पूजा अग्निहोत्री दुबे।।
गंगा के विन जीवन की कल्पना तक करना व्यर्थ।
गोरी ही अन्नपूर्णा सच्चे अर्थों का अर्थ।।
गौ माता बिन धरती पर जीना नहीं आसान।
बिन गायत्री ब्रह्मांड में मिलता नहीं सम्मान।। अर्थात, इस वसुंधरा पर गंगा जी, गौरी अर्थात अन्नपूर्णा गौ माता एवं भगवती गायत्री निश्चित ही श्रेष्ठ हैं इनसे पहले समूची वसुंधरा पर कौन बड़ा हो सकता है। गंगा जी के बिना जीवन की कल्पना तक नहीं की जा सकती गौरी अर्थात अन्नपूर्णा ही जीवन दायिनी है। एवं सच्चे अर्थों में लक्ष्मी हैं। गौ माता के बिना मनुष्य में पुष्टि एवं संवर्धन की कल्पना तक नहीं की जा सकती और वेद माता गायत्री की कृपा के बिना नावेदों का ज्ञान हो सकता है उन्हें धरा पर सम्मान प्राप्त हो सकता है।
।।मोबाइल नंबर–7697234867।।





