बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की एंट्री लेते अब एक नई बहस शुरू हो गई है. दरअसल निशांत कुमार की शैक्षणिक योग्यता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस ने दावा किया है कि निशांत कुमार ने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं है. वहीं उन्होंने निशांत की इंजीनियरिंग की डिग्री पर भी सवाल उठाया है.

बिहार की सियासत में एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर नई बहस शुरू हो गई है. कांग्रेस ने निशांत कुमार की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि उनके पास इंजीनियरिंग की कोई डिग्री नहीं है. कांग्रेस प्रवक्ता असितनाथ नाथ तिवारी ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार में निशांत कुमार को इंजीनियर बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि वास्तविकता कुछ और है. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि निशांत कुमार ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई जरूर शुरू की थी, लेकिन उन्होंने कोर्स पूरा नहीं किया.
असित नाथ तिवारी ने कहा, “मैं दावे और जिम्मेदारी के साथ कहता हूं कि निशांत कुमार के पास इंजीनियरिंग की डिग्री नहीं है. उन्होंने इंजीनियरिंग में एडमिशन जरूर लिया और कुछ समय तक पढ़ाई भी की, लेकिन उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी नहीं की.” कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बिहार में लगातार यह प्रचार किया जा रहा है कि निशांत कुमार इंजीनियर हैं, जबकि इस दावे की सच्चाई सामने आनी चाहिए. उनके मुताबिक, किसी व्यक्ति की शैक्षणिक योग्यता को लेकर गलत जानकारी देना ठीक नहीं है और इस पर स्पष्टता होनी चाहिए.
क्यों चर्चा में हैं निशांत कुमार?
उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास कोई डिग्री है तो उसे सार्वजनिक करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. ऐसे में इस मामले में भी पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि लोगों के बीच कोई भ्रम न रहे. बता दें, निशांत कुमार ने एक दिन पहले जेडीयू की सदस्यता ली है और सक्रिय रूप से राजनीति में आ गए हैं. वहीं नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाए जाने की भी चर्चा काफी तेज है. इसी बीच निशांत कुमार की शिक्षा और पृष्ठभूमि को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं.

क्या अब डिग्री पर शुरू होगा नया विवाद?
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति के बारे में सही जानकारी सामने आना जरूरी है. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता के सामने तथ्यों को स्पष्ट रखना राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है. हालांकि, कांग्रेस के इस दावे पर अभी तक जेडीयू या निशांत कुमार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. माना जा रहा है कि इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में निशांत कुमार की शिक्षा को लेकर नया विवाद खड़ा हो सकता है. बता दें कि निशांत कुमार आम तौर पर सार्वजनिक जीवन और राजनीति से दूर रहे हैं, लेकिन हाल के दिनों में उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं.






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