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फरियादी को आरोपी बनाने पर तुली पुलिस…एफआईआर में मुख्य शिकायतकर्ता का नाम नहीं

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इंदौर।अजय पौराणिक।फर्जी एडवायजरी कम्पनी संचालक की शिकायत का बीड़ा उठाने वाले पीड़ित व्यक्ति को फरियादियों में शामिल करने की बजाय पुलिस उसे ही संदिग्ध मानकर आरोपी बनाने का प्रयास कर रही है। इस मामले में ठगी के अन्य पीड़ितों ने आईजी हरिनारायणचारी मिश्रा से निष्पक्ष जांच की मांग की है।आईजी मिश्रा को दिए लिखित आवेदन में नरेंद्र जैन,मनोज जोशी, प्रशांत पाल व अजय सोनी ने विजय नगर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया है।

फरियादियों के मुताबिक 1 जून को फर्जी एडवायजरी कम्पनी संचालक पंकज खानचंदानी को निवेशकों को करोड़ों का चूना लगाने के आरोप में एसआईटी ने गिरफ्तार किया था व विजयनगर थाने को सौंपा था। आवेदक नरेंद्र जैन व मनोज जोशी ने बताया कि पिछले साल27 जून को कैपिटल शेयर रिसर्च का संचालक पंकज कई निवेशकों के करोड़ो रूपये शेयर मार्केट में निवेश करने के नाम पर लेकर फरार हो गया था।इस प्रकरण में सर्वप्रथम 25 अगस्त को ठगी का शिकार हुए अभय मुंगी ने तत्कालीन डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्रा से लिखित शिकायत की थी।शिकायत की विस्तृत जांच के बाद ही पंकज को इस साल 1 जून को गिरफ्तार किया गया।लेकिन पंकज के खिलाफ एफआईआर में मुख्य शिकायतकर्ता अभय मुंगी का नाम फरियादियों में शामिल नहीं किया गया है।यही नहीं आरोपी पंकज के दबाव में मुंगी को भी आरोपी बनाने की आशंका है जबकि पेशे से व्याख्याता मुंगी ने पंकज के फरार होने के बाद अपने वेतन में से व परिवार वालों से लेकर निवेशकों के पैसे लौटाए।आवेदकों ने यह भी बताया कि अपने बयानों में भी उन्होंने स्पष्ट कहा है कि सिर्फ पंकज ने ही छलपूर्वक निवेशकों से पैसा लेकर धोखाधड़ी की है और मुंगी   की सरलता व विश्वास का फायदा उठाकर लोगों से उनके जरिये निवेश करवाया है। 

अब जब मुंगी की शिकायत पर आरोपी पंकज पकड़ा गया है तो वह मुंगी को प्रकरण में आरोपी बनवाने के लिए पुलिस पर दबाव बना रहा है जबकि किसी भी पीड़ित निवेशक ने मुंगी के खिलाफ न तो कोई शिकायत की है और न ही उसे पंकज का साथी मानकर कोई आरोप लगाया है।  पंकज ने गिरफ्तारी वाले दिन विजय नगर थाने पर सबके सामने मुंगी को भी इस प्रकरण में उलझाने की धमकी दी थी व पुलिसकर्मियों पर अपनी वकील के माध्यम से दबाव बनवाया था।  सूत्रों के मुताबिक आरोपी पंकज ने अच्छाखासा पैसा भी बांटा है इसीलिए पुलिस ने मुख्य शिकायतकर्ता मुंगी का नाम एफआईआर में नहीं जोड़ा है।

Ramswaroop Mantri

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