नई दिल्ली : भारत ने बांग्लादेश की तरफ से पूर्व पीएम शेख हसीना के प्रत्यर्पण के मामले में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि भारत बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना केप्रत्यर्पण के लिए बांग्लादेश की आग्रह की जांच कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हां, हमें वह रिक्वेस्ट मिली है, और रिक्वेस्ट की जांच की जा रही है। हम बांग्लादेश के लोगों के लिए कमिटेड हैं। हम इस बारे में सभी हितधारकों के साथ रचनात्मक तरीके से बातचीत करते रहेंगे।
शेख हसीना को सुनाई थी मौत की सजा
इस महीने की शुरुआत में, हसीना को पिछले साल जुलाई में हुए विद्रोह के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए मौत की सजा सुनाई गई थी। फैसले के मुताबिक, 78 साल की अपदस्थ नेता, जो अब भारत में हैं, को पिछले साल 5 अगस्त को ढाका के चंखरपुल में छह निहत्थे प्रदर्शनकारियों की गोली मारकर हत्या करने के लिए मौत की सजा सुनाई गई थी। सजा सुनाए जाने के बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और पूर्व गृहमंत्री असदुज्जमां खान कमाल को तुरंत प्रत्यर्पित करने का आग्रह किया था।
भारत में रह रही हैं शेख हसीना
पिछले साल 5 अगस्त को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बाद बांग्लादेश से निकलने के बाद से हसीना भारत में रह रही हैं। अदालत ने उन्हें पहले ही भगोड़ा घोषित कर दिया था। माना जा रहा है कि खान भी भारत में हैं। ढाका ने बार-बार नई दिल्ली से बैन अवामी लीग पार्टी के लीडर को एक्सट्रैडाइट करने के लिए कहा है। हालांकि, भारत अपने आप ऐसा करने के लिए मजबूर नहीं है, क्योंकि 2013 की प्रत्यर्पण संधि के मुताबिक, अगर जुर्म को ‘पॉलिटिकल’ माना जाता है, तो आर्टिकल 6 के तहत मना किया जा सकता है।
…तो मना भी कर सकता है भारत
संधि के मुताबिक, आर्टिकल 8 के तहत, अगर हालात में प्रत्यर्पण ‘गलत या दबाने वाला’ होगा, तो भी मना किया जा सकता है। हसीना को हटाने के बाद से दोनों देशों के बीच रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं। बांग्लादेश में अभी नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार चल रही है। बांग्लादेश में अगले पार्लियामेंट्री चुनाव फरवरी 2026 में होने हैं।





