इंदौर: पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। राज्य में टीएमसी नेता हुमायूं कबीर के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मीडिया से बातचीत के दौरान विजयवर्गीय ने कबीर को कठघरे में खड़ा किया साथ ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा को लेकर राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों पर भी तंज कस दिया।
TMC नेता हुमायूं कबीर पर निशाना साधते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि कबीर कभी भारतीय जनता पार्टी का हिस्सा थे और खुद उन्होंने ही उन्हें चुनाव मैदान में उतारा था। लेकिन टीएमसी में शामिल होने के बाद वे अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए ऐसे बयान और हरकतें कर रहे हैं, जिनका कोई तुक नहीं बनता। विजयवर्गीय ने कहा कि कबीर का बाबरी मस्जिद से कोई भावनात्मक जुड़ाव नहीं रहा है, और वे अब सिर्फ टीएमसी नेतृत्व और अपने समुदाय के भीतर अपनी विश्वसनीयता दिखाने की कोशिश में अनावश्यक हरकत कर रहे है।
हुमायूं कबीर की हरकतों से टीएमसी नेता असहज
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि टीएमसी के कई नेता भी कबीर की गतिविधियों से असहज हैं। वहीं मुस्लिम संगठनों में भी उनके बयानों को लेकर विरोध दर्ज कराया गया है। दरअसल, तृणमूल कांग्रेस से निकाले गए विधायक हुमायूं कबीर ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ के नाम पर एक मस्जिद की नींव रखी ।
विजयवर्गीय का व्यंग, शायन पुतिन ने राहुल को पहचान लिया होगा
इस दौरान विजयवर्गीय से राहुल गांधी के उस बयान पर भी सवाल पूछा गया, जिसमें कांग्रेस नेता ने कहा था कि पुतिन की भारत यात्रा के दौरान विपक्ष के नेता के रूप में उन्हें रूस के राष्ट्रपति से मिलने का मौका नहीं दिया गया। इस पर विजयवर्गीय ने कहा कि किससे मिलना है यह पुतिन स्वयं तय करते हैं, और यदि उन्हें राहुल गांधी में रुचि होती तो सरकार औपचारिक मुलाकात की व्यवस्था जरूर करती। उन्होंने व्यंग्यपूर्ण लहजे में कहा कि संभवतः पुतिन ने राहुल गांधी को पहचान लिया होगा, इसलिए मुलाकात की इच्छा प्रकट नहीं की।





