सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया, 26 मई 2021 को संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) द्वारा किसान संघर्ष के 6 महीने पूरे होने के अवसर पर "लोकतंत्र का काला दिवस" के रूप में राष्ट्रव्यापी आंदोलन के आह्वान का समर्थन करती है। एसडीपीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम.के.फैजी ने कहा कि पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता 26 मई को अपने घरों और मोहल्लों में तख्तियां और पोस्टर के साथ काले झंडे लगाकर प्रदर्शन करेंगे और किसान आंदोलन के समर्थन में सोशल मीडिया में अभियान चलाएंगे। फ़ैज़ी ने कहा, केंद्र की भाजपा सरकार कॉर्पोरेट कंपनियों को किसानों और मजदूरों की जिंदगी की कीमत पर देश की संपत्ति और संसाधनों को लूटने की खुली छूट दे रही है। देशभर के किसान पिछले 6 महीनों से अपनी दो मुख्य मांगो को लेकर आंदोलन कर रहे हैं - विवादास्पद कृषि कानूनों को रद्द करो और न्यूनतम समर्थन मूल्य का कानूनी अधिकार सुनिश्चित करो। किसान आंदोलन के दौरान मौसम की विषमता के चलते 500 से ज्यादा किसानों की मृत्यु हो गई लेकिन इस निष्ठुर भाजपा सरकार ने किसानों की जायज मांगों को सुनने और समझने की जहमत तक नहीं उठाई। किसानों के प्रति भाजपा सरकार की बेरुखी, किसान नेताओं के साथ बातचीत के हथकंडे अपनाना और किसानों के वाजिब मुद्दों और नीतियों पर हीला हवाली कर हठधर्मिता दिखाना भारतीय राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर एक कलंक है। एसडीपीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष फैजी ने कहा, किसानों के हितों की रक्षा की जानी चाहिए क्योंकि वह पूरी मानवता की रीढ़ हैं। किसान आंदोलन के प्रति भाजपा का अहंकार और धूर्ततापूर्ण रवैया बेहद निंदनीय है। एसडीपीआई ने भाजपा की केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार किसानों की मांगों को पूरा नहीं करती तो देश में इसके गंभीर परिणाम होंगे
किसान आंदोलन को एसडीपीआई का समर्थन




