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सौ साल में पहली बार संकट में भोपाल का इत्र कारोबार, खाड़ी देशों में एक्सपोर्ट ना होने से भारी नुकसान

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 ईरान-अमेरिका तनाव के कारण भोपाल का 100 साल पुराना इत्र कारोबार गहरे संकट में है। रमजान के दौरान होने वाला करोड़ों का निर्यात ठप हो गया है और व्यापारियों के लाखों के ऑर्डर कैंसिल हो गए हैं। जिसके चलते दुनिया के अधिकतर देश क्रूड ऑयल से लेकर व्यापार तक, हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने का असर झेल रहे हैं. इसमें भोपाल के प्रसिद्ध 100 साल पुराने इत्र बाजार शामिल भी है. व्यापारियों के अनुसार उनको 70 प्रतिशत तक घाटा हो रहा है. देखिए कैसे भोपाल के व्यापारियों पर इजरायल–ईरान युद्ध का असर देखने को मिल रहा है.

राजधानी का सदियों पुराना इत्र कारोबार इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल तनाव) में जारी युद्ध की वजह से भोपाल के इत्र की सप्लाई चेन पूरी तरह टूट गई है। रमजान के जिस महीने में व्यापारी 10 करोड़ रुपये से ज्यादा के कारोबार की उम्मीद लगाए बैठे थे, वहां अब लाखों रुपये के ऑर्डर कैंसिल हो रहे हैं।

100 साल में पहली बार हुआ ऐसा

भोपाल के कुल इत्र व्यापार का करीब 35% हिस्सा खाड़ी देशों को एक्सपोर्ट होता है, जो फिलहाल पूरी तरह ठप पड़ा है। 100 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा संकट आया है। राजधानी के पुराने व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसी मंदी कभी नहीं देखी। जहांगीराबाद और बैरागढ़ जैसे इलाकों में इत्र बनाने वाली यूनिट्स में माल भरा पड़ा है, लेकिन उसे बाहर भेजने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा। शिपमेंट रुकने से छोटे और मंझोले कारोबारियों की कमर टूट गई है।

भोपाल के इत्र बाजार में दिख रहा असर
दुनिया में अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ईरान से युद्ध भीषण रूप ले रहा है, जिसका असर भोपाल के फेमस इत्र बाजार में दिख रहा है. रमजान के महीने में भोपाल से बड़ी संख्या में इत्र का व्यापार खाड़ी देशों में और दुबई जैसे फेमस शहरों में होता है, लेकिन युद्ध के कारण बड़ा असर दिख रहा है.

युद्ध रुकने की उम्मीद पाले हैं भोपाल के कारोबारी
भोपाल की 100 साल पुरानी साजिद वाजिद परफ्यूम्स के नाम से जुमेराती गेट पर दुकान चलाने वाले सैय्यद साजिद अली बताते हैं कि रमजान के महीने में अच्छा कारोबार होता है लेकिन इस साल रमजान के शुरू होते ही युद्ध से हमारा कारोबार 70 प्रतिशत तक गिर गया है और सिर्फ 30 प्रतिशत व्यापार बचा है. वो आगे कहते हैं कि हमें उम्मीद है जल्द युद्ध रुकेगा

अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर व्यापारी ने दिया जवाब
इजरायल-ईरान युद्ध में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में जहां एक वर्ग जश्न मना रहा है, तो वहीं भारत और भोपाल में मुस्लिम समाज में गुस्सा है. इसको लेकर इत्र कारोबारी सैय्यद साजिद अली ने कहा कि ये तो आदमी के समझ की कमी है. दूसरों के दुखों और तकलीफों का अहसास होना चाहिए. वो आगे कहते हैं कि सारी दुनिया में अमन चैन और भाईचारा होना चाहिए.

युद्ध की वजह से भोपाल के इत्र के ऑर्डर हो रहे कम
भोपाल का इत्र बाजार अपने ट्रेडिशनल खुशबू और देसी अत्तर के लिए पूरे मध्य भारत में अपनी अलग पहचान रखता है. यहां कई दुकानें पीढ़ियों से चल रही हैं, जहां गुलाब, केवड़ा, ऊद और चंदन जैसे पारंपरिक इत्र तैयार किए जाते हैं, लेकिन व्यापारियों का कहना है कि इस युद्ध में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कच्चे माल की आपूर्ति पर दबाव बढ़ रहा है, जिसका असर हमें देखने को मिल रहा है और वहां से ऑर्डर भी कम हुए हैं. इसका असर भोपाल शहर के पुराने चौक और इतवारा इलाके में मौजूद करीब सौ साल पुरानी इत्र की दुकानों में व्यापारियों को अब अंतरराष्ट्रीय हालात का असर महसूस होने लगा है. भोपाल में इत्र के भाव की बात करें तो सबसे फेमस शान–ए–भोपाल जो गर्मियों में सबसे पसंद किया जाता है. उसका रेट 600 रुपए तोला चल रहा है.

एक्सपोर्ट पर ब्रेक: पश्चिम एशिया के देशों में खेप नहीं पहुंच पा रही है।
बढ़ी लागत: शिपिंग और लॉजिस्टिक्स का खर्च दोगुना हो गया है।
कैंसिल हुए ऑर्डर: प्रीमियम इत्र के बड़े ऑर्डर खरीदारों ने वापस ले लिए हैं।
घरेलू बाजार: रमजान की वजह से लोकल डिमांड तो है, लेकिन असली मुनाफा एक्सपोर्ट से ही आता था।

Ramswaroop Mantri

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