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द लांसेट ग्लोबल हेल्थ’पत्रिका की रिपोर्ट में दावा:2030 तक निम्न, मध्यम आय वाले देशों में 2.26 करोड़ मौतें होंगी

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उच्च आय वाले राष्ट्रों द्वारा मानवीय एवं विकास सहायता राशि में कटौती के ‘‘भयावह’’ परिणाम हो सकते हैं और इसके चलते 2030 तक निम्न एवं मध्यम आय वाले देशों में 54 लाख बच्चों सहित 2.26 करोड़ लोगों की मौत हो सकती है। ‘द लांसेट ग्लोबल हेल्थ’ पत्रिका में प्रकाशित एक विश्लेषण में यह दावा किया गया है।

इन देशों से आती है सबसे ज्यादा सहायता

स्पेन के बार्सिलोना इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ (आईएसग्लोबल) के शोधार्थियों के अनुसार, 2023 में कुल 250 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की वित्तीय सहायता में से लगभग 70 प्रतिशत योगदान अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, जापान और ब्रिटेन से आया था। इस राशि को सरकारी विकास सहायता कहा जाता है,

2026 तक इतनी कटौती का अनुमान

शोधार्थियों के एक समूह ने कहा कि 2024 लगभग तीन दशकों में ऐसा पहला साल था, जब जापान को छोड़कर प्रमुख दानदाता देशों ने अपनी वित्तीय सहायता में कमी की तथा 2025 के लिए भी कटौती की योजना बनाई। शोधकर्ताओं ने कहा कि प्रारंभिक अनुमान प्रमुख दानदाता देशों द्वारा और भी कटौती किए जाने की ओर इशारा करते हैं और 2025 से 2026 तक इसमें कुल 11 प्रतिशत से अधिक की कमी किए जाने का अनुमान है।

इन कामों में लगता है पैसा

अध्ययन में पाया गया कि अधिक मात्रा में वित्तीय सहायता सभी कारणों से होने वाली मृत्यु की दर में 23 प्रतिशत और पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में 39 प्रतिशत की कमी से जुड़ी हुई है। उच्च आय वाले देशों से मिलने वाली धनराशि एचआईवी/एड्स, मलेरिया और उष्णकटिबंधीय रोगों सहित प्रमुख संक्रामक रोगों से संबंधित मृत्यु दर में भारी गिरावट तथा तपेदिक, दस्त संबंधी रोगों और प्रसव के दौरान होने वाली मौतों में कमी से भी जुड़ी हुई है।

मृत्यु दर को कम करने में निभाई बड़ी भूमिका

शोधकर्ताओं ने लिखा कि पिछले दो दशकों में निम्न और मध्यम आय वाले देशों में टाली जा सकने वाली मृत्यु दर को कम करने में सरकारी विकास सहायता (ओडीए) निधि ने निर्णायक भूमिका निभाई है, और इस सहायता राशि को अचानक रोके जाने से लाखों लोगों की मौत होने का खतरा है, जिससे वैश्विक स्वास्थ्य में दशकों में हासिल की गई प्रगति अत्यधिक प्रभावित होगी।

2030 तक होंगी मौतें

जुलाई 2025 में ‘द लांसेट’ पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में उल्लेख किया गया कि मानवीय और विकास सहायता के लिए दुनिया की सबसे बड़ी वित्त पोषण एजेंसी, यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएड) को भंग करने से 2030 तक दुनिया भर में 1.4 करोड़ टाली जा सकने वाली मौतें हो सकती हैं, जिनमें से एक तिहाई मौतें पांच साल से कम उम्र के बच्चों की हो सकती हैं।शोधकर्ताओं ने कहा कि हमारे अनुसार, अत्यधिक वित्तीय कटौती की स्थिति में 2030 तक सभी आयु वर्ग में 2.26 करोड़ मौतें होंगी जिनमें पांच साल से कम आयु के 54 लाख बच्चे भी शामिल हैं।

Ramswaroop Mantri

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