एकतरफ नोटों की बारिश, दूसरी तरफ चंद सिक्के भी मयस्सर नहीं, वर्ल्ड चैंपियन ब्लाइंड क्रिकेट टीम को मिलती है कितनी मैच फीस?
विमेंस ब्लाइंड टी20 वर्ल्ड कप 2025 बीते हफ्ते भारतीय टीम ने जीता है. इस टूर्नामेंट का आयोजन पहली बार हुआ था.
भारतीय टीम ने ना केवल वर्ल्ड कप की ट्रॉफ़ी जीती बल्कि इस टूर्नामेंट का एक भी मैच नहीं हारी.फ़ाइनल मुक़ाबले में भारतीय टीम ने नेपाल को हराया और सेमीफ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराया. टूर्नामेंट में छह देशों ने हिस्सा लिया था.
इसी टीम की खिलाड़ी सुषमा पटेल, गंगा एस. कदम, दीपिका टीसी, सिमू दास, फुला सोरेन और भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम की मैनेजर शिखा शेट्टी द लेंस के आज के एपिसोड में आईं.सभी खिलाड़ियों ने अपनी-अपनी संघर्ष की कहानियां साझा कीं. उनसे बात की कलेक्टिव न्यूज़रूम के डायरेक्टर ऑफ़ जर्नलिज़म मुकेश शर्मा ने.
एकतरफ नोटों की बारिश, दूसरी तरफ चंद सिक्के भी मयस्सर नहीं, वर्ल्ड चैंपियन ब्लाइंड क्रिकेट टीम को मिलती है कितनी मैच फीस?
भारतीय महिलाओं ने एक महीने के अंतराल में दो बड़े कमाल किए हैं। पहले महिला वनडे वर्ल्ड कप जीतने का इतिहास रचा और अब ब्लाइंड महिला टीम ने टी20 वर्ल्ड कप जीत लिया है। लेकिन दोनों की फीस का अंतर आपको हैरान कर देगा।

भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम ने कोलंबो में इतिहास रच दिया है। ब्लाइंड टीम ने 23 नवंबर के दिन नेपाल की टीम को फाइनल हराकर ब्लाइंड टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। महज 25 दिन के अंदर भारतीय महिलाओं की यह क्रिकेट पिच पर दूसरी बड़ी ऐतिहासिक सफलता है। इससे पहले 2 नवंबर को भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने भी पहली बार वनडे वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतने का इतिहास रचा था। दोनों ही टीम वर्ल्ड चैंपियन बनी हैं, लेकिन यदि आपको दोनों को मिलने वाले पैसे का अंतर पता लगे तो आप हैरान रह जाएंगे। एकतरफ वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली महिला टीम को करीब 90 करोड़ रुपये की रकम ICC और BCCI से इनाम में मिली थी, वहीं ब्लाइंड टीम की प्लेयर्स को महज 1-1 लाख रुपये का इनाम मिलेगा। यह इनाम भी उन्हें ब्लाइंड क्रिकेट एसोसिएशन से नहीं बल्कि एक निजी संस्था की तरफ से दी जाएगी। महज इनाम की ही बात नहीं है, यदि आप मैच फीस को भी देखेंगे तो दोनों टीम के बीच जमीन-आसमान का अंतर दिखाई देगा।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम को मिलती है ये मैच फीस
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की हर प्लेयर को BCCI की तरफ से हर मैच के लिए लाखों रुपये की रकम दी जाती है। जहां इन प्लेयर्स को बीसीसीआई ने सालाना कॉन्ट्रेक्ट भी दे रखा है, जिसमें 10 से 50 लाख रुपये तक की रकम प्लेयर्स को मैच खेले बिना ही मिल रही है। वहीं, एक टेस्ट मैच के लिए 15 लाख रुपये, वनडे मैच के लिए 6 लाख रुपये और टी20 मैच के लिए 3 लाख रुपए की रकम भारतीय महिला क्रिकेट टीम की हर प्लेयर को मिलती है।
ब्लाइंड क्रिकेटरों के लिए इसके मुकाबले महज सिक्कों की खनक
भारतीय महिला क्रिकेट टीम को मिलने वाली मैच फीस के मुकाबले भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेटरों की मैच फीस महज सिक्कों की खनक जैसी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम की प्लेयर्स को हर मैच खेलने के लिए मैच फीस के तौर पर महज 3 हजार रुपये की रकम मिलती है। इसे मौजूदा महंगाई के दौर में ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ जैसा ही कहा जा सकता है। दरअसल भारतीय ब्लाइंड क्रिकेट का संचालन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) नहीं करता है। इसका संचालन एक निजी ट्रस्ट के तौर पर रजिस्टर्ड क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन इंडिया ( CABI ) करती है, जो टीम की मैच फीस, किट, ट्रेनिंग कैंप से लेकर विदेशी दौरों तक का खर्च जुटाने के लिए उद्योगपतियों से दान लेती है। इसके अलावा थोड़ी रकम टीम को स्पॉन्सर कराकर जुटाई जाती है।
BCCI से जुड़ने से पहले महिला क्रिकेट की भी ऐसी ही थी हालत
भारतीय महिला क्रिकेट भी पहले अलग से रजिस्टर्ड सोसाइटी के दायरे में चलती थी, जिसे BCCI से मान्यता नहीं थी। इसके चलते भारतीय महिला क्रिकेटरों को भी महज 1-2 हजार रुपये मैच फीस मिलती थी। तब महिला टीम को देश के अंदर होने वाले मैचों में ट्रेन से सफर करना पड़ता था और होटलों की डोरमैट्री में ठहरना पड़ता था। करीब एक दशक पहले बीसीसीआई ने भारतीय महिला क्रिकेट संघ को मान्यता देते हुए अपने साथ मर्ज कर लिया था। इसके बाद ही महिला टीम इंडिया की स्थिति सुधरी और आज वे करोड़ों रुपये में खेल रही हैं।
विदेशों की तर्ज पर बीसीसीआई दे ब्लाइंड टीम को भी मान्यता
अधिकतर देशों के क्रिकेट बोर्ड ने अपने यहां ब्लाइंड क्रिकेट टीम को भी मान्यता दे रखी है। इसके चलते वहां ब्लाइंड क्रिकेटरों को भी क्रिकेट बोर्ड से सालाना कॉन्ट्रेक्ट, अच्छी मैच फीस और अन्य सुविधाएं मिलती हैं। यहां तक कि पाकिस्तान में भी यह सिस्टम लागू है। इसके चलते भारत में भी ब्लाइंड क्रिकेटर्स लंबे समय से बीसीसीआई से अपने संघ को मर्ज करने की गुहार लगा रहे हैं। अब तक बीसीसीआई ने इस गुहार को अनसुना ही किया है। यदि ऐसा होता है तो भारत में भी ब्लाइंड क्रिकेटरों को अच्छा पैसा और सुविधाएं मिल सकती हैं।





