टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अपने आखिरी मैच में नेपाल ने एक यादगार जीत दर्ज कर ली. अपने पहले ही मैच में इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी गेंद पर दिल तोड़ने वाली हार झेलने के बाद नेपाल ने आखिरकार 7 विकेट से बेहतरीन जीत हासिल करते हुए टूर्नामेंट का अंत शानदार अंदाज में किया. तेज गेंदबाज सोमपाल कामी और बल्लेबाज दीपेंद्र सिंह ऐरी (50 नाबाद, 23 गेंद) की विस्फोटक अर्धशतक की मदद से नेपाल ने स्कॉटलैंड को हराया और इस तरह 12 साल के बाद टी20 वर्ल्ड कप में अपनी पहली जीत दर्ज की.
जोन्स की बेहतरीन पारी, कामी ने कराई वापसी
टूर्नामेंट में पहले ही इटली के खिलाफ जीत दर्ज कर चुकी स्कॉटलैंड ने इस मैच में दमदार शुरुआत की. पहले बैटिंग करते हुए उसके ओपनर माइकल जोंस ने सिर्फ 45 गेंदों में 71 रन की दमदार पारी खेली, जिसमें 8 चौके और 3 छक्के शामिल थे. मगर उनके अलावा बाकी बल्लेबाज ऐसा प्रदर्शन नहीं कर सके. जब तक जोंस क्रीज पर थे, तब तक स्कॉटलैंड 200 रन की ओर बढ़ती हुई दिख रही थी. मगर 16वें ओवर में उनका विकेट गिरने के बाद स्कॉटिश पारी लड़खड़ा गई. तेज गेंदबाज सोमपाल कामी (3/25) के दम पर नेपाल ने बेहतरीन वापसी करते हुए स्कॉटलैंड को 20 ओवर में सिर्फ 170 रन पर रोक दिया.
दीपेंद्र ऐरी की विस्फोटक फिफ्टी
नेपाल के लिए उसके ओपनर्स ने तेज शुरुआत की. कुशल भुर्तेल (43) और आसिफ शेख (33) की जोड़ी ने सिर्फ 5 ओवर में ही 50 रन तक पहुंचा दिया था. इस दौरान भुर्तेल ने एक ही ओवर में 3 छक्के भी जमाए. मगर पावरप्ले खत्म होते ही रफ्तार थम गई और विकेट भी गिरने लगे. स्पिनर माइकल लीस्क (3/30) इसकी वजह बने, जिन्होंने 98 रन तक नेपाल के 3 विकेट गिरा दिए, जबकि इस वक्त तक 13 ओवर भी हो गए थे.
यहां से नेपाल की वापसी मुश्किल लग रही थी लेकिन फिर एंट्री हुई दीपेंद्र सिंह ऐरी की. करीब ढाई साल पहले एशियन गेम्स में सिर्फ 9 गेंदों में वर्ल्ड रिकॉर्ड अर्धशतक जमाने वाले इस बल्लेबाज ने बाजी पलट दी. ऐरी ने लीस्क के ओवर में ही लगातार 2 छक्के जमा दिए. वहीं इसके बाद ब्रैड व्हील और ब्रैड करी के ओवर में भी इस बल्लेबाज ने 2 बाउंड्री बटोर ली. इस दौरान ऐरी ने सिर्फ 23 गेंदों में अर्धशतक भी पूरा किया.
12 साल बाद मिली पहली जीत
इसकी मदद से नेपाल को आखिरी 2 ओवर में सिर्फ 15 रन की जरूरत थी और यहां पर गुलशन झा (24 नाबाद) ने काम किया. 19वें ओवर की पहली गेंद पर छक्का जमाने के बाद गुलशन ने 20वें ओवर की दूसरी गेंद पर चौका जमाते हुए टीम को यादगार जीत दिलाई. इस जीत के साथ ही नेपाल ने 12 साल बाद पहली जीत दर्ज की. इससे पहले 2014 के वर्ल्ड कप में नेपाल ने हॉन्गकॉन्ग और अफगानिस्तान को हराया था. साथ ही इस नतीजे के साथ ग्रुप C की सभी टीम ने कम से कम एक जीत के साथ टूर्नामेंट का अंत किया.






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