विधानसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बाद मॉनसून सत्र पूरे दो दिन भी नहीं चल पाया. सदन में इसी शोर शराबे के बीच अनुपूरक बजट और महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दे दी गयी.मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी.मॉनसून सत्र दो दिन में ही खत्म कर दिया गया.विपक्ष के हंगामे के बीच अनुपूरक बजट और महत्वपूर्ण विधेयक पास कर दिये गए.इससे पहले विधानसभा में लगातार दूसरे दिन सदन में असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया गया.जिन शब्दों को विधानसभा में असंसदीय घोषित किया गया है विधायकों ने सदन में उन्हीं शब्दों का इस्तेमाल किया.कांग्रेस विधायक ब्लैक एप्रेन पहनकर सदन में आए.उस पर 19 असंसदीय शब्द लिखे हुए थे
बीजेपी विधायक दल की आज शाम फिर से बैठक होगी.ये बैठक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शाम 6 बजे ये बैठक बुलायी है.इसमें ओबीसी को 27% आरक्षण के मामले पर कांग्रेस के आरोप का जबाब देने के लिए रणनीति तैयार होगी.आदिवासियों के मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की भी रणनीति बनायी जाएगी.
एमपी विधानसभा में आज दूसरे दिन की कार्यवाही हंगामे और शोर शराबे से शुरू हुई.महंगाई के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरा.कांग्रेस विधायक मेवाराम जाटव के सवाल पर वित्त मंत्री ने जैसे ही जवाब दिया वैसे ही पूरा विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया.महंगाई के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने स्थगन प्रस्ताव पर तुरंत विधानसभा अध्यक्ष से चर्चा कराने की मांग की.स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा नहीं कराए जाने से नाराज तमाम विपक्षी दल के विधायक आसांदी के घेराव करने के लिए पहुंच गए.जहां उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया.हंगामा बढ़ते देख विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को 26 मिनट के लिए 12:00 बजे तक स्थगित कर दिया.
विधानसभा में OBC आरक्षण पर कांग्रेस का हंगामा, CM शिवराज ने भी कमलनाथ पर जड़ा आरोप
आदिवासी दिवस पर आदिवासियों से जुड़ा मुद्दा उठाने के बाद मप्र में विपक्ष ने आज विधानसभा में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर हंगामा खडा कर दिया.. कांग्रेस के विधायक काला ऐप्रेन पहनकर विधानसभा में गांधी प्रतिमा पर पहुंचे और ओबीसी को 27 फीसद आरक्षण देने की मांग की. सीएम शिवराज सिंह चौहानने इसे कांग्रेस की समाज को तोड़ने की साजिश बताया.
कांग्रेस का कहना है सरकार को पिछड़ा वर्ग को 27 फीसद आरक्षण देने का फैसला करना चाहिए और कोर्ट में मजबूती के साथ अपना पक्ष रखना चाहिए. अपनी इस मांग को लेकर कांग्रेस विधायक काला एप्रेन पहनकर विधानसभा में पहुंचे और जमकर नारेबाजी की. वहीं ओबीसी आरक्षण के मुद्दे को लेकर सीएम शिवराज ने कमलनाथ पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस समाज को तोड़ने का काम रही है. उसने कल आदिवासियों के मुद्दे पर और आज अनुसूचित जाति के मुद्दे पर भ्रम फैलाने की कोशिश की. कांग्रेस भ्रम फैलाने की कोशिश और पाखंड कर रही है. शिवराज ने कहा कि 27 फीसद आरक्षण की मांग लेकर आज कांग्रेस विधायक सदन में काला एप्रेन पहनकर आए, यह सदन का अपमान है. नेता प्रतिपक्ष को इस पर जवाब देना चाहिए. कमलनाथ सरकार ने आरक्षण के नाम पर पिछड़े वर्ग को धोखा दिया है. पिछड़े वर्ग की पीठ में छुरा घोंपा है.विज्ञापन
कांग्रेस ने पाखंड किया
सीएम शिवराज ने याद दिलाया कि कमलनाथ सरकार 2019 में 14 से 27 फीसदी आरक्षण का प्रावधान लेकर आयी थी. इस पर 10 तारीख को कोर्ट में याचिका लगी और 19 तारीख को कोर्ट ने उस पर स्टे कर दिया. कमलनाथ को जवाब देना होगा कि 27 फीसद आरक्षण बरकरार करने के लिए 10 से 19 तारीख तक सरकार ने क्या किया. जब याचिका दाखिल हुई तो इसके रोकने के लिए क्या कदम उठाए. पूरी सरकार आंख पर पट्टी बांधकर बैठी रही. कांग्रेस नहीं चाहती थी कि पिछड़ा वर्ग को आरक्षण मिले. सीएम शिवराज ने कहा कि कांग्रेस ने पाखंड किया है, लेकिन बीजेपी सरकार पिछड़ा वर्ग को 27 फीसद आरक्षण दिलाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी.





