आगरा
आगरा के कमलानगर में शनिवार को दिन के उजाले में साढ़े 8 करोड़ रुपए की लूट हो गई। हथियारों के साथ मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड के ऑफिस में घुसे 4 बदमाशों ने स्टाफ को बंधक बना लिया। बताया जा रहा है कि वे 17 किलो सोना और 5 लाख रुपए ले गए हैं। मैनेजर का कहना है कि लूट के दौरान बदमाशों ने कर्मचारियों से मारपीट भी की।
यह पूरी घटना महज 25 मिनट में हो गई। इस दौरान 2 बदमाश ऑफिस के बाहर खड़े रहे। लूट के बाद सभी अलग-अलग रास्तों पर भाग निकले। घटना के बाद पुलिस CCTV फुटेज की मदद से लुटेरों की पहचान में जुट गई। कुछ देर बाद 2 बदमाशों सहित रेकी करने वाले एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया।
कुछ देर बाद 2 बदमाश पकड़े गए
लूट के कुछ देर बाद ही एत्मादपुर क्षेत्र में पुलिस की 2 लुटेरों से मुठभेड़ हो गई। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें एक के पैर में गोली लगी है। गोली लगने के बाद बाइक गिरने से उसके पैर में फ्रैक्चर भी हुआ है। फिलहाल पुलिस दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
मेडिकल स्टोर के कर्मचारी ने रेकी की
लूट के वक्त ऑफिस के अंदर मौजूद एक संदिग्ध को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उसका नाम हर्ष बताया जा रहा है। हर्ष फाइनेंस कपंनी से करीब 200 मीटर दूर रहता है। वह कंपनी के ऑफिस के सामने मेडिकल स्टोर पर काम करता है।

लूट के बाद बदमाश बैग में सोना भरकर फरार हो गए। बदमाशों की तस्वीरें CCTV में कैद हो गई हैं।
ग्राहक बनकर ऑफिस में घुसे
बदमाशों की उम्र 22 से 26 साल के बीच है। वे स्थानीय भाषा बोल रहे थे। ग्राहक बनकर दो-दो बदमाश ऑफिस में घुसे थे। उन्होंने मैनेजर से गोल्ड लोन लेने की बात की और अचानक हथियार निकालकर मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद मैनेजर समेत चारों कर्मचारियों को केबिन में बंद किया। बाद में मैनेजर को ले जाकर स्ट्रांग रूम खुलवाया। बदमाश अपने साथ बैग लेकर आए थे। उन्हीं में सोना भरकर ले गए।
25 मिनट में हो गई लूट
बदमाश दोपहर 2.05 बजे ऑफिस में घुसे थे। इसके बाद 2.30 बजे पर बाहर निकल गए। वारदात के समय कंपनी में कोई ग्राहक नहीं था। अंदर 4 कर्मचारी थे। भागते समय बदमाश चैनल गेट बाहर से बंद कर गए। 2.48 बजे पुलिस को सूचना दी गई। इसके 5 मिनट बाद पहुंची पुलिस ने गेट खोला। वारदात के बाद सभी बदमाश पैदल ही अलग-अलग दिशाओं में भागे। एक बदमाश खाली हाथ था, जबकि तीन के पास बैग थे।
बदमाशों ने दुकानदार से पूछा सायरन तो नहीं बजा
किसी ग्राहक के अंदर मौजूद न होने से बदमाशों को लूट में कोई दिक्कत नहीं हुई। हालांकि भागते समय उन्होंने बगल के दुकानदार से पूछा कि कोई सायरन तो नहीं बजा। वारदात के बाद शहर की सीमाएं सील कर दी गई हैं। पुलिस का कहना है कि संस्थान में सिक्योरिटी का कोई इंतजाम नहीं था।
थाना प्रभारी नरेंद्र शर्मा ने बताया कि उन्होंने कंपनी को इल बारे में कई बार आगाह किया गया था। अलार्म भी कई बार बज चुका है इसलिए लोगों को ज्यादा शक नहीं हुआ।
घटना के बाद आगरा के बड़े अधिकारियों सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
पुलिस आसपास की दुकानों की CCTV फुटेज भी खंगाल रही है।
यूपी में अब तक की बड़ी लूट की वारदातें
- 27 जनवरी 2020 को शमसाबाद के मोहल्ला हरसहाय खिड़की में सराफ मुकेशल गुप्ता और उनकी पत्नी लता गुप्ता की हत्या कर 4 करोड़ 76 लाख की लूट की गई थी।
- 15 फरवरी 2015 को वेस्ट यूपी की सबसे बड़ी डकैती की वारदात सहारनपुर में हुई थी। जिसमें 8 बदमाशों ने दिनदहाड़े तनिष्क शोरूम में 10 करोड़ की ज्वैलरी लूट ली थी।





