गाजा में आतंकवादियों ने बुधवार को इस्राइल डिफेंस फोर्स की सुरक्षा पोस्ट्स पर हमला करने का प्रयास किया। आईडीएफ ने कहा कि उन्होंने कई आतंकवादियों को समाप्त कर दिया और इस घटना में आईडीएफ के किसी भी सैनिक को कोई चोट नहीं आई। आईडीएफ ने अपने एक्स अकाउंट पर बताया कि गाजा शहर क्षेत्र में कई आतंकवादियों ने आईडीएफ पोस्ट पर हमला करने का प्रयास किया। आईडीएफ सैनिकों ने वायुसेना के सहयोग से कई आतंकवादियों को समाप्त कर दिया।डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इजरायल और हमास दोनों ने गाजा शांति योजना पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इससे गाजा में स्थायी शांति का रास्ता खुल गया है और इजरायल अपनी सेनाएं वापस बुलाने को तैयार है। हमास की कैद से सभी इजरायली बंधकों की रिहाई होने की भी संभावनाएं हैं। अतिरिक्त आतंकवादियों की खोज जारी है। इस घटना में आईडीएफ सैनिक सुरक्षित हैं।गाजा में आतंकवादियों ने इस्राइल डिफेंस फोर्स के ठिकानों पर हमला किया, जिसके बाद आईडीएफ ने जवाबी कार्रवाई में कई आतंकवादियों को मार गिराया। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह इस सप्ताहांत मध्य पूर्व की यात्रा कर सकते हैं।
इस सप्ताहांत हो सकती है ट्रंप की मध्य पूर्व यात्रा
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे इस सप्ताहांत मध्य पूर्व जा सकते हैं। उनका यह संभावित दौरा गाजा में बंदी-बदल समझौते और संघर्षविराम वार्ता के बीच हो सकता है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा शांति समझौता बहुत नजदीक है और मैं शनिवार को वहां जा सकता हूं। हमारी टीम बहुत अच्छी तरह से वार्ता कर रही है।
ट्रंप ने कहा मध्य पूर्व के लिए शांति एक सुंदर विचार है और हम आशा करते हैं कि यह साकार होगा। हमारी टीम और विपक्ष की टीम दोनों ही उत्कृष्ट हैं। मुझे लगता है कि यह जल्द ही होगा।
इस्राइल के विदेश मंत्री ने की बैठक की आलोचना
इस्राइल के विदेश मंत्री गिडियन सार ने शुक्रवार को पेरिस में होने वाली बैठक की कड़ी आलोचना की, जिसमें यूरोपीय, अरब और अन्य राजदूत गाजा के युद्धोपरांत संक्रमण और स्थायी संघर्षविराम के प्रयासों पर चर्चा करेंगे। सार ने इस पहल को अनावश्यक और हानिकारक बताया और कहा कि यह शार्म एल-शेख में चल रही वार्ता के संवेदनशील समय में इस्राइल की पीठ पीछे तैयार की गई।
सार ने एक्स पर लिखा कि हम इसे राष्ट्रपति माक्रों का एक और प्रयास मानते हैं, जो अपने घरेलू मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस्राइल का उपयोग कर रहे हैं। इस घटना के बाद गाजा में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और दोनों पक्षों द्वारा कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद इलाके में संघर्ष की आशंका बनी हुई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि इजरायल और हमास दोनों ने उनकी गाजा शांति योजना पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसका मतलब है कि सभी बंधकों को बहुत जल्द रिहा कर दिया जाएगा, और इजरायल एक मजबूत और शांति की दिशा में पहला कदम उठाते हुए अपनी सेना को सहमत रेखा पर वापस बुलाएगा। इजरायल और हमास के बीच ट्रंप की इस योजना पर सहमति के संकेत हाल में ही मिस्र में हुई बैठक के दौरान बनी थी। हालांकि, इस योजना को लेकर अभी भी कई अनिश्चितताएं हैं, जिनमें हमास का निरस्त्रीकरण प्रमुख है।
ट्रंप ने क्या लिखा
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, “मुझे यह घोषणा करते हुए बहुत गर्व हो रहा है कि इजरायल और हमास दोनों ने हमारी शांति योजना के पहले चरण पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसका मतलब है कि सभी बंधकों को जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा, और इजरायल अपने सैनिकों को एक निश्चित सीमा तक वापस बुला लेगा, जो एक मजबूत, स्थायी और शाश्वत शांति की ओर पहला कदम होगा। सभी पक्षों के साथ निष्पक्ष व्यवहार किया जाएगा! यह अरब और मुस्लिम जगत, इजरायल, आसपास के सभी देशों और संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए एक महान दिन है, और हम कतर, मिस्र और तुर्की के मध्यस्थों का धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने इस ऐतिहासिक और अभूतपूर्व घटना को संभव बनाने के लिए हमारे साथ काम किया। धन्य हैं शांतिदूत!”
मिस्र में बनी थी इजरायल-हमास में सहमति
मंगलवार को ही मिस्र के एक शहर में इजरायल और हमास के बीच शांति वार्ता हुई थी। लाल सागर के शर्म अल शेख रिसॉर्ट में हुई इस अप्रत्यक्ष वार्ता में दोनों पक्षों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा शांति योजना पर चर्चा की थी। कई घंटों की बातचीत के बाद, चर्चा की जानकारी रखने वाले मिस्र के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्ष पहले चरण की ज्यादातर शर्तों पर सहमत हो गए हैं, जिनमें बंधकों की रिहाई और युद्धविराम शामिल है।
ट्रंप की शांति योजना
ट्रंप की शांति योजना में कई अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, जिनमें हमास के निरस्त्रीकरण की मांग और गाजा के भविष्य के शासन की मांग शामिल है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू लंबे समय से कह रहे हैं कि हमास को आत्मसमर्पण और निरस्त्रीकरण करना होगा, लेकिन हमास ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है कि वह ऐसा करने को तैयार होगा या नहीं। इस योजना में हमास के निरस्त्रीकरण के बाद इजरायल द्वारा गाजा से अपने सैनिकों को वापस बुलाए जाने और एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की स्थापना की परिकल्पना की गई है। इसके बाद, इस क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय शासन के अधीन कर दिया जाएगा, जिसकी देखरेख ट्रंप और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर करेंगे।
इजरायल ने क्यों किया गाजा पर आक्रमण
यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ, जब हमास के नेतृत्व वाले चरमपंथियों ने दक्षिणी इजरायल में धावा बोल दिया और लगभग 1,200 लोगों, जिनमें ज्यादातर नागरिक थे, की हत्या कर दी और 251 लोगों का अपहरण कर लिया। संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त विशेषज्ञों सहित, अन्य विशेषज्ञों ने कहा है कि गाजा पट्टी में इजरायल का आक्रमण नरसंहार के बराबर है। हालांकि, इस आरोप का इजराइल पुरजोर खंडन करता है।





