आदिवासी बटालियन, साहस पुरस्कार और अनुकंपा अनुदान से होमगार्ड संगठन को मिलेगा नई शक्ति
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने होमगार्ड संगठन को मजबूत करने और आगामी सिंहस्थ 2028 की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 5,000 नए होमगार्ड जवानों की भर्ती की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने यह कदम राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर देने के उद्देश्य से उठाया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि होमगार्ड हमारी सुरक्षा ढांचे का अहम हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि नई भर्ती न केवल बड़े आयोजन में सुरक्षा बढ़ाएगी, बल्कि जवानों को बेहतर सुविधाएँ और कर्तव्य में उत्कृष्टता की प्रेरणा भी मिलेगी।
इसके अलावा, उन्होंने आदिवासी समुदायों – बेगा, सहरिया और भारिया के लिए विशेष बटालियन बनाने की घोषणा की। इस पहल से इन जनजातियों को सम्मानजनक रोजगार मिलेगा और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री अदम्य साहस पुरस्कार भी घोषित किया। इसके अंतर्गत हर साल 10 होमगार्ड टीमों को 51-51 हजार रुपये दिए जाएंगे, जो साहस और उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित की जाएँगी। इस पुरस्कार से जवानों को अपने कर्तव्य के प्रति और समर्पित होने की प्रेरणा मिलेगी।
साथ ही, CM ने अनुकंपा अनुदान में वृद्धि की घोषणा की। इसके तहत ड्यूटी के दौरान घायल या प्रभावित जवानों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। सुरक्षा और कल्याण को ध्यान में रखते हुए सरकार होमगार्ड जवानों के लिए स्थायी आवास योजना भी लागू कर रही है।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए हर देवालय में होमगार्ड तैनात करने की भी घोषणा की गई है। इसके अलावा, दो महीने के सेवा बाध्यकाल को समाप्त कर जवानों को सेवा में अधिक लचीलापन और सुविधा दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल होमगार्ड संगठन को आधुनिक, सक्षम और प्रेरित बनाएगी। सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन में सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने में यह कदम निर्णायक साबित होगा।





