भोपाल. मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सदन में जमकर हंगामा हुआ. कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू किया. विजयलक्ष्मी साधो और सज्जन सिंह वर्मा ने आदिवासी दिवस पर अवकाश घोषित नहीं करने और आदिवासी क्षेत्रों में आयोजन पर रोक लगाए जाने के विरोध में जमकर हंगामा किया. हंगामा इतना बढ़ा कि कांग्रेस के विधायक गर्भ गृह तक जा पहुंचे और जमकर नारेबाजी की.

विपक्ष के विधायकों के शोर-गुल के बीच सदन की कार्रवाई शुरू हुई. 26 दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी गई. हंगामे के बीच ही छत्तीसगढ़ में शहीद जवान, विदिशा के पठार गांव में कुआं धसने से मारे गए लोगों समेत कोरोना की दूसरी लहर में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के दिवंगतों को श्रद्धांजलि देते समय भी विपक्ष के विधायक नारेबाजी करते रहे. मुख्यमंत्री के श्रद्धांजलि देने के दौरान ही विपक्ष ने सदन से वॉक आउट किया. हालांकि, कमलनाथ के श्रद्धांजलि देने के दौरान सभी विधायक सदन में वापस आ गए.
कांग्रेस ने लगाए ये आरोप
कमलनाथ ने दिवंगतो को श्रद्धांजलि देने के साथ नकली शराब से मारे गए लोगों का जिक्र भी श्रद्धांजलि में किया. कांग्रेस का आरोप है कि आदिवासियों को लेकर सरकार को अवकाश घोषित करना चाहिए था. आदिवासी दिवस पर भी सरकार ने आयोजनों पर रोक लगाकर आदिवासियों के साथ धोखा किया है. आदिवासी विधायक कांतिलाल भूरिया ने कहा कि तत्कालीन कमलनाथ सरकार में आदिवासी दिवस पर अवकाश घोषित किया गया था. इसके अलावा आदिवासी क्षेत्रों में आयोजन के लिए एक लाख रुपए की राशि जारी हुई थी लेकिन इस बार आदिवासी दिवस पर आयोजनों पर ही रोक लगा दी गई.
बीजेपी ने कहा- चर्चा से भाग रही कांग्रेस
वहीं, बीजेपी ने सदन के अंदर विपक्ष के रवैए को आपत्तिजनक बताया है. गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने विपक्ष पर सार्थक चर्चा से भागने का आरोप लगाया. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस में सदन के अंदर डिबेट करने वाला कोई नेता नहीं बचा. प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ से तबाही आई है. बड़ी जनजाति आबादी प्रभावित हुई है, लेकिन जनहित से जुड़े मुद्दे को उठाने के बजाय कांग्रेस सियासत को चमकाने की कोशिश में है. मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि विधानसभा में गौरवशाली इतिहास पर कांग्रेस के विधायकों ने कुठाराघात किया है. सदन की परंपरा रही है कि दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी जाती है. लेकिन, मीडिया में सुर्खियां बनने के लिए विपक्ष ने हंगामे का सहारा लिया.




