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बिहार के पहले चरण चुनाव में रिकॉर्ड 64.46% वोटिंग, तेजस्वी हुए खुश,जानें कब हुई सबसे ज्यादा वोटिंग, किसकी बनी थी सरकार

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बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के मतदान RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा, “आज पहले चरण का मतदान खत्म हुआ। बंपर वोटिंग हुई है। मैं कह सकता हूं कि लोगों ने महागठबंधन के जीत पर मुहर लगाने का काम किया है। महागठबंधन के सभी कार्यकर्ताओं को मैं धन्यवाद देना चाहता हूं। हमारा ये जुनून ये जज्बा ये हौसला 11 तारीख को भी दिखना चाहिए। चलिए मिलकर नया बिहार बनाते हैं

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के तहत गुरुवार को पहले चरण की वोटिंग खत्म हो गई है। गुरुवार को राज्य की 121 सीटों पर वोटिंग हुई। वहीं, 122 सीटों पर चुनाव का आयोजन 11 नवंबर को होगा। बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का परिणाम 14 नवंबर को जारी किया जाएगा। पहले चरण के मतदान में कई दिग्गजों की किस्मत दांव पर है। कड़ी सुरक्षा के बीच राज्य में आज बंपर वोटिंग हुई है। 

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर शांतिपूर्ण ढंग से मतदान संपन्न हुआ। इस चरण में मतदाताओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाया, जिसके परिणामस्वरूप 64.66% रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। यह मतदान प्रतिशत 2020 के पिछले विधानसभा चुनावों के मुकाबले लगभग 8% अधिक है। यह न केवल 2020 (56.1%) के पहले चरण से अधिक है, बल्कि बिहार के इतिहास में विधानसभा चुनावों के पहले चरण में अब तक का सर्वाधिक मतदान है, जिसने 2000 के 62.57% के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। चुनाव आयोग ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा है कि यह मतदान शांतिपूर्ण और उत्सवी माहौल में हुआ। इस चरण में लगभग 3.75 करोड़ कुल मतदाताओं में से 2.42 करोड़ से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस बंपर वोटिंग के बाद अब सभी की निगाहें 14 नवंबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जब यह साफ होगा कि रिकॉर्ड तोड़ मतदान का फायदा किस गठबंधन को मिला है। इस चरण के मतदान के साथ ही 1314 उम्मीदवारों, जिनमें राज्य सरकार के 16 मंत्रियों और प्रमुख नेताओं की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है।

: बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद गुंज्याल ने कहा, “बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है.कुछ जगहों पर अभी भी मतदान जारी है और हम डेटा अपडेट कर रहे हैं.वर्तमान में मतदान का आंकड़ा 64.46% है। सब कुछ अपडेट होने के एक घंटे में हम अंतिम प्रेस नोट जारी करेंगे। महिला मतदाताओं की भागीदारी बहुत अच्छी रही है.मतदान के दौरान 165 बैलेट यूनिट, 169 कंट्रोल यूनिट और 480 वीवीपैट बदले गए। अंतिम डेटा प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध होगा

जानें कब हुई सबसे ज्यादा वोटिंग, किसकी बनी थी सरकार

बिहार में इस बार वोटिंग के सारे रिकॉर्ड टूट गए और 60 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई है, हालांकि आख‍िरी वक्‍त में भी वोटिंग होती है तो इसल‍िए माना जा रहा है कि कम से कम 5 फीसदी वोटिंग और दर्ज होगी। अगर ऐसा हुआ तो  वोटिंग प्रत‍िशत 65 प्रतिशत के पार चला जाएगा और यह बिहार के इत‍िहास में पहली बार होगा क‍ि जब क‍िसी विधानसभा चुनाव में इतने ज्‍यादा वोट पड़े हों। ऐसे में अगर मतदाताओं ने दिल खोलकर वोटिंग की है तो ये सवाल भी सामने आ रहा है कि इस रिकॉर्ड वोटिंग का रिजल्ट क्या होगा। पिछली बार यानी 2020 में 57.29 फीसदी ही मतदान हुआ था और इससे पहले 2000 में 62.6 प्रतिशत लोगों ने वोट डाले थे। बिहार राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे ज़्यादा मतदान प्रतिशत हासिल करने की ओर अग्रसर है।

बिहार में वोटिंग

कब हुई थी सबसे ज्यादा वोटिंग, क्या कहता है ये पैटर्न

  • इस बार के चुनाव को देखते हुए और पहले चरण के मतदान को देखते हुए कुछ कहा नहीं जा सकता है। ऐसे में बता दें कि साल 2000 के बिहार विधानसभा चुनाव में सबसे ज्‍यादा वोटिंग हुई थी और लालू की राजद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन बहुमत से कुछ सीटें कम रह गईं थीं।
     
  • बिहार में 1951 से अब तक विधानसभा चुनावों में मतदान का प्रतिशत सिर्फ चार बार घटा है, बाद बाकी के चुनावों में  हर बार लोगों ने पहले से ज्‍यादा उत्साह दिखाया है। ऐसे में अगर इस बार के चुनाव 2025 में मतदान 65% तक पहुंचता है, तो यह न सिर्फ रिकॉर्ड तोड़ेगा, बल्कि पिछले सात दशकों की पूरी वोटिंग ट्रेंड लाइन को क्रॉस कर जाएगा।
     
  • बिहार में चुनाव के नतीजों को लेकर कुछ कहा नहीं जा सकता, कुछ प्रतिशत मतदान का इजाफा भी नतीजों को पलट सकता है। बीते कुछ सालों में यह पैटर्न पूरी तरह बदल गया है। जिन 11 चुनावों में मतदान प्रतिशत बढ़ा है, उनमें से पांच बार सत्तारूढ़ दल की सरकार में वापसी हुई है, लेकिन जिन तीन बार मतदान घटा, उनमें से दो बार सत्ता पलट गई। इस तरह से ये नहीं कह सकते कि बिहार की जनता किस तरह से वोट कर रही है।  
     
  • 1950 और 60 के दशक में बिहार में मतदाता वोटिंग में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाते थे, तब सिर्फ 40 से 45 प्रतिशत वोटिंग हुआ करती थी। फिर 1970 के दशक में वोटिंग प्रतिशत 50 प्रतिशत को पार करने लगी और फिर 2000 में यह छलांग लगाकर 62 प्रतिशत तक पहुंच गई।
     
  • साल 2000 में पहली बार रिकॉर्ड 62.6 प्रतिशत वोट पड़े, लेकिन उससे कोई खास फायदा नहीं हुआ और राज्य में राष्ट्रपति शासन लग गया था। साल 2010 का चुनाव बिहार के लिए टर्निंग पॉइंट था और तब से लंबे समय बाद मतदाता गांवों से निकलकर बूथ तक पहुंचने लगे और औसत वोटिंग एक झटके में पांच प्रतिशत तक बढ़ गया था। 

Ramswaroop Mantri

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