*दोषियों का पता लगाने के लिए सर्वोच्चन्यालय सेवानिवृत्ति न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग गठित किया जाए*
इंदौर। मध्य प्रदेश औररजस्थान जहरीले कफ सिरप से हुई बच्चों की की घटना पर रोज व्यक्त करते हुए इसके लिए सरकार की लापरवाही अधिकारियों में व्याप्त भ्रष्टाचार और दवा कंपनियां द्वारा की जा रही मुनाफे की लूट को जिम्मेदार बताते हुए लोहिया विचार मंच मध्य प्रदेश के अध्यक्ष रामबाबू अग्रवाल एवं समाजवादी पार्टी मध्य प्रदेश के महासचिव रामस्वरूप मंत्री ने जहरीले कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत के मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में कफ सिरप ‘कोल्ड्रिफ़’ पीने से 20 बच्चों की मौत के मामले एसआईटी जांच के बाद अब न्यायिक जांच की मांग तेज हो गई है।इसी मांग को आगे बढ़ाते हुए दूषित कफ सिरप के निर्माण, विनियमन, परीक्षण और वितरण की सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में जांच की मांग समाजवादी पार्टी और लोहिया विचार मंच ने भी की है ।
आज जारी एक बयान में इन घटनाओं की अदालत की निगरानी में जांच और सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय न्यायिक आयोग या विशेषज्ञ समिति के गठन किया जाना जरूरी है। बयान में कहा गया है कि अलग-अलग राज्य-स्तरीय जांचों के कारण जवाबदेही बिखरी हुई है, जिससे बार-बार चूक हो रही है और खतरनाक फॉर्मूलेशन बाज़ार में पहुंच रहे हैं।
श्री अग्रवाल एवं श्री मंत्री ने अपने बयान में सरकार से आग्रह किया है कि आगे किसी भी बिक्री या निर्यात की अनुमति देने से पहले सभी संदिग्ध उत्पादों का एनएबीएल-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं के माध्यम से विष विज्ञान परीक्षण अनिवार्य किया जाए। ताकि ऐसी घटनाओंकी पुनरावृति ना हो।




