बहराइच हिंसा केस में सरफराज को मौत की सजा सुनाई गई. साउथ अफ्रीका ने दूसरे टी-20 में भारत को 51 रन से हरा दिया. PM मोदी और ट्रंप ने ट्रेड और रणनीतिक साझेदारी पर बात की. बांग्लादेश में 12 फरवरी को चुनाव होना है
आज के प्रमुख इवेंट्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूपी के NDA सांसदों से मुलाकात करेंगे. ये मुलाकात संसद भवन में होगी.
उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ बाराबंकी जिले के दौलतपुर गांव में पद्मश्री किसान राम सरन वर्मा के खेत पर रबी सीजन की किसान पाठशाला का उद्घाटन करेंगे.
राजस्थान सरकार स्टार्टअप सम्मेलन आयोजित करेगी. इस इनोवेशन डे स्टार्टअप्स कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 333 चुने हुए स्टार्टअप्स को 10.79 करोड़ रुपए की फंडिंग देंगे.
एविएशन वॉचडॉग DGCA ने इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स को उड़ानों में चल रही गड़बड़ियों के कारण पेश होने को कहा है.
अब देश-दुनिया की 5 बड़ी खबरें
UP: बहराइच हिंसा के दोषी सरफराज को फांसी की सजा, 9 को उम्रकैद
उत्तर प्रदेश के बहराइच में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान 13 अक्टूबर 2024 को हुई सांप्रदायिक हिंसा हुई थी. डीजे पर बजते गाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था. पथराव और फायरिंग में राम गोपाल मिश्रा को गोली लगी और उनकी मौत हो गई. हत्या मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया. अपर सत्र न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा ने आरोपी सरफराज को फांसी और 9 दोषियों को उम्रकैद की सजा दी. कुल 13 आरोपियों में से 10 दोषी पाए गए, जबकि 3 बरी हुए. मुकदमे का ट्रायल सिर्फ 13 महीने 26 दिन में पूरा हुआ.

बता दें कि कोर्ट ने 9 दिसंबर को 13 आरोपियों में से 10 को दोषी ठहराया था, जबकि तीन को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था. दोषी ठहराए गए आरोपी अब्दुल हमीद, उसके बेटे फहीम, सरफराज, तालिब, सैफ, जावेद, जीशान, ननकऊ, शोएब और मारुफ हैं. इनमें से सरफराज को फांसी की सजा मिली है. शासकीय अधिवक्ता प्रमोद सिंह ने बताया कि महज 13 महीने 26 दिन में ट्रायल पूरा होकर फैसला आया, जो तेज न्याय का उदाहरण है.
ट्रायल के दौरान पेश हुए थे 12 गवाह
घटना महसी थाना क्षेत्र के महराजगंज में हुई थी, जहां डीजे पर बजते गाने को लेकर विवाद शुरू हुआ. पथराव और फायरिंग में राम गोपाल मिश्रा को गोली लगी और उनकी मौत हो गई. पुलिस ने 11 जनवरी 2025 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, 18 फरवरी को दोषियों पर आरोप तय हुए. 12 गवाहों की गवाही के बाद 21 नवंबर को फैसला सुरक्षित रखा लिया गया.
आरोपियों पर लगी थी यें धाराएं
आरोपियों पर BNS की धारा 103(2) (मॉब लिंचिंग में हत्या) लगी है, जिसमें फांसी या आजीवन कारावास का प्रावधान है. अन्य धाराएं 191(2), 191(3), 190, 109(2), 249, 61(2) और आर्म्स एक्ट की धारा 30 हैं, जिनमें 2 से 5 वर्ष तक की सजा या मौत की सजा तक हो सकती है.
इन आरोपियों को कोर्ट ने बरी किया था
9 दिसंबर को जब कोर्ट ने तीन आरोपियों को बरी कर दिया था, तब राम गोपाल मिश्रा की पत्नी रोली मिश्रा ने कहा था कि, “मेरे पति के हत्यारों को फांसी दो, तभी न्याय मिलेगा. बरी किए गए तीन भी दोषी हैं, उन्हें भी सजा मिलनी चाहिए.” परिवार ने सभी दोषियों को मौत की सजा की मांग की है. बरी हुए खुर्शीद, शकील और अफजल हैं. मामले में रासुका भी लगाई गई थी. प्रशासन ने इलाके में भारी फोर्स तैनात की है, ताकि सांप्रदायिक सद्भाव बना रहे. CM योगी आदित्यनाथ ने पहले ही सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था.
टी-20: साउथ अफ्रीका ने भारत को 51 रन से हराया, सीरीज 1-1 से बराबर
दूसरे टी-20 में साउथ अफ्रीका ने 51 रन से भारत को हरा दिया. टीम इंडिया की पूरी पारी 19.1 ओवर में सिर्फ 162 रन पर सिमट गई. इससे 5 मैचों की सीरीज 1-1 की बराबरी पर आ गई है. तीसरा मैच 14 दिसंबर को धर्मशाला में खेला जाएगा. साउथ अफ्रीका ने क्विंटन डी कॉक (90) की दमदार पारी से 213 रन बनाए. शुभमन गिल जीरो, अभिषेक शर्मा 17 और कप्तान सूर्यकुमार यादव 5 रन बनाकर आउट हुए. अर्शदीप और बुमराह महंगे साबित हुए. अक्षर पटेल और हार्दिक ने कोशिश की, लेकिन लगातार विकेट गिरने से टीम मैच नहीं बचा सकी.

भारत के सभी स्टार खिलाड़ी फेल
बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी दोनों मोर्चों पर टीम इंडिया बुरी तरह फेल साबित हुई. गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह ने मिलकर 8 ओवर में 99 रन लुटा दिए. वरुण चक्रवर्ती को छोड़कर सभी गेंदबाज बेहद महंगे साबित हुए. शर्मनाक बात तो ये है कि टीम इंडिया के गेंदबाजों ने 22 रन एक्स्ट्रा दिए, जिसमें 16 वाइड शामिल हैं.
गेंदबाजों के बाद बल्लेबाजों ने फेल होने में कोई कसर नहीं छोड़ी. शुभमन गिल पहली गेंद पर आउट हो गए. उपकप्तान के गोल्डन डक पर आउट होने के बाद अभिषेक शर्मा 17 रन पर निपट गए. कप्तान सूर्यकुमार यादव 5 ही रन बना पाए. पिछले मैच के हीरो हार्दिक पंड्या 23 गेंदों में 20 ही रन बना सके. तिलक वर्मा ने 62 रन बनाए, उनके अलावा कोई बल्लेबाज नहीं चला. अक्षर पटेल ने 21 गेंदों पर 21 रन बनाए.
साउथ अफ्रीका की जीत के हीरो
साउथ अफ्रीका की जीत के हीरो क्विंटन डिकॉक और बार्टमैन रहे. डिकॉक ने महज 46 गेंदों में 90 रनों की पारी खेली. तेज गेंदबाज बार्टमैन ने 4 विकेट झटके. सिपामला, एन्गिडी, यानसेन ने 2-2 विकेट हासिल किए.
गौतम गंभीर की रणनीति पर सवाल
इस मुकाबले में खिलाड़ियों ने तो खराब प्रदर्शन किया ही लेकिन हेड कोच गौतम गंभीर की रणनीति भी समझ से परे नजर आई. इस मुकाबले में अक्षर पटेल को नंबर 3 पर भेज दिया गया जबकि टीम में तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव जैसे बल्लेबाज भी थे. अक्षर पटेल ने 21 गेंदों में 21 ही रन बनाए और वहां से टीम इंडिया के लिए मैच जीतना मुश्किल हो गया. अब देखना ये है कि तीसरे टी20 में भारतीय टीम कैसे वापसी करती है.
मोदी-ट्रंप की फोन पर बातचीत, ट्रेड डील और रणनीतिक साझेदारी पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की. इस दौरान भारत-अमेरिका ट्रेड डील और रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की. दोनों नेताओं ने व्यापार, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. बातचीत का मुख्य फोकस COMPACT ढांचे को मजबूत करना रहा. यह वार्ता ऐसे समय हुई है जब हाल ही में रूसी राष्ट्रपति पुतिन भारत दौरे पर आए थे.

इसके अलावा उन्होंने नई तकनीक, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की. ये सभी प्रयास भारत-अमेरिका COMPACT समझौते को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे हैं, ताकि 21वीं सदी में दोनों देशों की साझेदारी और आगे बढ़ सके. यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब 6 दिन पहले ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत दौरा कर चुके हैं. PM मोदी ने दिल्ली में उनके साथ बैठक की थी.
PM मोदी ने बातचीत के बाद X पर इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप से मेरी बहुत गर्मजोशी भरी और अच्छी बातचीत हुई. हमने भारत-अमेरिका रिश्तों में हुई प्रगति की समीक्षा की और क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की. भारत और अमेरिका आगे भी मिलकर वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए काम करते रहेंगे.’
वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी बात हुई
बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने कई वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार साझा किए. उन्होंने सहमति जताई कि दोनों देश मिलकर साझा चुनौतियों का सामना करेंगे और एक-दूसरे के हितों को आगे बढ़ाएंगे. मोदी और ट्रंप ने कहा कि वे नियमित रूप से संपर्क में बने रहेंगे.
मोदी-पुतिन की तस्वीर पर अमेरिकी संसद में चर्चा
रूसी राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा के दौरान, PM मोदी और पुतिन की कार वाली तस्वीर अमेरिकी संसद में चर्चा का विषय रही. डेमोक्रेट्स सांसद कामलागर-डोव ने तस्वीर की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘यह पोस्टर हजार शब्दों के बराबर है.’
इसके बाद उन्होंने ट्रंप प्रशासन की भारत के प्रति विदेश नीति की कड़ी आलोचना की. कामलागर ने कहा कि भारत, अमेरिका का मजबूत सहयोगी रहा है, लेकिन ट्रंप की टैरिफ नीति ने भारत को मॉस्को की तरफ धकेल दिया है. पुतिन का हालिया दौरा इसका सबसे बड़ा उदाहरण है.
बांग्लादेश चुनाव 12 फरवरी को, हसीना की अवामी लीग इलेक्शन नहीं लड़ पाएगी
बांग्लादेश में 13वां संसदीय चुनाव 12 फरवरी 2026 को होगा. मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने बताया कि मतदान सुबह 7:30 से शाम 4:30 बजे तक चलेगा. उसी दिन जुलाई चार्टर पर जनमत संग्रह भी होगा, इसलिए वोटिंग समय एक घंटे बढ़ाया गया है. शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पहले से लगे प्रतिबंध के कारण चुनाव में भाग नहीं ले सकेगी. जुलाई चार्टर संवैधानिक सुधार से जुड़ा एक दस्तावेज है, जिसका मकसद देश की राजनीति और शासन-व्यवस्था में बदलाव करना है.

शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग इस चुनाव में शामिल नहीं हो पाएगी, क्योंकि उस पर पहले ही बैन लगाया जा चुका है. जुलाई चार्टर को लागू करने के लिए 12 फरवरी को जनमत संग्रह भी होगा. जुलाई चार्टर संवैधानिक सुधार से जुड़ा एक दस्तावेज है, जिसका मकसद देश की राजनीति और शासन-व्यवस्था में बदलाव करना है.
चुनाव का पूरा शेड्यूल यहां देखिए…
- 29 दिसंबर तक उम्मीदवार नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे.
- 30 दिसंबर से 4 जनवरी तक नामांकन पत्रों की जांच होगी.
- 4 जनवरी तक नामांकन पत्रों का चयन किया जाएगा.
- 18 जनवरी तक अपील निपटारे का कार्यक्रम प्रस्तावित है.
- उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि 20 जनवरी है.
- 21 जनवरी को चुनाव आयोग सिंबल आवंटन करेगा.
- 12 फरवरी को मतदान प्रस्तावित है.
करीब 13 लाख वोटर्स डालेंगे वोट
चुनाव आयोग के मुताबिक, इस बार 12.8 करोड़ वोटर्स सरकार चुनने के लिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. इनमें 6.48 करोड़ पुरुष और 6.28 करोड़ महिला वोटर्स शामिल हैं. आचार सहिंता को बरकरार रखने के लिए हर जिले में 2 डीसी (कलेक्टर) की तैनाती की जाएगी. 30 हजार NRB (नॉन रेजिडेंट बांग्लादेशी) वोटर्स भी चुनाव में वोट डाल सकेंगे.
संसदीय चुनाव का मतपत्र सफेद होगा और जनमत संग्रह का मतपत्र गुलाबी होगा. चुनाव आयोग के मुताबिक, इस बार 56 पार्टियां चुनाव में शामिल होने के लिए तैयार है. जानकारों का कहना है कि मुख्य मुकाबला BNP (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी), जमात-ए-इस्लामी और नवगठित NCP (नेशनल सिटिजन पार्टी) के बीच है.
बांग्लादेश में हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद शेख हसीना को 5 अगस्त 2024 को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था. इसके बाद से वहां मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन किया गया. हसीना फिलहाल भारत में हैं.

कन्नड़ अभिनेता दर्शन थूगुदीपा की नई फिल्म द डेविल रिलीज होने पर बेंगलुरु के थिएटरों में उनके फैंस ने जोरदार जश्न मनाया. ढोल-नगाड़ों और पोस्टरों के साथ आतिशबाजी की. गौर करने वाली बात है कि दर्शन इस समय रेनुकास्वामी मर्डर केस में बल्लारी सेंट्रल जेल में बंद हैं, फिर भी उनकी लोकप्रियता बरकरार है.
- भारत पर बढ़ा विदेशी कंपनियों का भरोसा, देश में आएगा 135 अरब डॉलर का निवेश
2025 में भारत को विदेशी कंपनियों से FDI वादों में जबरदस्त उछाल मिला है. टेक, सेमीकंडक्टर, ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज और ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों ने अब तक लगभग 135 अरब डॉलर निवेश का वादा किया है. कुछ सेक्टरों, खासकर ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स में निवेश शुरू भी हो चुका है. अनुमान है कि अगले पांच साल में हर साल करीब 27 अरब डॉलर का अतिरिक्त FDI आएगा, जो पिछले वर्ष मिले कुल 81 अरब डॉलर का लगभग एक-तिहाई है.

भारत में 2025 में विदेशी कंपनियों की ओर से किए जा रहे निवेश (FDI) के वादों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, टेक कंपनियों से लेकर सेमीकंडक्टर बनाने वाली कंपनियां, ऑटोमोबाइल कंपनियां, फाइनेंशियल सर्विसेज और ऊर्जा कंपनियां सब मिलकर अब तक कम से कम 135 अरब डॉलर का निवेश करने का वादा कर चुकी हैं.
इनमें से कुछ निवेश भारत में आना शुरू भी हो चुके हैं. खासकर वे सेक्टर जिनमें काम जल्दी होता है, जैसे ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, उनमें निवेश अगले कुछ महीनों में आ जाएगा. अगर इसे पांच साल की अवधि में देखें, तो हर साल करीब 27 अरब डॉलर का अतिरिक्त FDI आएगा. यह पिछले साल भारत में आए कुल 81 अरब डॉलर के करीब एक-तिहाई के बराबर है.
बड़ी कंपनियों ने दिखाया भारत पर भरोसा
सरकारी डेटा के मुताबिक, अप्रैल से सितंबर के बीच भारत में आए FDI में 16% की बढ़ोतरी हुई है, जो 50.4 अरब डॉलर तक पहुंच गई है. इसमें इक्विटी और दोबारा किया गया निवेश दोनों शामिल हैं. सरकारी अधिकारियों का मानना है कि पहली बार कुल FDI इस वित्त वर्ष में 100 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर सकता है. यह भरोसा इसलिए बढ़ा है क्योंकि Google, Microsoft और Amazon ने बहुत बड़े निवेश के ऐलान किए हैं. इन तीनों के मिलाकर निवेश की राशि अब 70 अरब डॉलर से भी ज्यादा हो गई है.
लाइन में हैं कई निवेश प्रस्ताव
टेक कंपनियों के अलावा, 750800 और निवेश प्रस्ताव भी लाइन में हैं, जिनकी कुल कीमत 65 अरब डॉलर से ज्यादा है. इनमें Foxconn, VinFast और Shell Energy जैसी कंपनियां शामिल हैं. यह बढ़ोतरी सरकार के लिए ऐसे समय में आई है जब विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भारतीय शेयर बाजार से भारी मात्रा में पैसा निकाल रहे हैं. कई विदेशी कंपनियों ने भारतीय कंपनियों के लिस्ट होने के बाद अपना हिस्सा बेच दिया और कई भारतीय कंपनियों ने विदेशों में काम बढ़ाया ताकि वे वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़ सकें.
इसी वजह से नेट FDI पर दबाव रहा
इस साल अप्रैल से सितंबर के बीच नेट FDI लगभग 7.6 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले साल यही आंकड़ा 3.4 अरब डॉलर था. पूरे 202425 में नेट FDI 1 अरब डॉलर से भी कम था, क्योंकि लगभग 50 अरब डॉलर का पैसा विदेशी निवेशकों ने वापस ले लिया था. जब विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भारतीय शेयरों से पैसा निकाल रहे हैं और रुपया भी कमजोर है, तब FDI भारत की अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने में मदद करेगा, क्योंकि यह लंबे समय तक रहता है और ज्यादा भरोसेमंद होता है. निवेश के पैटर्न से दिख रहा है कि टेक सेक्टर सबसे आगे है और सेमीकंडक्टर जैसे नए क्षेत्र भी तेजी पकड़ रहे हैं. लेकिन कुछ सेक्टर, जैसे ऑटोमोबाइल, में बड़े वैश्विक ब्रांड बाहर निकल चुके हैं जैसे Ford और GM.
5 राज्यों की 5 बड़ी खबरें
उत्तर प्रदेश: कौन होगा BJP का नया प्रदेश अध्यक्ष? 14 दिसंबर को लगेगी नाम पर मुहर.
उत्तर प्रदेश (यूपी) भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को जल्द ही नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने वाला है. पार्टी के संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह नियुक्ति बेहद अहम मानी जा रही है. प्रदेश संगठन चुनाव अधिकारी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने गुरुवार को बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के लिए नामांकन पत्र 13 दिसंबर (शुक्रवार) को दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक लखनऊ स्थित राज्य पार्टी मुख्यालय में जमा किए जाएंगे.

डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि नामांकन की पूरी प्रक्रिया पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक विनोद तावड़े की उपस्थिति में संपन्न होगी. इसके अगले दिन यानी 14 दिसंबर (शनिवार) को केंद्रीय मंत्री एवं मुख्य चुनाव अधिकारी पीयूष गोयल लखनऊ पहुंचेंगे और चुनाव प्रक्रिया को पूरा कराकर नए प्रदेश अध्यक्ष का औपचारिक निर्वाचन कराएंगे.
प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में ये नेता
सूत्रों के मुताबिक अभी तक कई वरिष्ठ नेता प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में माने जा रहे हैं. इनमें मौजूदा प्रदेश उपाध्यक्ष, कई पूर्व मंत्री, सांसद और विधायक शामिल हैं. हालांकि पार्टी की परंपरा के अनुसार आमतौर पर इस पद के लिए आम सहमति से ही नाम तय होता रहा है, इसलिए 13 दिसंबर को एक से अधिक नामांकन आने की संभावना कम ही है.
सामाजिक समीकरण को मजबूती
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नया प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी या अति-पिछड़ा वर्ग से हो सकता है, ताकि 2027 के रण में सामाजिक समीकरण को और मजबूती मिले. साथ ही केंद्र और प्रदेश नेतृत्व के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के लिए भी यह चयन महत्वपूर्ण होगा. फिलहाल पूरी पार्टी की निगाहें 14 दिसंबर पर टिकी हैं, जब पीयूष गोयल की मौजूदगी में यूपी बीजेपी के नए कप्तान का ऐलान होगा.
दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में अब 11 की जगह 13 जिले
देश की राजधानी दिल्ली में अब 11 की जगह 13 जिले हो गए हैं. दिल्ली में प्रशासनिक सुविधा और बेहतर गवर्नेंस के लिए यह बदलाव किया गया है. राजधानी में पहले 11 जिले थे. अब इनकी संख्या बढ़ा दी गई है. मुख्य सचिव राजीव वर्मा ने बुधवार को इस संबंध में आधिकार अधिसूचना जारी कर दी. दिल्ली सरकार के नए ऐलान के बाद से अब राजधानी का नक्शा बदल जाएगा.

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कुछ दिन पहले ही इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. इससे पहले नए जिलों का गठन दिल्ली नगर निगम (MCD) की वर्तमान सीमा रेखा के अनुसार किया गया है, ताकि स्थानीय निकाय और जिला प्रशासन के बीच तालमेल बेहतर हो सके. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि इससे शासन और अधिक सुचारू होगा. राजस्व जिलों और नगर निगम की सीमाएं अब एक जैसी होंगी.

दिल्ली सरकार ने 1 जिला किया खत्म
दिल्ली सरकार की तरफ से दी गई जानकारी में बताया गया है कि राजधानी में 11 जिले थे. इनके नाम सेंट्रल जिला, ईस्ट जिला, नई दिल्ली, नॉर्थ दिल्ली, नॉर्थ ईस्ट, नॉर्थ वेस्ट, शाहदरा, साउथ दिल्ली, साउथ ईस्ट, साउथ वेस्ट और वेस्ट दिल्ली थे. इनमें से ही कुछ जिलों के क्षेत्र को काटकर 3 नए जिले बनाए गए हैं. जबकि पहले का एक जिला खत्म कर दिया गया है. दिल्ली सरकार का कहना है कि तीनों जिलों क्षेत्र एक तरह से बराबर ही बांटा गया है.
राजधानी के सभी 13 जिलों के नाम
देश की राजधानी के तीन लए जिले ओल्ड दिल्ली, सेंट्रल नॉर्थ और आउटर दिल्ली होंगे. वहीं पुराने 11 नामों में से एक शाहदरा को हटा दिया गया है. इस तरह कुल 13 जिलों के नाम हैं- साउथ ईस्ट, ओल्ड दिल्ली, नॉर्थ, न्यू दिल्ली, सेंट्रल, सेंट्रल नॉर्थ, साउथ वेस्ट, आउटर नॉर्थ, नॉर्थ वेस्ट, नॉर्थ ईस्ट, ईस्ट, साउथ और वेस्ट हैं.
बिहार: कहां तक पहुंचा ‘राम जानकी पथ’ का काम? सीतामढ़ी से अयोध्या तक बन रहा.
‘राम जानकी पथ’ उत्तर प्रदेश के अयोध्या से बिहार के सीतामढ़ी (जो माता सीता का जन्मस्थान है) को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-227A) है. इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिहार में काम भी शुरू हो चुका है. इसका उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना, कनेक्टिविटी सुधारना और भारत-नेपाल सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना है. यह मार्ग श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या और जनकपुर (नेपाल) के बीच यात्रा को आसान बनाएगा.

त्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल को जोड़ने वाले ‘राम जानकी पथ’ के कार्य की शुरुआत जुलाई महीने में हुई थी. अब यह कार्य लगातार प्रगति पर है. दो राज्यों और एक देश को जोड़ने वाले इस प्रोजेक्ट में कई चरणों में काम चल रहा है. जानकारी के अनुसार, ‘राम जानकी पथ’ पर सिवान और मशरख प्रखंड से काम शुरू हो चुका है. जिन लोगों की जमीनों का अधिग्रहण किया गया है, उनको मुआवजा दिया जा रहा है.
1 करोड़ रुपए किसानों को मुआवजा मिला
सिवान जिले के मेहरौना से सारण के मशरख और चकिया जैसे दूसरे प्रखंड के लिए भी टेंडर प्रक्रिया और एलाइनमेंट को मंजूरी मिल चुकी है. यह प्रोजेक्ट धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है. सिवान और मशरख प्रखंड पर लगभग 11 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान भूमि अधिग्रहण को लेकर के किसानों के बीच में किया जा चुका है
3 साल में प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य
बता दें कि यह प्रोजेक्ट करीब 250 किलोमीटर लंबा है. इसे तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है. इस पूरे प्रोजेक्ट में करीब 6000 करोड़ रुपए की लागत आएगी. सिवान से मशरख तक की कुल 50 किलोमीटर की लंबाई में फोरलेन का निर्माण होगा. इस खंड पर करीब 1000 करोड़ रुपए की राशि खर्च होने का अनुमान है. इस खंड पर आठ मौजा में से चार मौजा में ट्रेंच कटिंग कर करके दाखिल खारिज नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को सौंप दिया गया है.
सारण के इन गांवों की जमीन की का अधिग्रहण
वहीं सारण के मशरख प्रखंड में जिन गांवों की जमीनों को इस परियोजना में अधिग्रहण करने के लिए चिन्हित किया गया है, उनमें चैनपुर, किशनपुरा, मठिया, देवरिया, दमदमा, दुर्गौली, बहरौली और बनसोही गांव शामिल हैं. मशरख के पांच किलोमीटर की दूरी में सड़क गुजरेगी. इस अहम प्रोजेक्ट के लिए आठ गांव की 23 एकड़ की जमीन को अधिग्रहण किया जाना है, जो की प्रगति पर है.
‘राम जानकी पथ’ सिवान से मसरख, चकिया, शिवहर जिला से होते हुए सीतामढ़ी जिले के बेटा मोड तक जाएगा, जबकि गोपालगंज जिले की हमीदपुर पंचायत, राजा पट्टी, डुमर्सन, गोलंबर और 70 घाट होते हुए भी इस मार्ग को ले जाने का नक्शा प्रस्तावित है. इस मार्ग के बन जाने से बिहार के साथ उत्तर प्रदेश और नेपाल के धार्मिक स्थल राम जन्मभूमि अयोध्या और माता सीता की जन्मस्थली जनकपुर तक श्रद्धालुओं के लिए यात्रा सुविधाजनक हो जाएगी.
इस एक्सप्रेस-वे के बनने से टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा!
इस मार्ग के निर्माण से इस क्षेत्र में पर्यटन और विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी और अर्थव्यवस्था में भी काफी सुधार हो सकता है. इससे पहले संसद में सड़क परिवहन मंत्रालय के द्वारा इसी साल दी गई जानकारी के अनुसार, ‘राम जानकी पथ’ को लेकर केंद्र सरकार नेशनल हाईवे बनाने का ऐलान पहले ही कर चुकी है. यह पूरा प्रोजेक्ट दो-तीन चरणों में पूरा होगा.
मध्य प्रदेश:मोहन यादव के 2 साल किसान-महिला-युवा-आदिवासी, जानें 2 साल में किसके लिए कौन-सी योजना.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में डॉ. मोहन यादव ने 13 दिसम्बर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. शुक्रवार 12 दिसम्बर 2025 को उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण कर लेंगे. मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में म.प्र. ने पिछले दो वर्षों में विकास के हर क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की है. साथ ही उनके मार्गदर्शन में प्रदेश में विकास की गति तेज हुई है और विकास के संकेतकों में भी सकरात्मक सुधार हुआ है.

ऐतिहासिक निर्णयों और नीतियों से प्रदेश में परिवर्तन का नया दौर शुरू हुआ है. प्रधानमंत्री मोदी के विजन और विकसित भारत@2047 में मध्यप्रदेश अहम भूमिका निभा रहा है.
योजनाएं एवं महत्वपूर्ण निर्णय
किसानों के लिए भावान्तर योजना
विश्व विद्यालयों के कुलपति को कुलगुरू का सम्मानजनक नामकरण
पुलिस बैंड को प्रोमोट
खुले में मॉस के वितरण पर रोक
धार्मिक स्थल और अन्य स्थलों में निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग
परिवहन चेक पोस्ट बंद
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि
सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उचित उपचार दिलाने राहगीर योजना. सहायता करने वाले को 25 हजार रुपये एवं सर्टिफिकेट
परिवहन विभाग की सेवाओं को ऑनलाइन करने सारथी पोर्टल
हर किसान के खेत में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर किसानों को ऊर्जादाता बनाना
शौर्य संकल्प योजना में प्रदेश में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह के लिए अलग से बटालियन का गठन.
मध्यप्रदेश परिसीमन आयोग का गठन
सभी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना में अधिकतम 3900 रुपये प्रति हेक्टेयर अतिरिक्त सहायता राशि
कोदो, कूटकी खरीदी के लिए मूल्य निर्धारित
लाड़ली बहनों को दी जा रही राशि में वृद्धि. अब 1250 रुपये से बढ़ाकर प्रतिमाह 1500 रुपये लाड़ली बहनों को
मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति 2025 जारी
सीएम राइज स्कूल को सांदीपनि विद्यालयों के रूप में विकसित किया गया.
देहदान करने वालों को राजकीय सम्मान
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना.
भर्ती प्रक्रिया में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण
22 हजार पुलिस कर्मियों की नवीन नियुक्तियाँ
डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनू योजना, दुधारू पशुओं और डेयरी इकाई के लिए ऋण सहायता.
सिंहस्थ 2028 के लिए 5 हजार से अधिक होमगार्ड भर्ती
मुख्यमंत्री अदम साहसिक कार्य पुरस्कार, रेस्क्यू टीम को 51 हजार रुपये का पुरस्कार
गोकुल ग्राम और वृंदावन ग्राम योजना
जनवरी 2026 तक मध्यप्रदेश को नक्सल मुक्त बनाना
स्वास्थ्य संस्थानों में 46 हजार 491 नये पदों का सृजन
वीर शहीदों के परिजन की आर्थिक सहायता 50-50 प्रतिशत राशि पत्नी और माता-पिता को देना.
प्रदेश को गरीबी मुक्त बनाने गरीब कल्याण मिशन.
युवाओं की शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास के लिए स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन.
किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए मध्यप्रदेश कृषक कल्याण मिशन.
महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन.
50 जिला चिकित्सालयों में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधी केन्द्र और 800 आयुष आरोग्य मंदिर का संचालन प्रारंभ.
प्रोजेक्ट
पीएम मित्र पार्क
मुरैना में सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना-ग्रीन ऊर्जा उत्पादन एवं स्टोरेज की नई राह
मुहासा-बाबई प्रोजेक्ट
केन-बेतवा लिंक परियोजना को मंजूरी
पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी परियोजना को मंजूरी
ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना के लिए मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सरकार के बीच एमओयू
रायसेन जिले में रेल कोच निर्माण
उज्जैन में प्रदेश की पहली मेडिसिटी एवं शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय
रातापानी सैंचुरी टाइगर रिजर्व क्षेत्र घोषित.
पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा की शुरूआत
भोपाल-इंदौर को मेट्रोपालिटियन सिटी बनाना
5 नवीन एयरपोर्ट का संचालन शुरू
पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा एवं पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा का शुभारंभ
ओरछा में भव्य श्रीराम राजा लोक के निर्माण के साथ अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों पर लोक निर्माण.
इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट का शुभारंभ.
राज्य परिवहन निगम की पुनर्स्थापना और यात्री बसों का संचालन
नवाचार एवं अभिनव पहल
निवेश के लिए संभागीय स्तर पर इंडस्ट्री कॉन्क्लेव
सेक्टरवार इंडस्ट्री कॉन्क्लेव
दस्तावेजों के पंजीयन एवं ई-स्टाम्पिंग के लिए संपदा-2.0 का शुभारंभ
अवैध खनिज परिवहन नियंत्रण के लिए 41 ई चेकगेट की स्थापना. प्रदेश की सभी खादानों को किया जियो टैग.
राजस्व प्रकरणों के ऑनलाइन निराकरण के लिए साइबर तहसील व्यवस्था शुरू.
धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को उज्जैन स्थानान्तरित कर, सिंहस्थ मेला कार्यक्रम उज्जैन में संचालित करना.
श्रीकृष्ण लीलाओं से जुड़े सभी तीर्थ स्थलों को जोड़कर श्रीकृष्ण पाथेय निर्माण की कार्यवाही शुरू.श्रीकृष्ण पाथेय न्यास का गठन.
विक्रमोत्सव-2025 के तहत प्रदेश के प्रमुख शहरों व दिल्ली में सम्राट विक्रमादित्य महानाटय की प्रस्तुति
उज्जैन के डोंगला में वैद्यशाला और आधुनिक तारामंडल का उद्धाटन.
महापुरूषों के नाम पर राजधानी भोपाल के मुख्य मार्गों पर स्वागत द्वार निर्माण की पहल शुरू.
विश्व की पहली विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण कर स्थापना.
कूनो के बाद मंदसौर के गाँधी सागर में बनाया चीतों का नया घर.
इंदौर की हुकुमचंद मिल के 20 वर्षों से लंबित देनदारियों का संबंधितों को राज्य शासन की ओर से भुगतान किया गया, इसी क्रम में
ग्वालियर की जे.सी. मिल सहित प्रदेश की अन्य बंद पड़ी मिल्स के मजदूरों के हित में निर्णय.
प्रदेश के 19 धार्मिक नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में शराब विक्रय प्रतिबंध.
महाराष्ट्र: अन्ना हजारे लोकायुक्त कानून पर फिर करेंगे अनशन, CM को पत्र लिखकर दी चेतावनी.क्या अन्ना हजारे के सामने झुकेगी सरकार?
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे एक बार फिर अनशन करने जा रहे हैं. अन्ना हजारे ने इसके लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है. इससे पहले 2011 में अन्ना हजारे ने लोकायुक्त विधेयक को लेकर दिल्ली में यूपीए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. अन्ना हजारे को देशभर से व्यापक जनसमर्थन मिला. जिसके आगे सरकार को झुकना पड़ा.

वहीं अन्ना हजारे ने पत्र में लोकायुक्त विधेयक के क्रियान्वयन के लिए अनशन करने की चेतावनी दी गई है. उन्होंने पत्र में लिखा, ‘वह लोकायुक्त कानून के अमल के लिए फिर अनशन करने जा रहे हैं. वह 30 जनवरी 2026 से राळेगण सिद्धी स्थित यादव बाबा मंदिर में अनशन की शुरुआत करेंगे.’ माना जा रहा है कि अन्ना के इस अनशन को विपक्ष का भी समर्थन मिलेगा. अन्ना ने पत्र के जरिए महाराष्ट्र सरकार को चेतावनी देते हुए लिखा, ‘अगर इस कानून को अमल में नहीं लाया जाता है तो वह अनशन शुरू कर देंगे.’
विधानसभा और विधान परिषद में पारित हो चुका है विधेयक
अन्ना हजारे ने पत्र में लिखा, सरकार ने आश्वासन देने के बाद 28 दिसंबर 2022 को विधानसभा और 15 दिसंबर 2023 को विधान परिषद में लोकायुक्त विधेयक पारित होने के बाद बावजूद उसे अमल में नहीं लाया है. जबकि इस कानून को अमल में लाया जाना चाहिए था. अब विधेयक पारित हुए दो साल बीत चुके हैं, फिर भी इसे लागू नहीं किया गया है. सरकार के पीछे हटने के बाद ही उन्हें अनशन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है.
विधेयक को लेकर सरकार की नियत में खोट
अन्ना हजारे ने पत्र में आगे लिखा, लोकायुक्त विधेयक के क्रियान्वयन न होने से सरकार की इच्छा शक्ति नजर नहीं आती है. इस विधेयक को अमल में लाने के लिए अन्ना पूर्व में कई बार सरकार को इस बारे में कई पत्र लिख चुके हैं. इसके अलावा मौखिक रूप से भी सरकार को कई बार कह चुके हैं. अन्ना हजारे का आरोप है कि इस विधेयक को लेकर सरकार की नियत में खोट नजर रहा है. दोनों ही विधानसभा में विधेयक पारित होने के बाद उसे अमल में नहीं लाना दिखाता है कि सरकार इसे जानबूझकर देरी कर रही है. इसलिए अनशन करने को मजबूर होना पड़ रहा है.
अन्ना हजारे ने 2011 में हिला दी थी सरकार
अप्रैल 2011 में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने यूपीए सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मुद्दे पर किया था. उनकी मांग थी कि सरकार लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए एक कमेटी बनाए. सरकार ने उनकी मांग मानते हुए अनशन के पांचवें दिन, यानी 9 अप्रैल को इसके लिए अधिसूचना जारी की, जिसके बाद अन्ना ने एक छोटी बच्ची के हाथों नींबू पानी पीकर अपना अनशन तोड़ा.
अन्ना के दोबारा अनशन करने पर झुकी थी सरकार
अनशन खत्म करने के बाद उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि 15 अगस्त तक लोकपाल विधेयक पास नहीं किया जाता है, तो अगले दिन से वो एक बार फिर आंदोलन शुरू करेंगे. 15 अगस्त तक विधेयक पास नहीं हुआ और 16 अगस्त को अन्ना दोबारा अनशन पर बैठे. इसके बाद देशभर में अन्ना के समर्थन में आंदोलन शुरू हो गए. आखिरकार सरकार को आनन-फानन में इस बिल को लोकसभा में लाना पड़ा. लोकसभा में बिल पास होने के बाद अन्ना का आंदोलन खत्म हुआ.
अन्ना के आंदोलन से निकले नेता
अन्ना के आंदोलन को किरण बेदी, कुमार विश्वास, अनुपम खेर, जनरल वीके सिंह, योगेंद्र यादव जैसी हस्तियों ने समर्थन दिया. अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह, शाजिया इल्मी जैसे कई लोग इस आंदोलन के बाद हीरो बन गए. जबकि वीके सिंह और किरण बेदी को राजनीतिक लाभ मिला. अन्ना अपने आंदोलन को राजनीतिक लोगों से दूर रखते थे. अन्ना के साथ इस आंदोलन में शामिल कई लोग इसी आंदोलन से नेता बन गए. इन लोगों ने मिलकर आम आदमी पार्टी बनाई। केजरीवाल इसके संयोजक बने.





