–डॉ सुनीलम*
आज दोपहर में सूचना मिली कि बिहार के लखीसराय के समाजवादी साथी, राष्ट्र सेवा दल के महामंत्री सच्चिदानंद बाबू का पटना के अस्पताल में कोरोना से निधन हो गया। वे लंबे समय से कोरोना से जूझ रहे थे। राष्ट्र सेवा दल के साथी मिथिलेश जी कभी खबर देते कि उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है, कभी बतलाते की स्थिति नियंत्रण से बाहर है अंततः आज मौत की खबर आ गई। सच्चिदा बाबू से मेरा संबंध 30 साल से अधिक पुराना था। बिहार में समाजवादियों का कार्यक्रम हो , पुणे में राष्ट्र सेवा दल का, दिल्ली में सुरेंद्र मोहन जी का कार्यक्रम हो या मुंबई में समाजवादी समागम का कार्यक्रम, मुलतापी में मेरा चुनाव हो या शहीद किसान स्मृति सम्मेलन का कार्यक्रम हर जगह सच्चिदानंद जी मौजूद रहा करते थे । ऐसा लगता था कि कार्यक्रम में पहुंचने सच्चिदानंद बाबू के लिए दूरी कोई मायने नहीं रखती थी।कोई व्यवस्था हो पाए या नहीं,उनका भाषण हो या नहीं, कभी कोई शिकायत उन्होंने नहीं की। डॉ लोहिया के जन्म शताब्दी वर्ष में राष्ट्र सेवा दल और युसूफ मेहेर अली सेंटर के द्वारा निकाली गई यात्रा में वे साथ रहे। उनके लिए छोटे बड़े किसी भी काम मे कोई अंतर नहीं होता था। जो काम सौंपा जाए उंसको हंसी खुशी के साथ किया करते थे। राष्ट्र सेवा दल आज जिस मुकाम पर पहुंचा है उसमें सच्चिदानंद बाबू जैसे कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रही है।
जब तक मेरे गुरु प्रो. विनोदानंद प्रसाद सिंह पटना में थे, मैं काफी आता जाता रहता था। जाने के पहले यदि सच्चिदानंद बाबू को खबर कर देता तो वे स्टेशन पर हाजिर मिलते थे। सादगी पूर्ण जीवन, मिलनसार स्वभाव और फौलादी समाजवादी वैचारिक प्रतिबद्धता रखने वाले साथी की मौत की खबर ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया। जब भी मिथिलेश जी से बात होती थी सोचता था कि पटना जाकर उन्हें देख आऊं, लेकिन ग्वालियर से पटना का ट्रेन का लंबा सफर तय करने की हिम्मत नहीं कर पाया । लेकिन सच्चिदानंद बाबू बिना किसी की चिंता के अनंत के लिए प्रस्थान कर गए।
सामान्य समय होता तो अंतिम दर्शन के लिए जरूर जाता। सच्चिदानंद बाबू का और हमारा एक ही समाजवादी परिवार था। सभी साथी उन्हें बहुत प्रेम किया करते थे तथा सम्मान देते थे। सभी साथियों से शायद कुछ महीनों में मुलाकात हो, तब हम यह तय करेंगे कि मिलकर हम सब सच्चिदानंद बाबू की स्मृति में क्या कुछ कर सकते हैं? फिलहाल मुझे लगता है कि राष्ट्र सेवा दल को मजबूत करना ही सच्चिदानंद बाबू के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।डॉ सुनीलम





