अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

जनसंख्या नियंत्रण कानून का मामला हाई कोर्ट पहुंचा; बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने

Share

जबलपुर. सियासत दलों के बीच जुबानी जंग का विषय बना जनसंख्या नियंत्रण कानून मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की दहलीज पर पहुंच गया है. कोर्ट में 8 सितंबर को सुनवाई होने जा रही है. इस बीच एक महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आया है जिस पर एक बार फिर जनसंख्या के मामले पर भाजपा कांग्रेस आमने-सामने हैं. दरअसल कांग्रेस ने तत्कालीन दिग्विजय सिंह सरकार के वक्त सन 2000 में जनसंख्या नियंत्रण नीति लेकर आई थी लेकिन किन्ही कारणों से लागू नहीं हो सकी और 2003 में प्रदेश में सत्ता का परिवर्तन भी हो गया. तब से लेकर आज तक जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर सिर्फ जुबानी जंग ही देखने को मिली है.

प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस विधायक तरुण भनोट ने कहा कि हमारी सरकार तो इस मामले में नीति लेकर आई लेकिन जब 2003 से प्रदेश में 15 साल तक भाजपा का शासन रहा तब जनसंख्या नियंत्रण को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया. जनसंख्या नियंत्रण को लेकर पूर्व मंत्री ने अपनी व्यक्तिगत राय बताई कि यह बेहद आवश्यक है और उसे जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए. वहीं भाजपा, कांग्रेस के बयान से उस पर ही सवाल खड़े कर रही है. बीजेपी विधायक इंदु तिवारी का कहना है कि कांग्रेस क्या करना चाहती है, उसे वह खुद ही नहीं पता. अगर नीति लेकर आई थी तो जब भाजपा ने जनसंख्या नियंत्रण कानून के मुद्दे को जनता के समक्ष रखा तो विरोध क्यों किया गया.

जनसंख्या नियंत्रण कानून को मध्य प्रदेश में लागू करने के लिए सामाजिक संगठन नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ पीजी नाजपांडे बताते हैं कि आगामी 8 सितंबर को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट इस महत्वपूर्ण मामले में सुनवाई करेगा. जो भी हो बीजेपी कांग्रेस सियासी बयानबाजी जरूर करे लेकिन इस मसले को लेकर प्रदेश में पहले से ही नीति मौजूद है. आखिर उस मामले पर एक भी कदम आगे क्यों नहीं पड़ा यह सबसे बड़ा सवाल है.

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें