भोपाल
बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ CM हाउस का घेराव करने जा रहे मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पीसीसी से निकलते ही रोक लिया है। कार्यकर्ताओं को रेडक्रॉस हॉस्पिटल के सामने रोका गया है। यहां पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प हो गई। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास, विधायक जयवर्द्धन सिंह, कुणाल चौधरी समेत कई नेता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का उपयोग किया, जिससे आंदोलनकारी तितर-बितर हो गए। इस दौरान MLA जयवर्द्धन सिंह के कपड़े फट गए।
पुलिस ने कांग्रेसियों को घसीट-घसीट कर बस में बैठाया। प्रदर्शकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठियां भी चलाईं। इस बीच कुछ महिला कार्यकर्ता सामने आ गईं। उनका आरोप है, पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया है। वहां महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थीं। पुलिस ने करीब 300 से 400 कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार भी किया है। सभी कार्यकर्ताओं को रातीबड़ ले जाया गया है। बाद में इन्हें कार्रवाई के बाद छोड़ दिया गया।
इससे पहले, प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर कांग्रेसियों की खासी भीड़ जमा हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास ने कहा कि शिवराज सरकार कांग्रेस के घेराव से डर गई है, इसलिए विधानसभा सत्र समय से पहले ही खत्म कर दिया। मध्यप्रदेश बेरोजगारी में नंबर-1 है। मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री बंगाल चुनाव में व्यस्त थे और प्रदेश में लोग कोरोना से मर रहे थे।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में देश का अन्नदाता 8 महीने से बैठा है, लेकिन केंद्र सरकार कुछ नहीं कर रही है। देश में लोग कोरोना से नहीं बल्कि स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से मरे हैं। लोगों को समय पर ऑक्सीजन, बेड और वेंटिलेटर की सुविधा नहीं मिल पाई।

कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान विधायक जयवर्द्धन के कपड़े फट गए।
PCC चीफ कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश किसानों की आत्महत्या, महिला अत्याचार और बेरोजगारी में नंबर-1 है। हमें सिर्फ साढ़े 11 महीने मिले थे। हमने किसानों के कर्जा माफ किया।
प्रदर्शन में कांग्रेस के कई सीनियर नेता शामिल हैं। मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी सीपी मित्तल समेत पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, सुरेश पचौरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल भैया, पूर्व मंत्री व विधायक सज्जन सिंह वर्मा, पीसी शर्मा, जीतू पटवारी, सुरेंद्र सिंह हनी बघेल, युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विक्रांत भूरिया, विधायक कुणाल चौधरी, विपिन वानखेड़े, आरिफ मसूद, लखन घनघोरिया, गोपाल सिंह डग्गी राजा, संगठन मंत्री राजीव सिंह भी मंच पर मौजूद हैं।

यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने भी तैयारी कर रखी थी।
मंच पर चढ़ने को लेकर विवाद
PCC के सामने बनाए गए मंच पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता चढ़ गए। मंच के गिरने की संभावना के चलते इन कार्यकर्ताओं को नीचे उतारा गया। हालांकि, इस दौरान कांग्रेसियों में नोंकझोंक भी हो गई। सीनियर नेताओं की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ।
बता दें इससे पहले युवा कांग्रेस ने विधानसभा घेराव की रणनीति बनाई थी। विधानसभा का मानसून सत्र 9 से 12 अगस्त तक के लिए बुलाया गया था, लेकिन सत्र 10 अगस्त को ही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया। इसके बाद युवा कांग्रेस ने अपनी रणनीति बदलकर सीएम आवास का घेराव करने का ऐलान किया। कांग्रेसियों को घेराव से रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। वज्र समेत पानी की बौछार करने के लिए दमकलें बुलाई गई हैं। पुलिस ने व्यापमं चौराहे से गुलाब पार्क तक के हिस्से को पुलिस छावनी में बदल दिया है।
पूरे प्रदेश से आए कांग्रेसी
प्रदेश के हर जिले से युवा कांग्रेस और NSUI के जिलाध्यक्ष अपनी-अपनी टीम के साथ भोपाल पहुंचे हैं। सेवादल संगठन भी ताकत दिखा रहा है। मुख्य संगठक रजनीश सिंह के नेतृत्व में वे शामिल हो रहे हैं।

प्रदर्शन के चलते भोपाल में प्रदेशभर से जुटे हैं कांग्रेसी।
बैरिकेडि्ंग कर रास्ते रोके, वॉटर कैनन बुलाई
पुलिस ने 74 बंगला, व्यापमं चौराहा, पांच नंबर और विधानसभा रोड पर बैरिकेड्स लगाए हैं। ताकि कांग्रेसी आगे नहीं बढ़ सके। वॉटर कैनन भी आ चुकी है। जिसकी पुलिस ने टेस्टिंग की है। डीआईजी इरशाद वली खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। मुख्यमंत्री निवास जाने वाले दोनों तरफ भी पुलिस तैनात की गई है।

भोपाल एयरपोर्ट पर युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी।
इसलिए कांग्रेस का प्रदर्शन
युवा कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रदेश अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी ने बताया कि युवा कांग्रेस के विधानसभा घेराव से प्रदेश की भाजपा सरकार डर गई है। भाजपा सरकार युवाओं और किसानों की आवाज को दबाना चाह रही है। इसे हम सफल नहीं होने देगे। युवा कांग्रेस रूकने वाली नहीं है। त्रिपाठी ने कहा कि भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों और प्रदेश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी के मामले को लेकर युवा कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पीसीसी मुख्यालय पर एकजुट हो रहे हैं। यहां से सीएम हाउस के घेराव के लिए निकलेंगे।





