देश की आजादी के 78 साल बाद आखिर एक राज्य पूरी तरह से गरीबी से मुक्त हो गया है। इस राज्य में एक भी अत्यंत गरीब नहीं है। इस बात की घोषणा खुद इस राज्य के मुख्यमंत्री ने की है।अत्यंत गरीबी से मुक्त होनेवाला यह राज्य केरल है। अब यह राज्य गरीबी दूर करने के लिए जाना जाने लगा है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शनिवार को राज्य विधानसभा में घोषणा की कि केरल ने चरम गरीबी को समाप्त कर दिया है।
वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार का दावा है कि ऐसा करने वाला केरल देश का पहला राज्य है। मुख्यमंत्री ने यह ऐलान राज्य गठन दिवस के अवसर पर विधानसभा के विशेष सत्र में किया।
चार साल में गरीबी को किया खत्म
2021 में शुरू की गई चरम गरीबी उन्मूलन परियोजना (Extreme Poverty Alleviation Project) के तहत राज्य सरकार ने 64,006 परिवारों को अत्यंत गरीब के रूप में चिन्हित किया था। इन परिवारों को चार वर्ष तक चलने वाली इस योजना के अंतर्गत आवास, भोजन, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी सहायता दी गई।
मंत्री ने बताया कैसे मिली सफलता
स्थानीय स्वशासन मंत्री एम. बी. राजेश ने बताया कि नीति आयोग के अध्ययन में पहले ही यह पाया गया था कि केरल की गरीबी दर देश में सबसे कम 0.7% है। उन्होंने कहा, “हमने सर्वेक्षणों के जरिए 64,006 परिवारों के 1,03,099 व्यक्तियों को चरम गरीबी में पाया और उन्हें योजनाओं से जोड़ा।
विपक्ष ने किया खारिज
विपक्षी कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने सरकार के दावे को पूर्ण धोखाधड़ी बताते हुए सदन से वॉकआउट किया। विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने कहा कि मुख्यमंत्री का बयान संसदीय नियमों का उल्लंघन है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विजयन ने कहा, “यूडीएफ जब धोखाधड़ी कहता है, तो वह अपने आचरण की बात कर रहा है। हमने वही किया है जो हमने कहा था।





