बांग्लादेश में हलचल बढ़ गई है. बांग्लादेश में एक बार फिर लोग सड़कों पर उतर आए हैं. वजह है शेख हसीना को मिली मौत की सजा. जी हां, बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना को इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने मौत की सजा दी है. इस बीच बांग्लादेश के NSA खालिलुर रहमान तय समय से पहले भारत पहुंचे हैं. वह गुरुवार को अजीत डोभाल से मुलाकात करेंगे.
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा सुना दी गई है. शेख हसीना की मौत की सजा के बाद बांग्लादेश में फिर उथल-पुथल है. मोहम्मद यूनस के खिलाफ आक्रोश बढ़ गया है. लोग सड़कों पर उतर आए हैं. खुद हसीना के घर पर भी हमला हुआ है. कुल मिलाकर बांग्लादेश में हालात फिर पिछले साल जैसे हो गए हैं, जब तख्तापलट हुआ था. उधर बांग्लादेश में शेख हसीना की मौत की सजा पर बवाल है. इधर बांग्लादेश के एनएसए यानी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अचानक नई दिल्ली आ धमके हैं. दरअसल, बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) खालिलुर रहमान मंगलवार की शाम 6:30 बजे के बाद दिल्ली पहुंचे.
बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, वह पहले तय कार्यक्रम से एक दिन पहले भारत आए हैं. मतलब यह है कि खालिलुर रहमान आज यानी बुधवार को भारत आने वाले थे. मगर तय शेड्यूल से एक दिन पहले वह भारत आ चुके हैं. मंगलवार की शाम को नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (एनएससीएस) के एक सीनियर अधिकारी ने उनका स्वागत किया. लेकिन सवाल उठ रहा है कि ढाका में शेख हसीना की सजा पर मचे बवाल के बीच एनएसए रहमान का एक दिन पहले आने का क्या मकसद है?
शेख हसीना को सजा और बवाल
दरअसल, शेख हसीना को 17 नवंबर 2025 को बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर घातक बल प्रयोग के आरोप में क्राइम्स अगेंस्ट ह्यूमैनिटी का दोषी ठहराया और उन्हें मौत की सजा सुनाई. ट्रिब्यूनल ने उन्हें पांच मामलों में दोषी करार दिया, जिसमें उत्तेजक भाषण देने के लिए उम्रकैद तक की सजा शामिल है. शेख हसीना 2024 के बांग्लादेश में हुए तख्तापलट के बाद भारत में रह रही हैं. इस फैसले ने ढाका में हंगामा मचा दिया है. समर्थकों ने इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ बताया, जबकि विरोधी इसे न्याय की जीत मान रहे हैं. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार संगठनों जैसे एमनेस्टी इंटरनेशनल ने ट्रिब्यूनल की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और मौत की सजा का विरोध किया. सूत्रों की मानें तो भारत ने इसे ‘अवैध और अमान्य’ करार दिया है.
क्यों भारत आए रहमान?
इधर, एनएसए रहमान का दौरा आधिकारिक तौर पर कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (सीएससी) की 7वीं एनएसए-स्तरीय बैठक के लिए है, जो 19-20 नवंबर को दिल्ली में होनी है. भारत के एनएसए अजीत डोवाल ने उन्हें आमंत्रित किया था. सीएससी में भारत, मालदीव, मॉरीशस, श्रीलंका और बांग्लादेश शामिल हैं, जहां क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों जैसे आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा और मानवीय सहायता पर चर्चा होती है. बांग्लादेश के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA) खलीलुर रहमान कल यानी गुरुवार को एनएसए अजीत डोभाल से मुलाकात करेंगे.
बांग्लादेशी एनएएस क्या करेंगे भारत में?
बुधवार को वह सदस्य देशों के NSA और शीर्ष अधिकारियों के लिए रखे गए डिनर में भी शामिल होंगे. यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब एक दिन पहले ही बांग्लादेश की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई है. अब सवाल है कि आखिर तय समय से एक दिन पहले बांग्लादेशी एनएसए के आने की वजह है क्या है? अभी तक इसका कारण पता नहीं चल पाया है. हालांकि, सूत्रों का कहना है कि रहमान का जल्दी आना द्विपक्षीय वार्ता का संकेत हो सकता है. माना जा रहा है कि भारत और बांग्लादेश के बीच शेख हसीना के मुद्दे पर भी शायद बातचीत हो. हालांकि, इसे लेकर अभी तक कुछ भी आधिकारिक नहीं आया है.





