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कारोबार जगत : 2.5 अरब डॉलर का हर्जाना दावा दायर करेंगे बायजू; गेमिंग प्लेटफॉर्म विन्जो के संस्थापक गिरफ्तार

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म विन्जो के संस्थापक सौम्यासिंह राठौर और पवन नंदा को मनी लॉन्ड्रिंगमें गिरफ्तार किया है। बंगलूरू क्षेत्रीय दफ्तर में  दोनों से पूछताछ के बाद यह कदम उठाया गया। ईडी ने दोनों को बुधवार रात बंगलूरू की अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें एक दिन की हिरासत में भेजा है। ईडी के अनुसार, कंपनी ने गेमर्स के 43 करोड़ रुपये रखे थे। भारत में रियल-मनी गेमिंग पर प्रतिबंध के बाद यह राशि खिलाड़ियों को वापस की जानी चाहिए थी। ईडी ने कंपनी के 505 करोड़ रुपये मूल्य के बॉन्ड, फिक्स डिपॉजिट व म्यूचुअल फंड को फ्रीज किया है।

कपड़ा क्षेत्र के लिए 305 करोड़ की टेक्स-रैम्प्स योजना को मंजूरी
केंद्र सरकार ने टेक्स रैम्प्स योजना को मंजूरी दे दी। यह एक बड़ी पहल है। इसका उद्देश्य घरेलू टेक्सटाइल क्षेत्र में शोध, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत बनाना है। यह योजना 2025-26 से 2030-31 की अवधि के लिए लागू होगी। इसकी कुल लागत 305 करोड़ रुपये है।  टेक्सटाइल्स फोकस्ड रिसर्च, असेसमेंट, मॉनिटरिंग, प्लानिंग व स्टार्टअप (टेक्स रैम्प्स) को केंद्रीय क्षेत्र योजना के रूप में लागू किया जाएगा। इसका पूरा खर्च कपड़ा मंत्रालय वहन करेगा। योजना को नए वित्त आयोग के साथ जोड़ा गया है, ताकि भविष्य में टेक्सटाइल और परिधान क्षेत्र को अधिक मजबूत, आधुनिक और विश्व-प्रतिस्पर्धी  बनाया जा सके।

एसबीआई को पांच-छह साल तक इक्विटी पूंजी की जरूरत नहीं : शेट्टी
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने कहा, बैंक ने साल की शुरुआत में पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) से 25,000 करोड़ जुटाए थे। इस पैसे से बैंक 12 लाख करोड़ तक कर्ज दे सकेगा। शेट्टी ने बताया, बैंक ऋण पूंजी के लिए तय प्रक्रिया के तहत बॉन्ड बेचकर 12,500 करोड़ जुटाएगा। क्यूआईपी से पहले भी बैंक के पास कर्ज बढ़ाने के लिए पैसे की कमी नहीं थी, लेकिन पूंजी को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया। बैंक की योजना पूंजी-जोखिम अनुपात (सीआरएआर) को 15 व कॉमन इक्विटी टियर-1 को 12 फीसदी पर रखने की है। बैंक की मौजूदा कमाई पांच–छह साल इसी तरह चलती रही, तो उसे कॉमन इक्विटी टियर-1 के लिए कोई पूंजी जुटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बैंक ने जुलाई में क्यूआईपी से 25,000 करोड़ जुटाए। यह पूंजी बाजार में क्यूआईपी से जुटाई गई सबसे बड़ी रकम है।

2030 तक 125 अरब डॉलर को पार कर जाएगा घरेलू खाद्य सेवा बाजार का आकार
देश का खाद्य सेवा बाजार 2030 तक 125 अरब डॉलर को पार कर जाएगा। इसमें संगठित क्षेत्र मौजूदा स्तर से दोगुना होकर असंगठित क्षेत्र से आगे निकल सकता है। स्विगी और कियर्नी की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल आकार 78 अरब डॉलर होने का अनुमान है। 2019 में यह 49 अरब डॉलर था।

रिपोर्ट के अनुसार, संगठित क्षेत्र खाद्य सेवाओं में समग्र वृद्धि में 60 प्रतिशत से अधिक का योगदान देगा। देश में सात वर्षों में खाद्य सेवा खर्च के प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुपात में तेज वृद्धि होने की उम्मीद है। वर्तमान में जीडीपी में इसका योगदान 1.9 प्रतिशत है। चीन में यह 5 प्रतिशत और ब्राजील में 6 प्रतिशत है। क्लाउड किचन, क्यूएसआर और डेज़र्ट पार्लर जैसे क्षेत्र के औसत से अधिक वृद्धि के साथ अग्रणी रहने की उम्मीद है।

छाछ और शरबत की वृद्धि 6 गुना
छाछ व शरबत जैसे पेय पदार्थ कुल पेय पदार्थों की तुलना में 4-6 गुना से ज्यादा की दर से बढ़ रहे हैं। इससे वैश्विक रेस्तरां भारत में नवाचार के लिए प्रेरित हो रहे हैं। बोबा टी व माचा टी की सर्च वॉल्यूम में क्रमशः 11 गुना व 4 गुना वृद्धि की है। स्विगी फूड मार्केटप्लेस के सीईओ रोहित कपूर ने कहा, एक दशक से अधिक समय में उद्योग में काफी वृद्धि  है।

2.5 अरब डॉलर का हर्जाना दावा दायर करेंगे बायजू
बायजू रवींद्रन अमेरिकी कोर्ट में नए सबूतों के साथ 2.5 अरब डॉलर का हर्जाना दावा दायर करने की तैयारी कर रहे हैं। अमेरिकी दिवालियापन कोर्ट ने रवींद्रन को एक अरब डॉलर से अधिक का भुगतान करने का आदेश दिया था। इसमें कहा गया था कि बायजू ने 2021 में लिए गए 1.2 अरब डॉलर के अमेरिकी टर्म लोन से लगभग आधी आय का पता लगाने के कानूनी प्रयासों में सहयोग करने से इन्कार कर दिया था। रवींद्रन ने विरोध करते हुए कहा, कोर्ट ने उन्हें इस पर बहस करने के लिए अमेरिकी वकील की व्यवस्था करने के लिए मांगे गए 30 दिन नहीं दिए। इसके बाद उन्होंने अपील करने का फैसला किया। एक अलग अमेरिकी कोर्ट में जीएलएएस ट्रस्ट और उसकी सहायता करने वालों के खिलाफ 2.5 अरब डॉलर के हर्जाने का मुकदमा दायर करेंगे। इसमें 53.3 करोड़ डॉलर का हिसाब-किताब है। इसमें से अधिकांश, 47.9 करोड़ डॉलर ऋण प्रदाता ओसीआई से रेवरे कैपिटल और फिर बायजू की संस्थाओं और अंततः मूल कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड को दिए गए। थिंक लर्न ने उस वर्ष आकाश एजुकेशनल सहित 3 अरब डॉलर के अधिग्रहण के लिए इसका उपयोग किया।

मुद्रा योजना के तहत 34 लाख करोड़ के कर्ज मंजूर
ऋणदाताओं ने मुद्रा योजना के तहत 55 करोड़ लाभार्थियों को बिना किसी जमानत के 34 लाख करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए हैं। इस योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री  ने अप्रैल, 2015 में की थी। शुरुआत में इसके तहत अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये थी। बाद में बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई।

टाटा रियल्टी को 1,280 करोड़ का कर्ज मिला
टाटा रियल्टी एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर को गुरुग्राम में एक स्थायी वाणिज्यिक परियोजना के लिए डीबीएस बैंक से 1,280 करोड़ रुपये का ऋण मिला है। यह ऋण सुविधा टाटा रियल्टी के विशेष प्रयोजन वाहन के जरिये प्राप्त की गई है। इसने गुरुग्राम में वाणिज्यिक परियोजना इंटेलियन पार्क विकसित की है।

बिना दावे वाली संपत्तियों के लिए पोर्टल जल्द
वित्त मंत्रालय, बचतकर्ताओं और खुदरा निवेशकों को बैंक जमा, पेंशन फंड, शेयर और लाभांश जैसी परिसंपत्ति श्रेणियों में सभी बिना दावे वाली संपत्तियों का दावा करने में सक्षम बनाने के लिए आरबीआई के साथ मिलकर एकीकृत पोर्टल बना रहा है। आरबीआई, सेबी व बीमा नियामक इरडाई ने पहले ही अपने-अपने क्षेत्र से जुड़ी रकम के दावे के लिए पोर्टल लॉन्च कर दिए हैं।

Ramswaroop Mantri

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