लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 जैसे-जैसे करीब आ रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बहुजन समाज पार्टी भी मिशन 2027 को लेकर सक्रिय हो गई है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने हाल में लखनऊ में आयोजित एक विशाल रैली के माध्यम से अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया था। इसी क्रम में बसपा ने अपने पुराने और प्रभावशाली नेताओं को फिर से पार्टी से जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। इसी रणनीति के तहत बसपा के पूर्व वरिष्ठ नेता जय प्रकाश सिंह की पार्टी में वापसी हो गई है।
बसपा में घर वापसी करने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने जय प्रकाश सिंह को उड़ीसा और पश्चिम बंगाल का प्रभारी बनाया है। एनबीटी ऑनलाइन से बातचीत में जय प्रकाश सिंह ने बताया कि उन्होंने दिल्ली में मायावती से मुलाकात की थी। जिसके बाद उन्हें ये जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि बहन जी ने मुझसे कहा कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में संगठन को मजबूत करना है। जय प्रकाश सिंह ने बताया कि मैं बहन जी का आभारी हूं कि उन्होंने मुझे फिर से मौका दिया है।
बसपा को मजबूत करेगी जय प्रकाश की वापस?
जय प्रकाश सिंह ने कहा कि मैंने बहनजी से वादा किया है कि मैं उनके आदेशों का सदैव पालन करूंगा और सौंपे गए दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाऊंगा। उन्होंने यह भी बताया कि वे जल्द ही पश्चिम बंगाल रवाना होंगे और वहां बसपा संगठन को मजबूत करने के साथ ही पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का काम करेंगे। जय प्रकाश सिंह पहले भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और नेशनल कोऑर्डिनेटर की अहम जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, उनकी वापसी से बसपा संगठन को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
राहुल-सोनिया गांधी पर की थी विवादित टिप्पणी
बता दें कि साल 2018 में जय प्रकाश सिंह को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने के बाद बसपा से बाहर कर दिया गया था। जय प्रकाश सिंह ने उस समय कांग्रेस नेता राहुल गांधी को विदेशी मां (सोनिया गांधी) की औलाद कहा था, जिसके बाद मायावती ने उन पर कार्रवाई करते हुए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। मायावती ने तब यह भी आरोप लगाया था कि जय प्रकाश सिंह उनके नाम पर लोगों से चंदा वसूल रहे थे।
मायावती को पुराने चेहरों पर भरोसा
हाल के महीनों में जय प्रकाश सिंह ने सार्वजनिक मंच से मायावती से माफी मांगी थी और अपनी गलती स्वीकार की थी। सूत्रों के मुताबिक, बसपा के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा और आकाश आनंद की सहमति के बाद बीते दिनों मायावती से मुलाकात हुई थी, जिसके बाद से चर्चा थी कि जल्द ही जय प्रकाश सिंह की वापसी हो सकती है।
हालांकि शुक्रवार को दिल्ली में मायावती से मुलाकात के बाद उनकी पार्टी में वापसी पर फाइनल मुहर लग गई है। जानकारों का मानना है कि मिशन 2027 के तहत मायावती पुराने और प्रभावशाली चेहरों को दोबारा साथ लाकर पार्टी की जमीनी पकड़ को और मजबूत करना चाहती हैं।





