*जयपुर के नागरिक समाज संगठनों का संयुक्त वक्तव्य*
*मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र जयपुर में ईसाइयों पर 2 हमले, जो न केवल शहर बल्कि पूरे राज्य में शांति और सद्भावना के प्रति उनकी पूर्ण उपेक्षा को दर्शाते हैं।*
*नागरिक समाज संगठनों ने इस घटना की निंदा की और उन बजरंग दल के प्रतिनिधियों की गिरफ्तारी व कानून का शासन लागू करने की मांग की।*

प्रताप नगर स्थित हिंदुस्तान बाइबल इंस्टीट्यूट (HBI), जो पास्टर्स और ईसाई चर्च नेताओं को प्रशिक्षित करता है, पर 23 सितम्बर दोपहर 3 बजे बजरंग दल द्वारा यह कहते हुए हमला किया गया कि यह संस्थान धर्म परिवर्तन कराता है। उस समय चेन्नई मुख्यालय से आए एक सदस्य और बागीदौरा, बांसवाड़ा से आए एक और द्वारा निरीक्षण यात्रा चल रही थी। बजरंग दल ने आरोप लगाया कि वे दोनों धर्म परिवर्तन कराने आए हैं और गुंडागर्दी शुरू कर दी।
प्रताप नगर थाना पुलिस, बजरंग दल की हाँ में हाँ मिलाते हुए, दोनों अतिथियों को पूछताछ के नाम पर थाने ले गई और उनके फोन जब्त कर लिए, मानो उन्होंने कोई अपराध किया हो कि वे जयपुर आए और HBI का निरीक्षण किया और वहाँ रहने वाले दो परिवारों से जुड़े।
पुलिस ने HBI के जयपुर प्रभारी का टेलीफोन, लैपटॉप और पेनड्राइव भी जब्त कर लिया। SHO ने संस्थान के सभी दस्तावेज़, यहाँ तक कि प्रॉपर्टी पेपर तक ले लिए। पुलिस ने अतिथियों के टिकट तक चेक किए जिनमें लिखा था कि वे आज सुबह 3 बजे जयपुर पहुँचे थे।
यह ज्ञातव्य है कि चेन्नई स्थित HBI पिछले 73 वर्षों से अस्तित्व में है और पास्टर्स को प्रशिक्षित करता है।
नागरिक समाज संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल DCP संजीव नैण, ACP विनोद कुमार शर्मा और SHO मनोज (प्राताप नगर थाना) से मिला। यह प्रतिनिधिमंडल सवाई सिंह के नेतृत्व में गया, जिनके साथ जॉन मैथ्यू (अध्यक्ष, जयपुर क्रिश्चियन फेलोशिप), फादर विजय पाल सिंह (संयुक्त सचिव, JCF) और कविता श्रीवास्तव (PUCL) थे।
उन्होंने इस घटना की निंदा की और कहा कि मुख्यमंत्री के क्षेत्र में तीन दिन में यह दूसरी घटना है। (पहली घटना 21 सितम्बर रविवार को हुई थी जब पास्टर डेनियल पर उस समय हमला हुआ जब प्रताप नगर में घर पर प्रार्थना चल रहा थी। उस दिन कई घंटों तक विरोध के बाद ही FIR दर्ज हुई थी, लेकिन अब तक ना मेडिकल करवाया, ना कोई गिरफ्तारी हुई।)
*समूह ने कहा कि जब तक पुलिस एवम प्रशासन द्वारा कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, इस तरह की घटनाएँ जारी रहेंगी।*
*उन्होंने HBI के दोनों अतिथियों की तत्काल रिहाई की भी माँग की, जिन्हें ग़ैर कानूनी हिरासत में लिया गया है।*
प्रतिनिधिमंडल ने HBI संस्थान का दौरा भी किया और वहाँ रहने वाले दोनों परिवारों से मुलाक़ात की। वे भयभीत थे कि उनके साथ क्या हो सकता है, जबकि वे भारतीय संविधान के तहत पूरी तरह कानूनी कार्य कर रहे हैं।
*यह ज्ञातव्य है कि सितम्बर की शुरुआत में एंटी कन्वर्ज़न बिल पेश और पारित होने के बाद से ईसाइयों पर 9 हमले हो चुके हैं*। इनमें शामिल हैं –
2 हमले डूंगरपुर में
1 हमला अलवर में
2 हमले जयपुर में
2 घटनाएँ कोटपूतली बहरोड़ ज़िले में, जहाँ पुलिस ने ईसाई आस्था के अनुयायियों को परेशान किया
2 घटनाएँ अनूपगढ़ ज़िला हनुमानगढ़ में, जिनमें एक बच्चों के हॉस्टल में जबरन घुसपैठ और दो पर्यवेक्षकों की पिटाई भी शामिल है।
नागरिक समाज की माँगें:
*ईसाइयों पर हो रहें हमलों को तुरंत रोका जाए*
*बजरंग दल/आरएसएस के अपराधियों को हर जगह पर मुक़दमा दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए*
*प्राताप नगर थाना में हिरासत में लिए गए HBI के अतिथियों को तुरंत रिहा किया जाए*
*उनके उपकरण (फ़ोन, लैपटॉप आदि) उन्हें वापस लौटाए जाएँ*
हस्ताक्षरकर्ता:
जॉन मैथ्यू, सवाई सिंह और मुज़म्मिल रिज़वी की ओर से
जयपुर क्रिश्चियन फेलोशिप
राजस्थान समग्र सेवा संघ
PUCL
APCR
राजस्थान बौद्ध महासंघ
NFIW
AIDWA
दमन प्रतिरोध आंदोलन, राजस्थान
बौद्ध सोसाइटी ऑफ़ इंडिया
जमाअत-ए-इस्लामी, राजस्थान
जमीअत उलेमा-ए-हिन्द
दलित मुस्लिम एकता मंच
संपर्क:
9351562965 (कविता श्रीवास्तव)
+919413200044 (सवाई सिंह)





