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बढ़े बिजली बिल को लेकर ‘आप’ ने कंपनी दफ्तर को घेरा, धरने पर बैठे 5 दिन में समस्या हल नहीं तो उग्र आंदोलन

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इंदौर

बढ़े हुए बिजली बिल को लेकर आम आदमी पार्टी ने मैदान संभाल लिया है। इसी कड़ी में शनिवार को आप ने अलग-अलग जोन पर पहुंचकर उग्र प्रदर्शन किया। बिजली कंपनी के पोलोग्राउंड स्थित मुख्यालय को भी घेरने के लिए सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे। इस दौरान पदाधिकारियों ने ट्रांसफाॅर्मर को माला पहनाकर और तिलक लगाकर विरोध दर्ज करवाया।

बिजली कंपनी के पोलोग्राउंड स्थित मुख्यालय को घेरने के लिए सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे। - Dainik Bhaskar

जिलाध्यक्ष डॉ. पीयूष जोशी के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन में कई बिजली उपभोक्ताओं ने भी साथ दिया। जोशी ने बताया कि पूरे इंदौर में सभी बिजली उपभोक्ताओं के अबकी बार मिले बिल असंगत रूप से बढ़े हुए प्राप्त हुए हैं। कई उपभोक्ताओं के बिल तो सामान्य बिल से आठ से दस गुना तक ज्यादा आए हैं। शिकायतों के निवारण के पहले ही कई उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए गए हैं। “आप” की मांग है कि उपभोक्ताओं की शिकायत का निराकरण एक निश्चित समय-सीमा में किया जाए। साथ ही साथ उपभोक्ताओं के बिजली बिल माफ किए जाएं। कंपनी को होने वाला नुकसान मप्र सरकार वहन करे।

पदाधिकारियों ने ट्रांसफाॅर्मर को माला पहनाकर और तिलक लगाकर विरोध दर्ज करवाया।

पदाधिकारियों ने ट्रांसफाॅर्मर को माला पहनाकर और तिलक लगाकर विरोध दर्ज करवाया।

ज्ञापन लेने बिजली कंपनी के अधिकारियों के देरी से आने पर आप के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। कंपनी के कुछ अधिकारियों के साथ उपाध्यक्ष सतीश मलिक और सचिव मनोज यादव की तीखी बहस भी हुई। इसके बाद आप के कार्यकर्ता मौके पर ही धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद कंपनी के अधिकारी संतोष टैगोर मौके पर पहुंचे और उन्होंने ज्ञापन लेते हुए उनकी बात सुनी। टैगोर ने कैंप लगाकर 5 दिन में समस्या को हल करने का आश्वासन दिया।

जोशी का कहना है कि मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के समय मंडल न सिर्फ मुनाफे में चलता था, बल्कि उपभोक्ता और मंडल के कर्मचारी भी संतुष्ट थे। जबसे यह कंपनी बनी है तबसे हजारों करोड़ का घाटा भी हो रहा है, बिजली की कीमतें आसमान छू रही हैं। साथ ही साथ कर्मचारी, उपभोक्ता सभी परेशान हैं। यह कंपनी ठेकेदारों और मंत्री अधिकारियों की सांठगांठ का एक उदाहरण बन चुकी है। पार्टी ने इस वित्तिय विसंगति की न्यायिक जांच की भी मांग की है। उनका कहना था कि समयबद्ध तरीके में समस्या का समाधान न निकलने पर आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा।

Ramswaroop Mantri

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