मध्य प्रदेश के दतिया जिले के कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े चर्चा में हैं. वह एक जनसुनवाई के दौरान एक पटवारी पर भड़क गए. बसई कस्बे में जनसुनवाई के दौरान पटवारी सतेंद्र शर्मा को मौके पर सस्पेंड करने का आदेश देते हुए उन्होंने कहा कि नेताओं के लिए काम करने वाले कर्मचारी नहीं चाहिए. साथ ही जो भी यहां नया पटवारी पदस्थ होगा वह पूरी ईमानदारी से काम करे.
कलेक्टर वानखेड़े ने ग्रामीणों से पटवारी की शिकायत सुनने के बाद उसे सस्पेंड करने का निर्देश देने के साथ तहसीलदार को भी चेतावनी दी. आइए जानते हैं इस कड़क कलेक्टर के बारे में.
कौन हैं कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े?
दतिया के कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. वह चौथे प्रयास में यूपीएससी किए थे. जिसमें उनकी 132वीं रैंक थी. यहां तक पहुंचने की उनकी यात्रा काफी प्रेरक है. उन्होंने कई बार असफलता का स्वाद चखने के बाद मंजिल पाई थी.
स्वप्निल महाराष्ट्र के अमरावती जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने पहले इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. फिर करीब तीन साल तक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर जॉब की. लेकिन फिर उनका मन सिविल सेवा में जाने का हो गया. उन्हें सॉफ्टवेयर इंजीनियर जॉब से संतुष्ट नहीं थे.
चार अटेम्प्ट के बाद बने आईएएस
स्वप्निल को कई बार असफलता मिली. फिर उनके पिता ने समझाया कि असफलता का सामना भी पूरी जिम्मेदारी और शालीनता से करना चाहिए. साल 2013 में उनका सेलेक्शन असिस्टेंट कमांडेंट पद पर हुआ. इसके बाद तीसरे प्रयास में यूपीएससी क्रैक किया लेकिन रैंक थोड़ी अधिक होने के चलते इंडियन रेवन्यू सर्विस मिली और वह इनकम टैक्स में असिस्टेंट कमिश्नर बने. वह इतने भर से संतुष्ट नहीं हुए. चौथे प्रयास में अंतत: 132वीं रैंक के साथ वह आईएएस बनने में सफल रहे.





