मेट्रो परियोजना में बलि चढ़ाए जा रहे पेड़ों को बचाने के लिए दिए जा रहे धरने को दिया समर्थन।
रीगल तिराहा स्थित रानी सराय परिसर के पेड़ बचाने हेतु 21 दिनों से धरने पर बैठे हैं जनहित पार्टी के कार्यकर्ता और पर्यावरण प्रेमी।
लगभग ढाई सौ पेड़ हैं इस परिसर में।
हजारों पक्षियों का बसेरा है इन पेड़ों पर।
इंदौर : शहर के मध्य रीगल तिराहा स्थित रानी सराय परिसर में जनहित पार्टी के कार्यकर्ता और पर्यावरण प्रेमी बीते 21 दिनों से धरने पर बैठे हैं। वे मेट्रो परियोजना के तहत वहां लगे सैकड़ों पेड़ों को काटे जाने का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये पेड़ ऑक्सीजन के वाहक होने के साथ परिंदों के प्राकृतिक आश्रय स्थल हैं। उन्होंने “पेड़ बचाओ–इंदौर बचाओ” का नारा दिया है। सामाजिक संस्था अभ्यास मंडल के सदस्य और शुभचिंतक बुधवार को धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने पर्यावरण व हरियाली संरक्षण के लिए दिए जा रहे इस धरना आंदोलन का समर्थन किया।
अभ्यास मंडल के पदाधिकारी और सदस्यों ने स्पष्ट किया कि विकास पर्यावरण की कीमत पर नहीं होना चाहिए। पेड़ और पक्षी पर्यावरण के वाहक हैं, जिनका संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के लिए अनिवार्य है। उनका कहना था कि इंदौर की पहचान उसकी हरियाली और जैव विविधता से जुड़ी है।
अभ्यास मंडल ने उम्मीद जताई की जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए संबंधित एजेंसियां पर्यावरण-संवेदनशील निर्णय लेंगी और शहर की हरित धरोहर को बचाने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी। अभ्यास मंडल ने इस सिलसिले में निगमायुक्त को पत्र भेजकर रानी सराय परिसर के पेड़ और पक्षियों के आश्रय स्थल को बचाने के लिए उचित कदम उठाने का अनुरोध भी किया है।
धरने का समर्थन करने वालों का नेतृत्व डॉ. ओ पी जोशी, रामेश्वर गुप्ता, डॉ मालासिंह ठाकुर, वैशाली खरे आदि ने किया।




