इंदौर।आल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन के आह्वान पर आज देश के लाखों बैंककर्मियों ने केंद्र सरकार द्वारा जारी इस हड़ताल विरोधी अध्यादेश तथा सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों के निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन आयोजित किया। -म.प्र.बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन के चेयरमैन मोहन कृष्ण शुक्ला ने बताया कि देश के 41 रक्षा उत्पादन कारखानों के लगभग 4 लाख कर्मियों द्वारा 26 जुलाई से घोषित अनिश्चितकालीन हड़ताल के संदर्भ में केंद्र सरकार द्वारा एक अध्यादेश जारी कर औधोगिक संबंध अधिनियम में संशोधन द्वारा इस हड़ताल पर प्रतिबंध लगा दिया है। अधिक काम से मना करना हड़ताल माना जाएगा तथा हड़ताल पर जाने पर एक वर्ष की सजा तथा दस हजार रुपए जुर्माना होगा। हड़ताल का प्रेरित करने वाले को ढेड वर्ष की सजा और पंद्रह हजार रुपए जुर्माना होगा। हड़ताल को संज्ञेय तथा गैरजमानती अपराध घोषित कर दिया गया है। इस कठोर अलोकतांत्रिक तथा श्रमिक विरोधी अध्यादेश के विरुद्ध आज केंद्रीय श्रम संगठनों, रक्षा आयुधकर्मियों तथा अन्य स्वतंत्र श्रम संगठनों के लाखों श्रमिकों के साथ बैंककर्मियों ने भी अपनी शाखाओं में बैज धारण कर प्रदर्शन किया। इंदौर नगर की सभी बैंकों की शाखाओं में बैंककर्मियों ने प्रदर्शन में भाग लिया।
केंद्र सरकार द्वारा जारी हड़ताल विरोधी अध्यादेश के विरुद्ध बैंककर्मियों द्वारा प्रदर्शन





