विधानसभा चुनाव में पराजय और उसके बाद टूट से उबरने की कोशिश कर रही लोजपा को एक और बड़ा झटका लगा है। निजी समाचार चैनल के मुताबिक एलजेपी के छह में से पांच सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर सदन में अलग गुट के रूप में मान्यता देने का आग्रह किया है। इन पांचों सांसदों का नेतृत्व रामविलास पासवान के छोटे भाई और हाजीपुर के सांसद पशुपति नाथ पारस कर रहे हैं। जाहिर तौर पर पार्टी सांसदों का यह कदम एलेजपी सुप्रीमो चिराग पासवान की उम्मीदों को बड़ा झटका दे सकता है। संस्थापक राम विलास पासवान की मौत के एक साल के भीतर ही पार्टी दो-फाड़ हो गई है। बताया जाता है कि चिराग पासवान से नाराज सांसद एवं उनके चचेरे भाई प्रिंस कुमार, चंदन कुमार, वीणा देवी और महबूब अली कैसर ने उनके चाचा पशुपति कुमार पारस को अपना नेता मान लिया है।
एलजेपी को बड़ा झटका, छह में से पांच सांसदों ने छोड़ा चिराग पासवान का साथ, अलग दल की मान्यता मांगी





