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*चीन में सड़क किनारे रेहड़ी-पटरी की तरह लोग बेच रहे चांदी,इससे भारत सहित दुनियाभर के बाजारों पर क्‍या असर *

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भारत में चांदी का उत्‍पादन कम और डिमांड दुनिया में सबसे ज्‍यादा

 चांदी का नाम लेते ही भारतीय ग्राहकों की आंखों में चमक आ जाती है, लेकिन आजकल चांदी की चमक ने हमारी आंखों को चकाचौंध कर रखा है. 3 लाख के आंकड़े की तरफ बढ़ रही चांदी धीरे-धीरे छोटे ग्राहकों से दूर होती जा रही है. लेकिन, दूसरी तरफ पड़ोसी चीन में चांदी ऐसे बेची जा रही मानों सब्‍जी मंडी लगी हो. चीन के सबसे बड़े ज्‍वैलरी बाजार में सड़क किनारे रेहड़ी लगाकर लोग चांदी बेच रहे हैं. इसकी तस्‍वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही दुनियाभर से रिएक्‍शन आने शुरू हो गए. आखिर यह पूरा माजरा क्‍या है और चीन में चांदी की चकाचौंध इतनी ज्‍यादा कैसे फैली हुई है.

सोशल मीडिया पर यह तस्‍वीरें चीन के सबसे बडे़ ज्‍वैलरी मार्केट शुइबेई से पोस्‍ट की गई हैं. ट्विटर पर पोस्‍ट किए गए इस वीडियो में दिख रहा है कि बाजार में जमीन पर लोग 15 किलोग्राम वजनी चांदी के बड़े स्‍लैब खुले में बेच रहे हैं. यह चीन का सबसे बड़ा संगठित बाजार है, जहां खुदरा बाजार नहीं लगता बल्कि रोजाना टनों के हिसाब से चांदी की खरीद-बिक्री की जाती है. दुनियाभर में चांदी की कीमतें बढ़ रही हैं, लिहाजा चीन में भी जमकर चांदी की खरीदारी कर रहे हैं. माहौल ऐसा बन जा रहा जैसे कि सब्‍जी बाजार हो और लोग रेहड़ी-पटरी की तरह चांदी की खरीदारी करते दिख रहे हैं.

खास है चीन में बिक रही चांदी
चीन के इस ज्‍वैलरी बाजार में बिक रही चांदी कोई आम चांदी नहीं, बल्कि 15 किलोग्राम वजनी शंघाई गोल्‍ड एक्‍सचेंज के स्‍टैंडर्ड वाली चांदी है, जिसे ग्‍लोबल ट्रेड पैमाने पर मापा जा चुका है. यह स्‍टैंडर्ड शुद्धता और भरोसे का प्रतीक है. चीन का यह बाजार लुआहू जिले में स्थित है, जहां देशभरके ज्‍वैलरी विनिर्माता, होलसेल ट्रेडर्स और निवेशक भी यहां बड़ी मात्रा में चांदी-सोना खरीदने आते हैं. ऐसी एक ट्रेडिंग के दौरान 15 किलो वजन वाले स्‍लैब को किसी उपभोक्‍ता ने कैमरे में कैद किया है. यह चांदी 99.9 फीसदी शुद्धता वाली होती है, जिसका मतलब है कि इसे ग्‍लोबल स्‍टैंडर्ड के हिसाब से तैयार किया जाता है.
चीन से क्‍यों परेशान है दुनिया
चीन ने नए साल की शुरुआत यानी 1 जनवरी, 2026 से निर्यात पर सख्‍त पाबंदी लागू कर दी है. इसका मतलब है कि चीन से बाहर किसी व्‍यापारी को अपनी चांदी भेजनी है तो उसे पहले सरकार से अनुमति लेनी पड़ेगी. चीन के इस फैसले से दुनिया परेशान इसलिए है, क्‍योंकि आज ग्‍लोबल सिल्‍वर ट्रेड का करीब 70 फीसदी हिस्‍सा चीन के कंट्रोल में है. चीन फिलहाल चांदी का सबसे बड़ा उत्‍पादक देश है और जिस तरह दुनियाभर में इलेक्ट्रिक वाहन, एआई और रिन्‍यूवेबल एनर्जी पर जोर दिया जा रहा है, चांदी की डिमांड आने वाले समय में और भी ज्‍यादा बढ़ने वाली है.

Ramswaroop Mantri

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