लवलिना बोरगोहेन बॉक्सिंग में मेडल जीतने वाली तीसरी बॉक्सर बन गई हैं। उन्हें गोल्ड, सिल्वर या ब्रॉन्ज मेडल मिलेगा, इसका फैसला आने वाले मुकाबलों में तय होगा। अब तक भारत के दो बॉक्सर ओलिंपिक में देश के लिए मेडल जीत चुके हैं। सबसे पहले 2009 बीजिंग ओलिंपिक में विजेंद्र सिंह और 2012 लंदन ओलिंपिक में मेरीकॉम ने देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता था।

लवलिना असम की दूसरी खिलाड़ी हैं, जो ओलिंपिक में भाग ले रही हैं। उनसे पहले बॉक्सिंग में ही शिव थापा ने 2012 लंदन ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

लवलिना बोरगोहेन ने क्वार्टर फाइनल में चाइनीज ताइपे की चिन निएन चेन को हराया। तीनों राउंड में लवलिना ने प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज को टिकने नहीं दिया। जीत के बाद लवलिना खुशी से झूम उठीं।

लवलिना और चेन के खिलाफ पहला बाउट काफी नजदीकी रहा। इस बाउट में 5 में से 3 जजों ने लवलिना के और 2 जज ने चेन के पक्ष में फैसला दिया। जबकि दूसरे राउंड में भी जजों ने भारत के फेवर में एकतरफा फैसला सुनाया।

लवलिना के नाम कई कीर्तिमान
- लवलिना 2018 और 2019 में हुए वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं।
- वह 2017 में एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भी ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी है।
- 2018 कॉमनेवल्थ गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
- लवलिना अर्जुन अवॉर्ड पाने वाली असम की छठी खिलाड़ी रहीं हैं।




