंडल ने रविवार सुबह आदेश जारी कर परिचालन को सामान्य किया। सुबह 8.29 बजे पहली यात्री ट्रेन मुंबई-हावड़ा गीतांजलि एक्सप्रेस को चलाया गया। इसके बाद अहमदाबाद-हावड़ा एक्स., शिरडी-हावड़ा एक्स. व टिटलागढ़-हावड़ा इस्पात एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों को राउरकेला, चक्रधरपुर, सीनी, गम्हरिया, सोनुवा व टाटानगर होकर हावड़ा मार्ग पर चलाने की अनुमति दी गई। इससे छत्तीसगढ़, ओडिशा, बंगाल और उत्तर प्रदेश के हजारों यात्रियों को राहत मिली। लाइन जाम से शनिवार को पटना-बिलासपुर एक्स., आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्स. और जयनगर की ट्रेन सहित कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा था। सिर्फ टाटानगर से ही दो दर्जन से अधिक ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ।
स्टील एक्सप्रेस रद्द
कोच की कमी का असर रविवार को दिखा। टाटानगर से सुबह चलने वाली स्टील एक्सप्रेस का परिचालन रद्द करना पड़ा। हावड़ा से ट्रेन नहीं आने के कारण कोच उपलब्ध नहीं था। इस बीच शनिवार को बदले मार्ग से चलाने के आदेश के बावजूद रविवार सुबह टाटानगर होकर पुरी-नई दिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस सामान्य मार्ग से चली। वहीं, एर्नाकुलम एक्सप्रेस बदले मार्ग से टाटानगर पहुंची। हावड़ा से इस्पात व जनशताब्दी एक्सप्रेस को समय बदलकर चलाने का आदेश जारी किया गया। रेल परिचालन बहाल होने के बावजूद ट्रेनें रद्द होने और कोच की कमी के चलते यात्रियों की परेशानी पूरी तरह खत्म होने में दो दिन लगेंगे।





