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*नेपाल के नोट पर विवादित मैप भारत के कुछ हिस्सों को उसने अपना बता दिया*

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नई दिल्ली. नेपाल में अपनी नई करेंसी नोट पर विवादित मैप छापने के बाद भले ही सियासी तापमान बढ़ गया हो, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि दुनिया की नजर में नेपाली रुपये की वास्तविक स्थिति क्या है. नोट पर सीमाएं खींच लेना एक बात है, लेकिन किसी देश की आर्थिक हैसियत उसकी करेंसी की ताकत, व्यापार क्षमता और ग्रोथ से तय होती है. इसी नजरिये से देखें तो नेपाल की करेंसी की तुलना में भारतीय रुपया कहीं ज्यादा मजबूत है और अमेरिकी डॉलर तो उससे कई गुना आगे खड़ा है.

नेपाल ने हाल में जिन करेंसी नोटों पर नया मैप छापा है, उन्हें लेकर भारत में आपत्ति जताई गई है. लेकिन असली तस्वीर तभी साफ होती है जब हम जानें कि नेपाल का रुपया बाजार में कितनी ताकत रखता है और वह भारत तथा अमेरिका की अर्थव्यवस्था के मुकाबले कहां खड़ा है.

नेपाली रुपया बनाम भारतीय रुपया

आज के लेटेस्ट एक्सचेंज रेट के हिसाब से 1 नेपाली रुपया (NPR) की कीमत लगभग ₹0.625 है. यानी आपके 100 नेपाली रुपये भारत में सिर्फ ₹62.5 बनते हैं. इससे साफ है कि नेपाली रुपये की वैल्यू भारतीय रुपये के मुकाबले काफी कमजोर है. भारत ने पिछले कुछ सालों में महंगाई को कंट्रोल करने और इकोनॉमी को स्थिर बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए हैं, जबकि नेपाल लगातार रुपये पर निर्भर है और उसकी घरेलू अर्थव्यवस्था छोटा उपभोक्ता बाजार होने की वजह से दबाव में रहती है.

नेपाली रुपया बनाम अमेरिकी डॉलर

अमेरिकी डॉलर दुनिया की सबसे मजबूत और सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली करेंसी है और उसके मुकाबले नेपाली रुपये की स्थिति और भी कमजोर हो जाती है. आज के रेट के अनुसार 1 डॉलर लगभग 142.9 NPR के बराबर है. मतलब 1 नेपाली रुपये की वैल्यू सिर्फ USD 0.0070 के करीब है. यह दिखाता है कि नेपाल की करेंसी ग्लोबल मार्केट में कितनी कमजोर है.

नेपाल की इकोनॉमी कितनी बड़ी

अब बात करें नेपाल की अर्थव्यवस्था की, तो वर्ल्ड बैंक और अंतरराष्ट्रीय अनुमान बताते हैं कि नेपाल की कुल GDP लगभग USD 40 बिलियन के आसपास है. इसमें सबसे बड़ा योगदान रेमिटेंस का है. यानी नेपाल के नागरिक जो खाड़ी देशों, भारत और यूरोप में काम करते हैं, वही पैसा भेजकर नेपाल में अर्थव्यवस्था को चलाते हैं. नेपाल का उद्योग क्षेत्र छोटा है, निर्यात सीमित है और पर्यटन पर बहुत ज्यादा निर्भरता रहती है. एक झटका लगते ही नेपाल की ग्रोथ तेजी से नीचे आ जाती है.

भारत बनाम नेपाल

भारत की GDP आज USD 4 ट्रिलियन के आसपास मानी जा रही है और भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है. भारत का एक्सपोर्ट सेक्टर मजबूत है, सर्विस सेक्टर ग्लोबल लेवल पर छाया हुआ है और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने के लिए सरकार लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर और इनसेंटिव दे रही है. इसके मुकाबले नेपाल की अर्थव्यवस्था बेहद छोटी है और उसकी करेंसी की असल ताकत भी उसी आकार को दर्शाती है.

Ramswaroop Mantri

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