अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

*नहीं मिली थलापति विजय की 500 करोड़ में बनी ‘जन नायकन’ को मंजूरी,अधर में लटकी रिलीज*

Share

सुपरस्टार थलापति विजय और बॉबी देओल की अपकमिंग पैन इंडिया फिल्म ‘जना नायकन’(जन नेता) की सेंसर सर्टिफिकेट प्रक्रिया में आखिरी समय पर बड़ी अड़चन आ गई है. फिल्म 9 जनवरी को रिलीज होनी है. रिलीज से पहले ही फिल्म को लेकर मद्रास हाईकोर्ट में बहस हुई. मामला यह है कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने अचानक फिल्म का सेंसर सर्टिफिकेट रोक दिया और इसे नए सिरे से बनी रिव्यू कमेटी के पास दोबारा जांच के लिए भेज दिया.

इससे पहले सेंसर बोर्ड की क्षेत्रीय समिति ने कुछ सीन हटाने और कुछ डायलॉग म्यूट करने के बाद फिल्म को यू/ए सर्टिफिकेट देने की सिफारिश की थी. अब रिव्यू कमेटी के पास दोबारा जांच के लिए भेजे जाने से इस फिल्म के रिलीज को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है. ‘जना नायकन’ का निर्देशन एच. विनोथ ने किया है और इसे केवीएन प्रोडक्शंस ने बनाया है. फिल्म में विजय के साथ पूजा हेगड़े और ममिता बैजू भी अहम भूमिकाओं में हैं. बताया जा रहा है कि यह फिल्म करीब 500 करोड़ रुपए में बनी है और इसे 22 देशों में चार भाषाओं में 5,000 से ज्यादा सिनेमाघरों में रिलीज करने की तैयारी है.

jana Nagayan Thalapathy

इस फिल्म को लेकर खास चर्चा इसलिए भी है क्योंकि इसे राजनीति में पूरी तरह उतरने से पहले विजय की आखिरी बड़ी फिल्म माना जा रहा है. कोर्ट में फिल्म निर्माताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सतीश परासरन और वकील विजयन सुब्रमणियन ने बताया कि सेंसर सर्टिफिकेट के लिए आवेदन 18 दिसंबर को किया गया था.

jana Nagayan Thalapathy

फिल्म देखने के बाद 22 दिसंबर को क्षेत्रीय सेंसर बोर्ड ने कुछ सीन हटाने और कुछ डायलॉग म्यूट करने के निर्देश दिए और यू/ए सर्टिफिकेट देने की सिफारिश की. निर्माताओं ने सेंसर बोर्ड के सभी निर्देशों को मानते हुए जरूरी बदलाव कर दिए, लेकिन जब सर्टिफिकेट मिलने की बारी आई तो केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की चेयरपर्सन ने ईमेल भेजकर बताया कि फिल्म के कुछ सीन और डायलॉग को लेकर शिकायत मिली है, इसलिए फिल्म को रिव्यू कमेटी के पास भेजा गया है.

jana Nagayan Thalapathy

मेकर्स ने इस फैसले को कोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई है और न ही कहीं सार्वजनिक रूप से दिखाई गई है, ऐसे में किसी तीसरे पक्ष की शिकायत का कोई आधार ही नहीं बनता. उन्होंने यह भी कहा कि जब सेंसर बोर्ड पहले ही यू/ए सर्टिफिकेट की सिफारिश कर चुका था तो चेयरपर्सन को अकेले यह फैसला लेने का अधिकार नहीं है.

jana Nagayan Thalapathy

मेकर्स के वकील ने दलील दी कि रिलीज से ठीक पहले सर्टिफिकेट रोकना मनमाना और गलत है, जिससे भारी आर्थिक नुकसान होगा और जिसकी भरपाई संभव नहीं है. उन्होंने कोर्ट से तुरंत सेंसर सर्टिफिकेट जारी करने का आदेश देने की मांग की.

jana Nagayan Thalapathy

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एआरएल सुंदरासन ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि कानून के सामने सभी फिल्में समान हैं, चाहे उनका बजट बड़ा हो या स्टार पावर ज्यादा. उन्होंने बताया कि फिल्म के कुछ सीन धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं, इसको लेकर शिकायतें मिली हैं. साथ ही फिल्म में सुरक्षा बलों के चिन्ह (इंसिग्निया) दिखाए गए हैं, जिसके लिए जरूरी अनुमति हो सकती है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने कानून के तहत ही कार्रवाई की है और उन्हें अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए समय चाहिए.

jana Nagayan Thalapathy

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से सवाल किया कि जब फिल्म को पहले ही यू/ए सर्टिफिकेट देने की सिफारिश हो चुकी थी, तो अचानक उसे रिव्यू के लिए क्यों भेजा गया, कौन-कौन से सीन हटाए गए, और जब फिल्म रिलीज ही नहीं हुई थी, तो शिकायत कैसे आ गई.

jana Nagayan Thalapathy

सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मद्रास हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है और कहा है कि ‘जना नायकन’ को सेंसर सर्टिफिकेट देने से जुड़ा फैसला 9 जनवरी को सुनाया जाएगा, उसी दिन जिस दिन फिल्म रिलीज होने वाली है. इस वजह से फिलहाल फिल्म की थिएटर रिलीज अधर में लटकी हुई है.

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें