देश की सबसे बड़ी एयरलाइंस कंपनी इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने अपने पद सें इस्तीफा दे दिया है. नए सीईओ की नियुक्ति तक कंपनी के एमडी राहुल भाटिया अंतरिम तौर पर जिम्मेदारी संभालेंगे. कंपनी ने बताया कि पीटर का इस्तीफा 10 मार्च 2026 से प्रभावी हो गया है. कंपनी के बोर्ड ने पीटर एल्बर्स के योगदान के लिए उनका धन्यवाद किया और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं. इंडिगो ने कहा है कि नए सीईओ की नियुक्ति जल्द किए जाने की उम्मीद है. बोर्ड के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने कहा कि राहुल भाटिया कंपनी की कार्य संस्कृति को और मजबूत करेंगे और ग्राहकों को बेहतर सेवा देने की दिशा में काम जारी रखेंगे.पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड ने आज 10 मार्च को यह जानकारी दी। बता दें कि दिसंबर में एयरलाइन को एक बड़े संकट का सामना करना पड़ा था, जिसके चलते 2500 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हो गई थी। इस घटना के बाद अब कंपनी के CEO ने इस्तीफा दिया है।

इस अपडेट के बाद 11 मार्च को इंडिगो के शेयरों में हलचल दिख सकती है। इसके शेयरों में आज 3.46 फीसदी की तेजी देखी गई और यह स्टॉक BSE पर 4382.45 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुआ। कंपनी ने बताया है कि Pieter Elbers के जाने के बाद मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया ने अंतरिम तौर पर एयरलाइन का मैनेजमेंट संभाला है।
Pieter Elbers का कैसा रहा कार्यकाल
पीटर एल्बर्स ने सितंबर 2022 में IndiGo के सीईओ का पद संभाला था। उनके लगभग तीन साल के कार्यकाल में एयरलाइन ने कई बड़े लक्ष्य हासिल किए। कंपनी का रेवेन्यू 10 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया, फ्लीट बढ़कर 440 से ज्यादा एयरक्राफ्ट तक पहुंच गया और कंपनी ने एयरबस A320 फैमिली के 500 विमानों का ऐतिहासिक ऑर्डर भी दिया।
हालांकि इन उपलब्धियों के बावजूद उनका कार्यकाल पूरी तरह आसान नहीं रहा। दिसंबर 2025 में IndiGo को अपने इतिहास के सबसे बड़े फ्लाइट संकट का सामना करना पड़ा। यह संकट तब शुरू हुआ जब एयरलाइन पायलटों की थकान को रोकने के लिए बनाए गए नए नियमों को लागू करने में संघर्ष कर रही थी।
2500 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं
3 दिसंबर से 5 दिसंबर के बीच IndiGo को 2500 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और करीब 1900 उड़ानें देरी से चलीं। इस वजह से लगभग 3 लाख यात्रियों पर इसका असर पड़ा।
DGCA ने लगाया जुर्माना
इस मामले में विमानन नियामक DGCA ने IndiGo पर रिकॉर्ड 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया और सीधे सीईओ पीटर एल्बर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया। उस समय उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया था, लेकिन इस संकट ने समय पर उड़ान संचालन के लिए जानी जाने वाली IndiGo की प्रतिष्ठा को काफी नुकसान पहुंचाया।
राहुल भाटिया कंपनी के प्रमोटर्स में से एक हैं. इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोबल एविएशन है. इस कंपनी में सबसे ज्यादा 35.7 फीसदी हिस्सेदारी इंटरग्लोबल एंटरप्राइजेज की है. राहुल भाटिया इस कंपनी के मालिक हैं. कंपनी ने कहा है कि बहुत जल्द ही नया सीईओ नियुक्त कर दिया जाएगा.
पीटर एल्बर्स और इंडिगो का संकट
पीटर एल्बर्स को एविएशन इंडस्ट्री में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है. उन्होंने इंडिगो 2022 में जॉइन की. एल्बर्स ने कंपनी के अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर जोर दिया. जून 2023 में उनके नेतृत्व में इंडिगो ने 500 एयरबस A320 विमानों का दुनिया का सबसे बड़ा ऑर्डर देकर इतिहास रच दिया था. वह इंडिगो से पहले केएलएम के साथ थे जो नीदरलैंड्स की एयरलाइन कंपनी है. उस कंपनी में उन्होंने बहुत छोटे पद से शुरुआत करते हुए प्रेसिडेंट और फिर सीईओ तक का सफर तय किया. उन्हें विमानन उद्योग का संकटमोचक और एक रणनीतिकार माना जाता है, लेकिन इस बार उन्हीं की अगुआई में इंडिगो को बड़े संकट का सामना करना पड़ गया.
पिछले साल दिसंबर में इंडिगो ने हजारों उड़ानें रद्द की थी. 2 दिसंबर से शुरू होकर 10 दिनों में 5,000 से अधिक उड़ानें रद्द की गईं. इसके पीछे नवंबर में सरकार द्वारा पायलटों की ड्यूटी को लेकर लागू किए गए नियम थे. एयरलाइंस के पास पर्याप्त समय था कि वह पायलटों की संख्या को बढ़ाए लेकिन कंपनी ऐसा करने में असफल रही, जिसका असर दिसंबर में देखने को मिला. इससे इंडिगो की छवि को काफी नुकसान पहुंचा.






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