अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

अंग्रेजी में फेल होने के कारण अमेरिका ने 7000 ट्रक ड्राइवरों को नौकरी से निकाला

Share

वाशिंगटन। अमेरिका में पिछले कुछ दिनों में ट्रकों के जरिए हुई दुर्घटनाओं में प्रवासियों से जुड़े मामले सामने आने के बाद ट्रक ड्राइवरों की नौकरी के ऊपर गाज गिरनी शुरू हो गई है। अमेरिकी परिवहन विभाग के सचिव सीन डफी ने बताया कि इस साल अंग्रेजी दक्षता में असफल हो जाने की वजह से करीब 7000 ट्रक ड्राइवर्स को नौकरी से निकाल दिया गया है। विभाग के इस कदम से सबसे ज्यादा भारतीय मूल के नागरिक प्रभावित होंगे। यहां पर लाखों की संख्या में सिख अमेरिकी ट्रकिंग उद्योग में काम करते हैं, जिसमें से 90 फीसदी लोग ड्राइवर हैं।

उत्तरी अमेरिकी पंजाबी ट्रकर्स एसोसिएशन के अनुसार, अमेरिका में करीब 1.3 से लेकर 1.5 लाख ट्रक ड्राइवर पंजाब और हरियाणा से संबंध रखते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सरकार के इस फैसले के बाद हजारों की संख्या में ट्रक चालक प्रभावित हुए हैं।

गौरतलब है कि अमेरिका के ओबामा प्रशासन के दौर में प्रवासी ट्रक ड्राइवर्स के लिए एक नियम बनाया गया था। इसके तहत ड्राइवर्स की जांच करने वाले निरीक्षकों को निर्देशित किया गया था कि केवल भाषा के आधार पर किसी ड्राइवर को हटाया या दरकिनार न किया जाए। हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने ओबामा के इस फैसले को भी पलट दिया था। परिवहन सचिव ने कहा, “कमर्शियल ट्रक चालकों को अमेरिकी सड़कों पर ट्रक चलाने के लिए अंग्रेजी बोलना और समझना आवश्यक है। अगर ऐसा नहीं होता है, तो उन्हें नौकरी से हटा दिया जाएगा।”

चर्चा का विषय बनीं प्रवासी ड्राइवर्स की दुर्घटनाएँ
अमेरिका के ट्रंप प्रशासन द्वारा की गई यह कार्रवाई हाल के समय में भारतीय ट्रक ड्राइवरों द्वारा दुर्घटनाओं में शामिल रहने के बाद सामने आई है। हाल में हुई घटनाएं काफी चर्चा का विषय रही थीं। इनमें कैलिफोर्नियां के स्टेट हाईवे पर हुई घातक दुर्घटना भी शामिल है, जिसमें एक भारतीय चालक पर तीन अमेरिकियों की हत्या का आरोप लगाया गया था। इसके अलावा, फ्लोरिडा टर्नपाइक पर एक दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जब भारत से आए एक अवैध अप्रवासी द्वारा चलाए जा रहे ट्रैक्टर-ट्रेलर ने खतरनाक यू-टर्न ले लिया।

एक रिपोर्ट के अनुसार, फ्लोरिडा दुर्घटना में, जिस ड्राइवर पर तीन लोगों की हत्या का आरोप है, उसका कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस बार-बार रद्द किया गया था। इसके बावजूद, उसने कथित तौर पर कैलिफोर्निया का कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (सीडीएल) हासिल कर लिया था। फ्रेटवेव्स के अनुसार, टेक्सास में गैर-निवासी कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (सीडीएल) जारी करने की कुल संख्या सबसे अधिक है। यह कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस हैं, जो अमेरिका में कानूनी रूप से काम करने वाले विदेशी चालकों के पास होते हैं।

ट्रंप प्रशासन की इस नीति के विरोधियों का दावा है कि यह अंग्रेजी भाषा के इतर कोई दूसरी भाषा बोलने वाले ड्राइवर को परेशान करती है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि यह नीति सुरक्षा बढ़ाती है, लेकिन उद्योग समूहों और ट्रांसपोर्ट कंपनियों ने इस नियम की आलोचना करते हुए दावा किया है कि यह दो भाषा बोलने वाले और स्पेनिश बोलने वाले ड्राइवरों को गलत तरीके से प्रभावित करती है।

टेक्सास के फार स्थित यूनिमेक्स के सीईओ ने फ्रेटवेव्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “हमारे पास ऐसे ड्राइवर हैं जो वर्षों से सुरक्षित रूप से काम कर रहे हैं, लेकिन अब उन्हें नौकरी से बाहर कर दिया जा रहा है क्योंकि वे सड़क किनारे रुकने पर अंग्रेजी में जल्दी से जवाब नहीं दे सकते। यह ड्राइवर सालों से नियम, कायदे कानून जानते हैं, सही से अपना काम कर रहे हैं, लेकिन अब इन्हें केवल भाषा के आधार पर हटाया जा रहा है।”

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें