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समझदार नेताओं की कतार में शुमार होते राहुल गांधी!

लॉकडाउन, राहुल गांधी
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सुसंस्कृति परिहार

यह भाजपा की ही मेहरबानी है कि उसने राहुल गांधी को सुपरस्टार बना दिया है ।आज उनकी चर्चा के बिना भाजपाई अपनी बात नहीं कह पाते जबकि कांग्रेस का ग्राफ लगातार गिर रहा है । कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी । हिंदुस्तान की तरह राहुल भी आज लगभग इसी स्थिति में पहुंच गए हैं । सबसे बड़ी बात राहुल के साथ जो जुड़ी है वह है बचपन से लेकर लगातार उनकी शिक्षा दीक्षा झंझावातों के बीच ही हुई है इसलिए वे जब कोई बात कहते हैं तो उसके पीछे परा गहन और तार्किक अध्ययन और चिंतन होता है वे हवा हवाई बात नहीं करते ।उनकी यही राजनैतिक परिपक्वता भाजपा के लिए हमेशा सिरदर्द बन जाती है तब भाजपा का आई टी सेल ऊल जलूल बातों से उनकी छवि धूमिल करने सक्रिय हो जाता है लेकिन बदले की भावना से दूर एक सौम्य सरल नेता की तरह उसे पचा जाते हैं कभी कभार ही पलटवार करते हैं।उनकी शालीनता के साथ आए महत्वपूर्ण भाषणों को दूर दुनिया में सराहा जाता है।

पिछले तकरीबन दो वर्षों से राहुल गांधी  मोदी सरकार पर जिस तरह एक नए अंदाज़ में हमले कर रहे हैं वह उनकी परिपक्वता और समझदारी का प्रतीक है यही वह वजह है जिसके कारण सरकार उनकी माला जपते नहीं थकती।

चाहे मामला केंद्र सरकार के कर्मचारियों के भत्ते का हो, या फिर वित्त मंत्री से बैंक चोरों की मुद्दे पर सवाल हो या फिर कोरोना काल में अर्थव्यवस्था को लेकर सवाल उठाते राहुल गांधी मोदी सरकार के लिए परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं.

हालांकि कांग्रेस फ़िलहाल बहुत मज़बूत स्थिति में नहीं है. इसके बावजूद कोरोना काल में राहुल गांधी ने अपनी प्रासंगिकता को नए सिरे से उभारा है।आपको याद होगा कोरोना संकट की चेतावनी देने वाले राहुल गांधी भारत में पहले नेता बने जिन्होंने कोरोना को लेकर चेतावनी देनी शुरू कर दी. वो भी उस समय जब मोदी सरकार अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप के स्वागत की तैयारी में लगी थी। कोरोना महामारी की बढ़ते दर्दनाक हालात पर हाल ही में राहुल गांधी ने फिर  जोरदार हमला करते हुए ,शुक्रवार को कहा कि ये दूसरी लहर प्रधानमंत्री की ज़िम्मेदारी है, प्रधानमंत्री ने जो नौटंकी की, अपनी ज़िम्मेदारी पूरी नहीं की उसी वजह से दूसरी लहर आई। अगर वैक्सीनेशन इसी तरह से चला तो मई 2024 में हिन्दुस्तान की पूरी जनता का वैक्सीनेशन होगा। उन्होंने वैक्सीन की अलग-अलग कीमतों को लेकर भी सरकार को निशाने पर लिया। राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार अभी तक कोरोना वायरस को समझ ही नहीं पाई है।

राहुल गांधी ने दूसरे दिन शनिवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘झूठी छवि’ के लिए उनकी सरकार के किसी विभाग के मंत्री किसी भी विषय पर बोलने को मजबूर हैं। उन्होंने ट्वीट किया, “प्रधानमंत्री की झूठी छवि के लिए किसी भी विभाग का मंत्री किसी भी विषय पर कुछ भी बोलने के लिए मजबूर है।आगे उन्होंने कहा-, ‘आप कोरोना को जितना समय देंगे, वह उतना खतरनाक होता जाएगा, मैंने प्रधानमंत्री से कहा था कि कोरोना को जगह मत दीजिए, दरवाजा बंद कीजिए, कोरोना सबसे पहले जिनके पास भोजन नहीं है, उन पर आक्रमण करता है, दूसरी तरफ जिनको बीमारियां हैं उन पर आक्रमण करता है और यह आहिस्ते-आहिस्ते बदलता है.

कोरोना को रोकने का तरीका बताते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, ‘इस महामारी को रोकने के तीन-चार तरीके हैं, उसमें से एक वैक्सीन स्थायी तरीका है, लॉकडाउन हथियार है मगर इससे लोगों को तकलीफ होती है, लॉकडाउन-सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क अस्थायी तरीका है, अगर वैक्सीन जल्दी नहीं की तो वायरस आपकी पकड़ से भाग जाएगा

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, ‘अगर वायरस को हिंदुस्तान में रोकेंगे नहीं तो वह म्यूटेट करता जाएगा, वैक्सीन की रणनीति के बारे में मैंने प्रधानमंत्री को कई बार कहा कि अगर सही से नहीं हुआ तो एक या दो नहीं कई लहर आएगी, अभी स्थिति यह है कि देश के 3 फीसदी लोगों को वैक्सीन दी, यानी 97 फीसदी लोगों को कोरोना पकड़ सकता है.’

 सांसद राहुल गांधी ने कहा, ‘सरकार ने अभी भी दरवाजा खोला है, अमेरिका ने अपनी आधी आबादी को वैक्सीन लगा दिया, ब्राजील जैसे देश ने अपने 8 फीसदी लोगों को वैक्सीन लगा दिया, ब्राजील तो वैक्सीन कैपिटल भी नहीं है, हम वैक्सीन कैपिटल हैं, हम वैक्सीन बनाते हैं, देश में कोरोना की दूसरी लहर के लिए प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं.’। इस बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जुबानी हमला बोला है। उन्होंने इसके लिए एक कविता का सहारा लिया, जिसमें बिहार के बक्सर में एक नदी में मिली लाशों, अस्पताल में लगने वाली लाइनों का जिक्र है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ”नदियों में बहते अनगिनत शव, अस्पतालों में लाइनें मीलों तक, जीवन सुरक्षा का छीना हक़! PM, वो गुलाबी चश्में उतारो जिससे सेंट्रल विस्टा के सिवा कुछ दिखता ही नहीं।”

इससे पहले सोमवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निंदा की गई और उनसे अपनी गलतियों के लिए प्रायश्चित करने की अपील की।पत्र में राहुल गांधी ने लिखा, ‘मैं आपको एक बार फिर पत्र लिखने के लिए विवश हुआ हूं क्योंकि हमारा देश कोविड सुनामी की गिरफ्त में बना हुआ है। इस तरह के अप्रत्याशित संकट में भारत के लोग आपकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होने चाहिए। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप देश के लोगों को इस पीड़ा से बचाने के लिए जो भी संभव हो, वह करिए।’ कुल मिलाकर आज राहुल गांधी ही एकमात्र ऐसे समर्थ विपक्षी नेता नज़र आते हैं जो महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाकर देश के प्रधानमंत्री के समक्ष दिलेेेरी से रखते हैं उस पर कितना ध्यान दिया जाता हैैैै नहीं  ये बात और है लेकिन वे अपने संवैधानिक दायित्व को बखूबी निभा रहे हैं।वह सराहनीय है और जो भारत के उज्जवल लोकतांत्रिक परम्परा के लिए जरूरी है।

Ramswaroop Mantri

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