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यूपीआई को यूरोप के टारगेट इंस्टेंट पेमेंट सेटलमेंट से जोड़ने की घोषणा,11.5 हजार टोयोटा कारें वापस, चीन से आयात पर जांच

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आरबीआई ने बताया कि इससे दोनों क्षेत्रों के यूजरों को फायदा होगा। आरबीआई और एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) इस इंटरलिंकेज को शुरू करने के लिए यूरोपीय सेंट्रल बैंक के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। यह कदम जी20 के उस रोडमैप के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय भुगतान को बेहतर बनाना है। गौरतलब है कि भारत यूपीआई को अन्य देशों के फास्ट पेमेंट सिस्टम से जोड़ने पर जोर दे रहा है। हाल में पेरू ने भी अगले साल तक यूपीआई जैसी रियल-टाइम पेमेंट प्रणाली लागू करने की घोषणा की है। आरबीआई सीमा-पार भुगतान को बढ़ावा देने के लिए दूसरे देशों की त्वरित भुगतान प्रणालियों से यूपीआई को जोड़ने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। 

टोयोटा ने वापस मंगाए 11.5 हजार अर्बन क्रूजर
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर अपने मिड साइज एसयूवी अर्बन क्रूजर हाइडर की 11,529 इकाइयों को डैशबोर्ड के एक हिस्से की जांच करने और बदलने के लिए वापस मंगा रही है। इन इकाइयों को वापस मंगाने का मकसद 9 दिसंबर, 2024 से 29 अप्रैल, 2025 के बीच बनी 11,529 कारों में खामियों की जांच करना है। अगर इनके कॉम्बिनेशन मीटर में खराबी पाई जाती है, तो उसे बदला जाएगा।

चीन आयातित पॉलिस्टर धागे की डंपिंग जांच शुरू
भारत ने दो घरेलू कंपनियों की शिकायतों के बाद चीन से आयातित पॉलिस्टर टेक्सचर्ड धागे की डंपिंग जांच शुरू कर दी है। व्यापार उपचार महानिदेशालय ने कहा, रिलायंस और वेलनोउन पॉलिस्टर ने अपने आवेदनों में दावा किया है कि चीन से इन धागों के सस्ते आयात से घरेलू उद्योग को नुकसान हुआ है और इसलिए सरकार डंपिंग रोधी शुल्क लगाए।

अनुषंगी कंपनी में 82 करोड़ डॉलर निवेश करेगी इंडिगो
इंडिगो ने विमान अधिग्रहण के लिए अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी इंटरग्लोब एविएशन फाइनेंशियल सर्विसेज आईएफएससी प्राइवेट लि. में 82 करोड़ डॉलर (7,270 करोड़ रुपये) के निवेश को शुक्रवार को मंजूरी दे दी है। यह निवेश शेयर और 0.01 फीसदी गैर-संचयी वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय प्रतिदेय तरजही शेयर के संयोजन से एक या अधिक किस्तों में किया जाएगा।

बेहतर हो रही परिवारों की आर्थिक स्थिति, गैर खाद्य पदार्थों पर पहले से ज्यादा खर्च: EAC-PM
देश में परिवार अब अपने मासिक उपभोग व्यय का बड़ा हिस्सा गैर-खाद्य पदार्थों पर खर्च कर रहे हैं। इनमें उपभोग योग्य वस्तुएं, सेवाएं और टिकाऊ वस्तुएं शामिल हैं। इससे संकेत मिलता है कि घरों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो रही है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के एक कार्य पत्र में यह कहा गया है।

ईएसी-पीएम ने शुक्रवार को जारी अपने कार्य-पत्र भारत में टिकाऊ वस्तुओं के स्वामित्व में बदलाव
घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण 2011-12 एवं 2023-24 का विश्लेषण में कहा, ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में टिकाऊ वस्तुओं पर प्रति व्यक्ति मासिक खर्च (एमपीसीई) का हिस्सा बढ़ा है। कई राज्यों में ग्रामीण क्षेत्र का हिस्सा शहरी घरों से थोड़ा आगे निकल गया है। साथ ही, चालू कीमतों पर सभी राज्यों और सभी क्षेत्रों में खर्च बढ़ा है, लेकिन शहरी घरों में यह थोड़ा ज्यादा है। कार्य-पत्र के मुताबिक, ऐसे में घरेलू उपभोग व्यय का बड़ा हिस्सा अब गैर-खाद्य मदों पर जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में उपभोग योग्य वस्तुएं एवं सेवाएं ही घरेलू खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा हैं। इसमें कहा गया कि मोबाइल फोन हर जगह बढ़े हैं। इससे देश की आबादी के लिए आपस में बेहतर जुड़ाव का पता चलता है। 

Ramswaroop Mantri

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