समग्र जैन समाज के तीर्थराज श्री सम्मेद शिखर जी जो बीस जैन तीर्थंकरों की निर्वाण स्थली हैं और जहां प्रतिवर्ष लाखो तीर्थ यात्री दर्शन के लिए देश विदेश से आते हैं वहां पर आकस्मिक दुर्घटना होने पर मेडिकल सेंटर न होने से तीर्थ यात्रियों की मृत्यु हो रही है।

तीर्थ यात्रियों और झारखण्ड विशेषकर तीर्थ क्षेत्र में निवासरत आदिवासियों के स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए, डाक्टर संदीप नारद इंदौर ने झारखण्ड के स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री झारखण्ड सरकार को पत्र भेजकर यह मांग की है । डाक्टर संदीप नारद की मुख्य मांगे इस प्रकार हैं . श्री सम्मेद शिखर जी ( मधुबन) और सम्पूर्ण यात्रा मार्ग पर 4 से 5 मेडिकल यूनिट की व्यवस्था तत्काल की जाए। तीर्थ क्षेत्र में स्थित हर धर्मशाला, कोठी और भवन में आक्सीजन, स्टेचर और जीवनरक्षक दवाईयों की व्यवस्था आवश्यक रूप से हो . हर सुविधाओं से युक्त एक अस्पताल का निर्माण भी तुरंत होना चाहिए। हर तीर्थ यात्री अपनी सुविधानुसार दिये जा रहे दान या चुकाये जा रहे किराए का 1% का दान ” मेडिकल फंड” में भी करें ताकि सरकार और कमेटियों पर भी बोझ न पडें और मेडिकल सुविधाओं में भी वृद्धि हो सके. इसके अलावा डाक्टर संदीप नारद ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जैन समाज के समाजजनो से भी निवेदन किया है कि वे अपने स्तर पर पत्र भेजकर अस्पताल निर्माण के लिए प्रयास करें ताकि तीर्थराज पर मंदिरों, धर्मशालाओं के साथ-साथ एक सर्व सुविधाजनक अस्पताल का निर्माण भी हो सके। यह यहां उल्लेखनीय है कि डॉक्टर संदीप नारद के द्वारा किए गए व्यक्तिगत प्रयासों से झारखण्ड सरकार ने सम्मेद शिखर जी में विकास कार्यों के लिए सन 2015 में 6,29,03,300 रूपयों की राशि मंजूर की थी।
डाक्टर संदीप नारद
260 AA , तुलसी नगर,
सरस्वती मंदिर के पास,
इन्दौर मध्यप्रदेश 452010





