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 खामेनेई के करीबी ने दिया ट्रंप को जवाब,यूएस से बातचीत से साफ इनकार

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पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के पांचवें दिन ईरानियों का रुख और भी कड़ा हो गया है. बुधवार को दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के वरिष्ठ सहयोगी मोहम्मद मुखबेर ने साफ किया कि ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत करने का कोई इरादा नहीं है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि ईरान युद्ध को जब तक जरूरी हो जारी रख सकता है. यानी साफ हो गया है कि ईरान अब पीछे हटने वाला नहीं है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कोर (IRGC) ने पहले कहा था कि उसने अमेरिका और इजराइल के ठिकानों पर हमलों की 17वीं लहर शुरू की है. IRGC की जमीनी सेना ने ईरान के खिलाफ इजराइल -अमेरिका के हमलों का जवाब 3 बड़े अभियानों से दिया.

अमेरिकी ठिकानों की ओर 230 से अधिक ड्रोन लॉन्च

बुधवार को ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के एक और चरण की घोषणा करते हुए , IRGC के जनसंपर्क विभाग ने कहा कि इजराइल – अमेरिका के संयुक्त हमलों के तुरंत बाद उसकी जमीनी सेना ने कब्जे वाले क्षेत्रों में लक्ष्यों और क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों की ओर 230 से अधिक हमलावर ड्रोन लॉन्च किए. IRGC ने बयान में कहा कि इरबिल और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर कई चरणों में दर्जनों ड्रोन दागना और उत्तरी इराक में कई आतंकवादी समूहों के मुख्यालयों को नष्ट करना, बाल-हत्यारे हमलावरों के खिलाफ IRGCके बहादुर सैनिकों की पहली कार्रवाई थी.

‘अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना आत्मरक्षा’

IRGC ने आगे दावा किया कि ईरान के जवाबी हमलों की एक नई लहर ने बहरीन में एक प्रमुख अमेरिकी हवाई अड्डे को पंगु बना दिया है, और हमलों में कमान केंद्र नष्ट हो गए हैं. IRGC के अनुसार युद्ध के पहले दो दिनों में ईरान के जवाबी हमलों में विभिन्न अमेरिकी ठिकानों पर तैनात 680 से अधिक सैनिक हताहत हुए है. ईरानी अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना वैध आत्मरक्षा है.

संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए,धिकारियों ने कहा कि कि ईरान को अमेरिका या इजराइल शासन द्वारा आक्रामक कृत्यों के खिलाफ खुद का बचाव करने का कानूनी अधिकार है.इसी बीच खब है कि फिलिस्तीन समर्थक हैक्टिविस्ट समूह हंडाला हैकिंग समूह, जो इजराइली संगठनों को निशाना बनाता है, उसने इजराइली राष्ट्रीय सुरक्षा अध्ययन संस्थान (INSS) में सेंध लगाने का दावा किया है. हंडाला ने दावा किया कि गोपनीय दस्तावेज, गोपनीय पत्राचार, गुप्त रिकॉर्डिंग और बेहद गुप्त बुलेटिन जल्द ही जारी किए जाएंगे.

Ramswaroop Mantri

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